नई शुरुआत:धनांसू में हाईएंड एक्सपोर्ट ओरिएंटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन केन्द्रीय मंत्र नितिन गडकरी आज करेंगे

लुधियाना8 महीने पहले
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9000 को मिलेगा रोजगार, इनमें 50% महिलाएं होंगी - Dainik Bhaskar
9000 को मिलेगा रोजगार, इनमें 50% महिलाएं होंगी
  • गडकरी और सीएम वर्चुअल समागम के दौरान करेंगे हीरो मोटर्स के 100 एकड़ में बने प्लांट का अनावरण

धनांसू में हीरो मोटर्स हीरो ई-साइकिल वैली में नए हाईएंड एक्सपोर्ट ओरिएंटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का अनावरण केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह मंगलवार को वर्चुअल समागम में करेंगे। 100 एकड़ में बने प्लांट में 50 एकड़ में हीरो ई-साइकिल फैक्ट्री बनी है, जबकि शेष 50 एकड़ में एचएमसी के वैश्विक डिजाइन, इंजीनियरिंग और रिसर्च एवं डेवलपमेंट फैसिलिटी (जर्मनी और ब्रिटेन आधारित) के साथ सप्लायर पार्क बना है। इसके लगने से प्रोडक्शन क्षमता में सालाना 10 मिलियन यूनिट की वृद्धि होगी। इसमें 4 मिलियन प्रीमियम साइकिल, ई-साइकिल का प्रोडक्शन होना शामिल है। ये बात हीरो मोटर्स कंपनी, एचएमसी चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज एम मुंजाल ने प्रेस वार्ता में कही।

दुनिया का सबसे महंगा इलेक्ट्रिक साइकिल तैयार किया, कीमत 8 लाख रुपए
आदित्य और अभिषेक मुंजाल ने बताया कि चीन की जगह अब भारत भी ई-साइकिल फैक्ट्री ऑफ द वर्ल्ड बन सकता है, अगर सरकार पीएलआई(प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) में साइकिल इंडस्ट्री को शामिल करे और करीब एक हजार करोड़ रुपए की मदद दे तो ऐसा संभव है। मौजूदा समय में चाइना में इलेक्ट्रिक साइकिल बनती है। देश में तो अभी शुरुआत हुई है। हमारे पास ई-साइकिल के 2023 तक के ऑर्डर हैं, जो सितंबर तक बनकर तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि कंपनी ने दुनिया का सबसे महंगा इलेक्ट्रिक साइकिल तैयार किया है। इसकी कीमत 8 लाख रुपए है।

इसे बर्लिन में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि एचएमसी अपनी वैश्विक उपस्थिति का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए हमने महाद्वीपों के बीच इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग चेन स्थापित करने का उद्देश्य रखा है। हमारी डिजाइन और रिसर्च और डेवलपमेंट यूरोप बेस्ड है। इससे हमें देश में मैन्युफैक्चरिंग बेस को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे हमें कीमत में लाभ प्रदान करने में सुविधा मिलेगी। ई-साइकिल वैली एचएमसी को 2025 तक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी बनने के हमारे लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है।

9000 को मिलेगा रोजगार, इनमें 50% महिलाएं होंगी

नए प्लांट के खुलने से हीरो ई-साइकिल वैली के परिचालन का पहला चरण शुरू हुआ है। इसके शुरुआती दौर में 1 हजार लोगों को सीधा और पूरा होने पर 9 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें 50 फीसदी महिलाएं होंगी। इसके अलावा 20 एमएसएमई यूनिट को भी इससे जोड़ा गया है, जोकि आने वाले समय में शामिल होंगे। साइकिल वैली को संचालित करने और यूरोपीय यूनियन और यूके में हीरो इंटरनेशनल को विकसित करने के लिए दो साल में 1,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की इन्वेस्टमेंट है। जबकि एचएमसी ई-साइकिल वैली के संचालन में 350 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। इसके अलावा विक्रेता लगभग 400 करोड़ रुपए ला रहे हैं।

5 कंपनियों से होगा जॉइंट वेंचर 20 एमएसएमई को जोड़ा जाएगा
एचएमसी इलेक्ट्रिक मोटर के स्थानीयकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनी के साथ जॉइंट वेंचर को अंतिम रूप देने के लिए पहले से ही वार्ता कर रही है। देश में अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता वाले अलॉय फ्रेम, सस्पेंशन और सीवीटी के निर्माण के लिए एक और जॉइंट वेंचर के साथ बातचीत कर रहा है। हीरो मोटर्स कंपनी की सहायक प्रीमियम साइकिल पार्ट्स निर्माता सुपर टेक्नोलॉजी पहले ही वैली में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर चुकी है।

हाईएंड कंपोनेंट के स्थानीय और इनोवेशन सेंटर होने से इकोसिस्टम एचएमसी के मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को अपग्रेड कर साइकिल को 150 से 500 और और इलेक्ट्रानिक बाइक्स को 1000 से 5000 अमेरिकी डॉलर में बनाने की उम्मीद है। क्लास इकोसिस्टम में सर्वश्रेष्ठ और मेक इन इंडिया हब बनाने में देश को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता वाली साइकिल, ई-बाइक और ऑटो कंपोनेंट की मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनने में सक्षम करेगा।

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