पंजाब में कांग्रेस की पहली चुनावी रैली:CM चन्नी बोले- केबल वालों को 100 रुपए ही देना, ऑटोवालों को देंगे सर्टिफिकेट जिसके बाद पुलिस नहीं रोकेगी

लुधियाना7 महीने पहले
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पंजाब में कांग्रेस ने सोमवार को लुधियाना से साढ़े 3 महीने बाद होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने यहां पहली चुनावी रैली की। इस दौरान मंच पर उनके साथ पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू, कांग्रेस के पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी के अलावा पंजाब के कैबिनेट मंत्री मनप्रीत बादल और भारत भूषण आशु भी मौजूद रहे।

रैली में CM चन्नी ने कई बड़े ऐलान किए। चन्नी ने कहा कि बिजली, पानी के रेट कम करने के बाद सरकार लोगों को बड़ी राहत देने जा रही है। ट्रांसपोर्ट माफिया पर नकेल कसने के बाद अब केबल माफिया का तार कटेगा। पंजाब में केबल का 100 रुपए रेट फिक्स करेंगे। अगर केबल वाला इससे ज्यादा पैसे मांगे तो कह देना कि CM चन्नी ने कहा है।

उन्होंने कहा कि पता चला है कि 400 रुपए से 1000 रुपए तक केबल का किराया लिया जा रहा है। जब बिजली सस्ती की तो लग रहा है कि सबसे ज्यादा लूट तो केबल माफिया ने मचा रखी है और इसीलिए यह फैसला लिया जा रहा है। CM चन्नी ने तो यह भी ऐलान किया कि अब यह काम बड़े घरानों से लेकर बेरोजगार युवकों को दिया जाएगा। यह हरगिज नहीं चलेगा कि पंजाब के व्यापार पर एक ही परिवार का कब्जा हो।

रैली से पहले शहीद किसानों के परिजनों को नियुक्ति पत्र देते CM चन्नी।
रैली से पहले शहीद किसानों के परिजनों को नियुक्ति पत्र देते CM चन्नी।

हड़ताल पर चल रहे निगम कर्मचारियों को पक्का करने का एलान

CM चरणजीत सिंह चन्नी ने पिछले दिनों से हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों और नगर निगम के कच्चे मुलाजिमों को 10 दिन में पक्का करने का एेलान किया। उन्होंने कहा कि सभी मुलाजिमों को पक्का करने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है। उन्होंने एलान किया कि ठेकेदारी सिस्टम को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा और 10 साल नौकरी करने की शर्त को भी समाप्त किया जा रहा है। रिवायत के उलट सिद्धू ने कड़वल को उम्मीदवार बताया रैली में नवजोत सिंह सिद्धू भी अपने तड़क-भड़क वाले भाषण के साथ स्टेज पर नजर आए। सिद्धू कई बार मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को सिर्फ चन्नी कहते सुने गए। यही नहीं उन्होंने कांग्रेस की रिवायत के उलट पहली ही चुनावी सभा में कंवलजीत सिंह कड़वल को बातों-बातें में उम्मीदवार घोषित कर दिया। भाषण में सिद्धू बोले यह जो पीली पगड़ी वाले की फोटो उठाकर घूम रहे हो ना (कंवलजीत सिंह कड़वल के कंधे पर हाथ रखकर) यह कड़वल ही जीत रहा है इस बार, बधाई है तुझे ठोक कर जीत रहा है।

लुधियाना रैली को संबोधित करते सीएम चन्नी और मंच पर विराजमान कांग्रेसी।
लुधियाना रैली को संबोधित करते सीएम चन्नी और मंच पर विराजमान कांग्रेसी।

जब वर्करों ने हूटिंग की तो सिद्धू बोले कड़वल के नाम पर बड़ा करंट लगता है 'साला' और जो बोले सो निहाल का जयकारा लगा दिया। कभी ऐसा नहीं हुआ है। हर उम्मीदवार का ऐलान करने के लिए पार्टी के पास अपना संविधान है और इसी के तहत ही विचार विमर्श के बाद यह किया जाता है।

हरीश चौधरी और किशोरी लाल ने नहीं किया संबोधित

लुधियाना रैली में पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी और आल इंडिया कांग्रेस सचिव किशोरी लाल भी पहुंचे थे। मंच से संबोधन कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू, सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, नवजोत सिंह सिद्दू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने ही किया। मंच पर बैठे सांसद मोहम्मद सदीक, सांसद अमर सिंह, विधायक राकेश पांडे, विधायक सुरिंदर डाबर, विधायक संजय तलवाड़ और यहां तक कि जिला कांग्रेस शहरी अध्यक्ष को मौका नहीं मिला। मुख्यमंत्री तय समय से करीबन डेढ़ घंटा देरी से कार्यक्रम में आए। इस दौरान गायक सिंघा ने गीत पेश किए।

