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एक्सीडेंटल दुर्घटना बीमा:एटीएम कार्ड जारी होते ही शुरू होता है एक्सीडेंटल दुर्घटना बीमा, जिस ब्रांच में खाता हो उसी में करें मुआवजे के लिए आवेदन

नवांशहर2 महीने पहले
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  • पांच लाख तक का मिल सकता है मुआवजा, खाताधारकों को नहीं होती जानकारी, बैंक भी नहीं करते प्रचार

एटीएम का इस्तेमाल रुपए निकालने और खरीदारी करने तक ही सीमित नहीं है। बल्कि दुर्घटना की स्थिति में यह आश्रितों का सहारा भी साबित हो सकता है। लेकिन इसकी जानकारी ना तो खाताधारक को होती है ओर ना ही बैंक इस नियम का प्रचार करते हैं। नतीजा जानकारी के अभाव में बीमाधारक के आश्रित इसका लाभ नहीं ले पाते। एटीएम कार्ड धारक का (चाहे वह सार्वजनिक बैंक का हो या फिर प्राइवेट बैंक का हो), कार्ड जारी होने की तिथि से ही दुर्घटना या एक्सीडेंटल हॉस्पिटीलाइजेशन कवर होता है। प्लेटिनम कार्डधारक को दो लाख रुपए और क्लासिक या किसान डेबिट कार्ड धारक को 50 हजार रुपए तक का बीमा कवर दिया जाता है। कुछ स्पेशल एटीएम कार्ड के मामलों में यह बीमा कवर 5 लाख रुपए है। इस नियम का फायदा उठाने के लिए खाते का सक्रिय होना आवश्यक है।

इस स्कीम के मुताबिक अगर किसी एटीएम धारक की दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उसके परिवार को बैंक की उस ब्रांच में जाकर मुआवजे के लिए एक एप्लीकेशन देनी होगी। दुर्घटना होने के तुरंत बाद पुलिस को सूचित करें व अस्पताल में भर्ती होने पर सभी मेडिकल रिपोर्ट पेश करें। अगर दुर्घटना में एटीएम कार्डधारक की मृत्यु हो जाती है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस पंचनामा, मृत्यु प्रमाण पत्र, वैध ड्राइविंग लाइसेंस जमा करवाना भी आवश्यक होता है। यह सूचित करना भी जरूरी होता है कि कार्डधारक ने पिछले 90 दिनों में लेन-देन किया है। अगर किसी का एक बैंक में एक ही अकाउंट हो या उस बैंक की दूसरी ब्रांच में भी अकाउंट हो तो भी मुआवजा किसी एक एटीएम पर ही मिलेगा, जिससे पैसे का लेन-देन किया जा रहा हो। मुआवजा देने से पहले बैंक देखेंगे कि मौत से पहले पिछले 45 दिन के भीतर उस एटीएम से किसी तरह का वित्तीय लेन-देन हुआ था या नहीं।

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