20 हजार हेक्टेयर लक्ष्य:सरकार ने धान की सीधी बिजाई के लिए किसानों को प्रति एकड़ 1500 रुपए देने का किया है एलान

नवांशहर2 महीने पहले
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खेत में पारंपरिक रूप से कद्दू कर धान की बिजाई करते किसान। - Dainik Bhaskar
खेत में पारंपरिक रूप से कद्दू कर धान की बिजाई करते किसान।

धान की सीधी बिजाई संबंधी सरकार की योजना फेल हो गई है। जिले में कृषि विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद जिला कृषि विभाग सरकार द्वारा धान की सीधी बिजाई के लिए तय किए गए क्षेत्र से चूकता नजर आ रहा है। सरकार ने जिले का टार्गेट 20 हजार हेक्टेयर का किया गया है, मगर जिस हिसाब से किसानों ने इस नकारा है उससे तो यही लग रहा है कि विभाग 20 हजार हैक्टेयर तो क्या 20 हजार एकड़ जमीन पर भी धान की सीधी बिजाई करने में असफल रहेगी।

अभी तक 300 के करीब किसानों ने धान की सीधी बिजाई के लिए कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाया है। जिसके चलते करीब 975 एकड़ जमीन पर धान की सीधी बिजाई की गई है, जोकि करीब 390 हेक्टेयर बनता है। 30 जून तक सीधी बिजाई के लिए किसान रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं, जिसके चलते विभाग को उम्मीद है कि अभी भी सीधी बिजाई के लिए रकबा बढ़ सकता है। जिले में करीब 58 हजार 600 हेक्टेयर रकबे में धान की बिजाई इस साल होने की उम्मीद हैं। जबकि बीते साल भी करीब इतनी जमीन पर धान की खेती की गई थी।

राज्य सरकार की तरफ से गिरते भूजल स्तर के मद्देनजर किसानों को धान की कद्दू करके बिजाई करने की बजाए सीधी बिजाई करने पर 1500 रुपये प्रति एकड़ देने का ऐलान किया हुआ है। कृषि विभाग की तरफ से बीते सालों से प्रयास करने के बावजूद धान की सीधी बिजाई के लिए किसानों को मोल्ड करने में असफल रहा है। अभी भी किसान पारंपरिक रूप से खेतों में पानी छोड़ कद्दू करके उसमें धान की रोपाई करते हैं। जिसके चलते विभाग तमाम कोशिशों के बावजूद न तो धान के तहत रकबे को कम करने में ही सफलता मिली है। न ही विभाग द्वारा सीधी बिजाई के तहत रकबे को बढ़ाने में कोई सफलता मिली है।

कुल मिलाकर विभाग मक्की के तहत रकबे को बढ़ाने के लिए भी प्रयास कर रहा है, जबकि मक्की बिजाई को प्रोत्साहित करने में विभाग को कुछ हद तक सफलता मिलने की उम्मीद है, मगर धान के रकबे के मुकाबले यह हिस्सा बहुत कम है। चीफ कृषि अधिकारी डॉ. राज कुमार ने बताया कि विभाग ने किसानों को धान की सीधी बिजाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए व मक्की के तहत रकबा बढ़ाने के लिए ब्लाकों पर कैंप लगाए गए हैं। सरकार ने सीधी बिजाई पर किसानों को 1500 रुपये देने का एलान भी किया है। जबकि अभी 30 जून तक योजना के अनुसार रजिस्ट्रेशन हो सकता है, बासमती के तहत करीब 2500 हेक्टेयर जिले का रकबा आता है, जिसके तहत बासमती की सीधी बिजाई करवाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

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