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सेफ्टी में ही बचाव:कोरोना संक्रमण रोकने को स्मार्ट की करें इस्तेमाल, डोर हैंडल, एटीएम, टाॅयलेट फ्लश और लिफ्ट के बटन से संपर्क होगा खत्म

लुधियानाएक वर्ष पहले
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  • सीटी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने बनाई 3 डी प्रिंटेड कोविड-19 सेफ्टी की
  • सेनेटाइजर के उपयोग को काफी हद तक कर देगी कम

कहते हैं जरूरत अविष्कार की जननी होती है, इसी बात को सच साबित करते हुए सीटी यूनिवर्सिटी के रोबोटिक्स और ऑटोमेशन लैब ने पोली इलेक्टिक एसिड मैटीरियल से बनी 3 डी प्रिंटिड कोविड-19 सेफ्टी की (सुरक्षित चाबी) विकसित की है।

ये सेफ्टी की एल और यू-आकार के हैंडल वाले दरवाजे को आसानी से खोल सकती है। इस सेफ्टी की से एटीएम और लिफ्ट के बटन और यहां तक कि टॉयलेट फ्लश बटन पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

सीटी यूनिवर्सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर मनबीर सिंह ने टीम के सदस्यों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें भविष्य में भी इस तरह के नए-नए आविष्कार करने के लिए प्रेरित किया।

सेनेटाइजर के उपयोग को काफी हद तक कर देगी कम

असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हरमीत सिंह ने बताया कि हम अक्सर बेसिक को भूलकर एडवांस्ड की तरफ हो जाते हैं, लेकिन कई बार बेसिक चीजें ही बहुत सेफ्टी की होती हैं। इस चाबी को बनाने का उद्देश्य कोविड-19 महामारी से बचने के लिए लोगों को एक साधन उपलब्ध करवाना था।

जब भी हम मॉल, अस्पताल, बैंकों और अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाते हैं तो हम सेफ्टी की का इस्तेमाल करके खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। इसकी कीमत भी 35 रुपए है जो बाजार में उपलब्ध अन्य सेफ्टी की के मुकाबले में काफी कम है। इस की को सिटी यूनिवर्सिटी से खरीदा जा सकता है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वैसे तो सेफ्टी की डिजाइन इंटरनेट पर उपलब्ध है, लेकिन हम ने बुनियादी आवश्यकताओं के अनुसार इस को डिजाइन किया है।

सेफ्टी की दूषित सतहों पर हाथ के संपर्क को समाप्त कर देगी और ये सेनेटाइजर के उपयोग को काफी हद तक कम कर देगी, क्योंकि हमें संपर्क के दौरान अपने हाथों को सेनेटाइज करने की तुलना में सेफ्टी की को बहुत कम बार साफ करना होगा।

कोविड-19 के बाद भी बाहर के इंफेक्शन से बचाव के लिए सेफ्टी की का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे कीरिंग की तरह इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

हालांकि पहले अटेंप्ट में डिज़ाइन सही नहीं बना था। उसमें हैंडल ग्रिप सही नहीं थी। इसके बाद पुनः प्रयास से इसे एक परफेक्ट शेप दी गई, जिससे कि इसका प्रयोग बेहतर तरीके से किया जा सके।

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