लुधियाना में रैली को संबोधित करते हुए PPCC प्रधान नवजोत सिद्धू।
लुधियाना में रैली को संबोधित करते हुए PPCC प्रधान नवजोत सिद्धू।

हालांकि पंजाब कांग्रेस में सिद्धृ और चन्नी के बीच मतभेद पैदा होने से जुड़ी चर्चाओं के बीच कांग्रेस नेताओं ने लुधियाना रैली में एकजुटता दिखाने का प्रयास भी किया। इसके लिए सिद्धू और चन्नी एक ही सोफे पर बैठे। सिद्धू बोले, ‘मैं मंच से ऐलान करता हूं कि पंजाब से खनन माफिया खत्म करके रहूंगा। मैं इस्तीफा दे दूंगा लेकिन पंजाब में रेत की एक ट्रॉली 3400 रुपए से 1000 रुपए पर लेकर आऊंगा। प्रदेश का कर्जा तभी उतरेगा जब सरकारी खजाने में पैसा आएगा। हम पंजाब में माफिया राज खत्म करेंगे। पंजाब को गिरवी रखकर आने वाला पैसा हराम है। इस चुनाव में ईमान जीतेगा।’

सिद्धू का कैप्टन और अकालियों पर निशाना

पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिए बिना सिद्धू ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले मुख्यमंत्री को भाजपा ने बांह मरोड़कर नचाया। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए सिद्धू ने कहा कि हम पंजाब मॉडल पेश करेंगे। हमारे शोर मचाने के बाद बिजली के दाम कम हो गए हैं। इंडस्ट्री को पंजाब में 5 रुपए प्रति यूनिट बिजली देंगे।

लुधियाना रैली में पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ता।
लुधियाना रैली में पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ता।

सिद्धू ने कहा कि पंजाब मॉडल के तहत 13 एजेंडे लेकर आएंगे। रैली में पूरे जोश के अंदर नजर आ रहे सिद्धू ने स्टेज से शिरोमणि अकाली दल के नेताओं को भी खूब निशाने पर लिया। अकाली दल प्रधान सुखबीर सिंह बादल का नाम लिए बगैर सिद्धू ने कहा कि किसी के बाप की जमीन नहीं है कि उस जहां मन किया केबल डाल लो। 2 बसों से सैकड़ों की लंबी लाइन खड़ी कर लो।

एकजुटता दिखाने के लिए कांग्रेसियों ने पकडे़ हाथ

यह रैली लुधियाना के आत्मनगर विधानसभा क्षेत्र में हुई। मुख्यमंत्री चन्नी ने इसमें स्टेज पर चढ़ते ही माथा टेका और फिर हाथ जोड़कर सबका अभिवादन किया। सिद्धू ने भी स्टेज पर चढ़ते ही अपना पुराना अंदाज दिखाते हुए क्रिकेट शॉट मारने का इशारा किया। उसके बाद सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी, सीएम चन्नी और मनप्रीत बादल का हाथ पकड़कर एकजुटता होने का संदेश देने की कोशिश की।

लुधियाना में सोमवार को रैली की तैयारियों में जुटे कांग्रेसी।
लुधियाना में सोमवार को रैली की तैयारियों में जुटे कांग्रेसी।

कांग्रेस के लिए लुधियाना इसलिए अहम

लुधियाना क्षेत्रफल और विधानसभा सीटों के लिहाज से पंजाब का सबसे बड़ा जिला है। यहां 14 विधानसभा सीटें हैं जिनमें 6 शहर में और 8 देहात से संबंधित हैं। यहां कांग्रेस पहले से मजबूत स्थिति में है। हालांकि कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस छोड़ने के बाद हालात बिगड़ सकते हैं। इसलिए पार्टी ने यहां से अपने प्रचार अभियान शुरू किया। आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल पहले ही चुनाव प्रचार शुरू कर चुके हैं। इसी वजह से इस रैली से पहले कांग्रेस के पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी 2 दिन लुधियाना में रहे। उन्होंने यहां सिटी और देहात के पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। कहा जा रहा है कि उनकी तरफ से सभी विधायकों और नेताओं को रैली को सफल बनाने के लिए हर तरह का प्रयास करने को कहा गया।

नामधारी समुदाय के समारोह में शामिल नवजोत सिद्धू।
नामधारी समुदाय के समारोह में शामिल नवजोत सिद्धू।

सुखबीर बादल पूरी तरह सक्रिय

शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल लुधियाना में तीन माह से सक्रिय हैं। वह हर महीने शहर के 4-5 चक्कर लगा रहे हैं। सुखबीर व्यापारियों से लेकर बड़े कारोबारियों के साथ मीटिंग कर चुके हैं। भाजपा से गठजोड़ टूटने के बाद वैसे भी सुखबीर बादल शहरी वोट बैंक को अकाली दल से जोड़ने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं।

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