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कृषि कानूनों का विरोध:किसानों ने बंद किया पंजाब, 100 से ज्यादा जगहों पर दिए गए धरने, रेल मंत्रालय ने रद्द की 44 ट्रेनें

पंजाब10 महीने पहले
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जीरकपुर में हाईवे जाम करके बैठे किसान - Dainik Bhaskar
जीरकपुर में हाईवे जाम करके बैठे किसान
  • रेलवे की ओर से पंजाब जाने वाली 44 ट्रेनें रद्द की, 34 ट्रेनों का रूट बदला गया
  • किसानों ने रेल ट्रैक से हटाया धरना, 6 नवंबर तक माल गाड़ियों की आवाजाही रुकी

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन समेत अन्य किसान संगठनों ने पंजाब में चक्का जाम किया। भाकियू पंजाब प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां और प्रदेश महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां के नेतृत्व में पंजाब भर में 100 से ज्यादा जगहों पर धरने दिए जा रहे हैं। इसके चलते रेलवे ने पंजाब जाने वाली 44 ट्रेनें रद्द की हैं। वहीं 34 ट्रेनों का रूट बदल दिया है।

गुरदासपुर, नवांशहर, जालंधर, रोपड़, लुधियाना, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब में किसान हाईवे जाम करके बैठे हैं। चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय मार्ग जाम है। किसान नेताओं का कहना है कि सूबा सरकार की ओर से दिल्ली में धरना लगाने पर भी केंद्र सरकार ने पंजाब की बात नहीं सुनी।

केंद्र सरकार माल गाड़ियों को नहीं चलाने के पीछे स्टेशनों पर किसानों के धरने की बात कर रही है। इसलिए अब किसान अपने मोर्चों को रेलवे स्टेशन से पीछे हटा कर स्टेशनों पर बने पार्कों में शिफ्ट करेंगे, ताकि केंद्र के पास कोई बहाना नहीं बचे।

अमृतसर पर हाईवे जाम करते किसान
अमृतसर पर हाईवे जाम करते किसान

10 शहरों में दिया गया धरना
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि बुधवार को किसान संगठनों की ओर से अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, जलालाबाद, मोगा, गुरदासपुर, हरगोबिंदपुर, जालंधर और कपूरथला में धरने-प्रदर्शन किए गए।

41 दिन से धरने पर बैठे हैं किसान
पंजाब में किसानों का आंदोलन 41 दिन से चल रहा है। पहले किसान रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठे थे, लेकिन पंजाब सरकार की अपील पर किसानों ने ट्रैक से धरना हटा दिया। इसके बावजूद अभी तक ट्रेनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। रेल मंत्रालय ने 6 नवंबर तक माल गाड़ियों की आवाजाही रोक दी है।

फिल्लौर में हाईवे जाम करते किसान
फिल्लौर में हाईवे जाम करते किसान

20 नवंबर तक नहीं रोकेंगे माल गाड़ियां
किसान संगठनों के रेल रोको आंदोलन से जरूरी सामान की ढुलाई ठप है। बुधवार को चंडीगढ़ में हुई 28 किसान जत्थेबंदियों की मीटिंग में फैसला लिया गया कि 20 नवंबर तक माल गाड़ियों को नहीं रोका जाएगा। जम्हूरी किसान सभा के महासचिव कुलवंत सिंह संधू ने कहा, केंद्र सरकार का रवैया किसान और पंजाब विरोधी हैं। खाद, यूरिया, कोयला, होजरी और अन्य सामान की सप्लाई के लिए 20 नवंबर तक माल गाड़ियां नहीं रोकने का फैसला किया है।

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