मिनिस्टीरियल कर्मियों ने फूंका सीएम का पुतला:बोले-दिवाली पर सरकार कर्मियों को झूठे वादे दे रही है

मुक्तसरएक महीने पहले
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डीसी कार्यालय में प्रदर्शन करते मिनिस्टीरियल कर्मी। - Dainik Bhaskar
डीसी कार्यालय में प्रदर्शन करते मिनिस्टीरियल कर्मी।

पुरानी पेंशन की बहाली, महंगाई भत्ते की किस्तें जारी करने, पे-कमीशन की कमियां दूर करके इसका बकाया जारी करने आदि मांगों की पूर्ति के लिए संघर्ष कर रहे मिनिस्टीरियल कर्मियों की हड़ताल 12वें दिन में दाखिल हो चुकी है।

हड़ताल के 12वें दिन कर्मचारियों ने कार्यालय डीसी मुक्तसर में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस उपरांत कर्मचारियों ने जिला प्रधान खुशकिरनजी सिंह, संरक्षक हरजिंदर सिंह सिद्धू व महासचिव पुष्पिंदर सिंह की अध्यक्षता में बठिंडा चौक में मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।

उन्होंने कहा कि जहां भारत के दूसरे राज्यों की सरकारें मुलाजिमों को महंगाई भत्तों के रूप में दीवाली के तोहफे से नवाज रही है, वहीं पंजाब सरकार मुलाजिमों को केवल झूठे वादे दे रही है और अमली रूप में कुछ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हड़ताल के 2 सप्ताह पूरे होने के बावजूद भी सरकार ने मुलाजिमों को बातचीत का निमंत्रण नहीं दिया, जिससे सरकार का मुलाजिमों प्रति नापक्षीय रवैया जग जाहिर होता है।

नेताओं ने कहा कि यूनियन के फैसले के अनुसार सरकार का अर्थी फूंक प्रदर्शन किया गया है। यह हड़ताल 26 अक्टूबर तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को पूरा न किया तो आने वाले समय में संघर्ष को ओर तीव्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सूबा सरकार की होगी।

इस मौके पर सीपीएफ यूनियन के जिलाध्यक्ष सतनाम सिंह, पीएसएमएस के सीनियर नेता कर्मजीत शर्मा, मनदीप भंडारी, गुरमीत सिंह नेताओं ने इकट्ठ को संबोधित करते सरकार की मुलाजिम विरोधी नीतियों को कोसा।

इस रोष प्रदर्शन में डीसी कार्यालय के अलावा सेहत विभाग, जन सेहत विभाग, नहरी विभाग, खेतीबाड़ी, सामाजिक सुरक्षा विभाग, बीएंडआर, खजाना कार्यालय विभाग, एक्साइज आदि विभागों के कर्मचारी बड़ी गिनती उपस्थित थे।

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