मूसेवाला की हत्या से निशाने पर AAP सरकार:कैप्टन, सुखबीर और जाखड़ समेत तमाम विरोधी नेता बोले- पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल

जालंधर4 महीने पहले

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की रविवार को की गई हत्या से पूरे पंजाब में शोक की लहर है। मूसेवाला के मर्डर से उनकी सुरक्षा घटाने का फैसला लेने वाली भगवंत मान की अगुवाई वाली AAP सरकार भी सवालों के कटघरे में है। शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेताओं के साथ-साथ पंजाब के पूर्व सीएम और पंजाब लोक कांग्रेस के प्रमुख कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसे लेकर भगवंत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

गौरतलब है कि पंजाब सरकार की ओर से मूसेवाला की सुरक्षा घटाए जाने के अगले ही दिन उनकी दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। ऐसे में तमाम विरोधी नेताओं का कहना है कि यदि AAP सरकार सिद्धू मूसेवाला के गनमैन वापस नहीं लेती तो शायद वह आज जिंदा होते। भगवंत मान सरकार के ऐसे अजीबोगरीब फैसलों से ही पूरे पंजाब में बवाल मचा है।

पंजाब लोक कांग्रेस के प्रधान और पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा कि सिद्धू मूसेवाला की नृशंस हत्या शॉकिंग है। पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनाएं जताते हुए कैप्टन ने लिखा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो चुकी है। अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं रह गया। अपने ट्वीट में आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई को टैग करते हुए कैप्टन ने लिखा कि पंजाब की मौजूदा सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। पंजाब में कोई सुरक्षित नहीं है।

शिरोमणि अकाली दल के प्रधान और पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने भी सिद्धू मूसेवाला की मौत पर शोक जताया है। मूसेवाला के परिवार और दोस्तों के प्रति संवेदनाएं जताते हुए सुखबीर ने लिखा कि इस हत्याकांड के लिए जो भी दोषी हैं, उन्हें तुरंत पकड़ा जाए। यह हतोत्साहित करने वाली बात है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है।

भाजपा नेता और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रंबधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर एक के बाद एक कई ट्वीट किए। सिरसा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से अपील करते हुए लिखा कि इस बात की जांच करवाई जाए कि AAP सरकार ने जिन वीआईपी लोगों की सुरक्षा वापस ली, उनकी गोपनीय लिस्ट किसने लीक की? सिरसा ने इस हत्याकांड के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को दोषी ठहराया जिन्होंने एक दिन पहले ही मूसेवाला की सिक्योरिटी घटाई थी। सिरसा ने एक वीडियो भी जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि यह अरविंद केजरीवाल की गंदी राजनीति का नतीजा है।

कांग्रेस से कुछ दिन पहले ही भाजपा में शामिल हुए सुनील जाखड़ ने भी सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद ट्वीट किया। जाखड़ ने लिखा कि मूसेवाला की हत्या झकझोरने वाली है। आम आदमी पार्टी सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर घटिया तरीकों से प्रसिद्धि लेने वालों की जवाबदेही तय करे।

अकाली नेता और बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने लिखा कि सिद्धू मूसेवाला का दिनदहाड़े मर्डर किया जाना झकझोरने वाला है। एक दिन पहले मूसेवाला की सुरक्षा वापस लेना और अगले ही दिन उनकी हत्या हो जाना, पंजाब सरकार को सवालों के कठघरे में खड़ा करते हैं।

तहशीन पूनावाला ने अपने ट्वीट में लिखा कि कांग्रेस के प्रत्याशी रहे मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या। आखिर पंजाब में यह हो क्या रहा है? अब पंजाब कांग्रेस को जरूरत है कि वह अपने घरों से बाहर निकले। केसी वेणुगोपाल और अजय माकन को तुरंत ही पंजाब पहुंचना चाहिए।

भाजपा नेता इकबाल सिंह लालपुरा के बेटे अजयवीर सिंह लालपुरा ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या कर दी गई। पंजाब में कानून-व्यवस्था का दिवाला पिट चुका है। भगवंत मान को तुरंत प्रभाव से मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए।

पंजाब के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता राणा गुरमीत सिंह सोढी ने कहा कि यह बहुत ही खौफनाक है। एक दिन पहले सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा वापस ली जाती है और अगले दिन ही उनकी हत्या कर दी गई। सोढ़ी ने पीड़ित परिवार से संवेदनाएं जताते हुए लिखा कि पंजाब के मौजूदा हालात को बयां करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है। यहां दिनदहाड़े अपराध हो रहे हैं और कानून-व्यवस्था मजाक बन गई है।

अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पूरे देश में शोक है। यह राज्य प्रायोजित हत्या मानी जानी चाहिए। पहले राज्य में 400 लोगों की सुरक्षा वापस ली गई और फिर उनके नाम सोशल मीडिया पर जारी कर दिए गए। यह आपराधिक लापरवाही है। मुख्यमंत्री को तुरंत त्यागपत्र दे देना चाहिए।