किसान संगठनों की कमेटी ने शुरू की जांच:फैक्ट फाइडिंग कमेटी सिंघु पर हुए मर्डर को लेकर बाबा अमन समेत तमाम लोगों से बात करेगी

लुधियानाएक महीने पहले
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सिंघु बॉर्डर हत्याकांड में किसान संगठनों ने फैक्ट फाइडिंग कमेटी बनाई है। - Dainik Bhaskar
सिंघु बॉर्डर हत्याकांड में किसान संगठनों ने फैक्ट फाइडिंग कमेटी बनाई है।

सोनीपत के सिंघु बॉर्डर पर दशहरे वाली सुबह हुई तरनतारन के युवक की नृशंस हत्या से जुड़े मामले में किसान संगठनों की ओर से बनाई गई फैक्ट फाइडिंग कमेटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। पांच मेंबरी इस कमेटी के सदस्यों ने गुरुवार को पहले एक मीटिंग की और उसके बाद काम शुरू किया। कमेटी सदस्यों ने यह भी तय किया कि वह इस घटना से जुड़े फैक्ट्स जुटाने का काम कैसे किया जाना है? कमेटी अपनी रिपोर्ट तीन या चार दिन में पूरी कर लेगी और उसके बाद इसे किसान संगठनों के सामने पेश कर देगी।

किसान संगठनों की ओर से गठित फैक्ट फाइडिंग कमेटी में बलदेव सिंह सिरसा, कंवलप्रीत सिंह पन्नू, काका सिंह कोटड़ा, परगट सिंह जामाराए और जतिंदर सिंह छीना शामिल किए गए हैं। कमेटी के मेंबर बलदेव सिंह सिरसा के अनुसार, कमेटी अपनी जांच जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है। इसके लिए इस मामले से जुड़े उन तमाम लोगों से बात की जाएगी जो लखबीर की हत्या के समय वहां मौजूद रहे या लखबीर को पंजाब से सिंघु बॉर्डर पर लाने के लिए जिम्मेदार रहे। इसके लिए प्रोग्राम तैयार कर लिया गया है। बाबा अमन सिंह, दूसरी निहंग जत्थेबंदियों और धरने में शामिल लोगों से भी बात की जाएगी।

27 अक्टूबर से पहले जांच पूरी करने का टास्क

किसान संगठनों की फैक्ट फाइडिंग कमेटी ने अपनी जांच 27 अक्टूबर से पहले पूरी करके रिपोर्ट देने का टारगेट रखा है। वजह- 27 अक्टूबर को सिंघु बॉर्डर पर निहंग जत्थेबंदियों ने 'धार्मिक एकत्रता' बुलाई है। इसमें संत समाज, किसान संगठनों और अन्य लोगों को बुलाया गया है। इस 'धार्मिक एकत्रता' में सर्वसम्मति से फैसला लिया जाएगा कि निहंग जत्थेबंदियों को सिंघु बॉर्डर पर रुके रहना चाहिए या फिर यहां से चले जाना चाहिए। बाबा अमन सिंह की केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर और कुछ भाजपा नेताओं के साथ जो फोटो सामने आई हैं, उन पर भी धार्मिक एकत्रता में बात होगी। इसलिए कमेटी अपनी जांच 27 अक्टूबर से पहले मुकम्मल करना चाहती है, ताकि धार्मिक एकत्रता के दौरान फैक्ट्स के साथ किसान संगठन अपनी बात रख सकें।

15 अक्टूबर को सिंघु बॉर्डर पर हुई लखबीर की हत्या

15 अक्टूबर, ​दशहरे वाली सुबह सिंघु बॉर्डर पर तरनतारन के चीमा गांव के लखबीर सिंह का एक हाथ और पांव काट दिया गया जिसके बाद उसकी मौत हो गई। निहंगों का आरोप है कि लखबीर ने बेअदबी की जिसकी सजा उसे दी गई। लखबीर की हत्या के बाद जिन 4 निहंगों ने सरेंडर किया, वह चारों ही बाबा अमन सिंह के निहंग दल के हैं और बाबा अमन सिंह की केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व भाजपा नेताओं के साथ फोटो सामने आ चुकी हैं। ऐसे में संयुक्त किसान मोर्चा आशंका जता चुका है कि लखबीर की हत्या के पीछे साजिश हो सकती है।

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