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गणतंत्र दिवस पर दिल्ली हिंसा का मामला:मानवाधिकारों के हनन की जांच, गिरफ्तार किए गए किसानों के परिवारों से मिलने पहुंचे विधानसभा कमेटी सदस्य

अमृतसरएक महीने पहले
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किसानों ने हिंसक प्रदर्शन करते हुए लाल किले पर धार्मिक झंडा फहरा दिया था। - Dainik Bhaskar
किसानों ने हिंसक प्रदर्शन करते हुए लाल किले पर धार्मिक झंडा फहरा दिया था।

26 जनवरी 2021 को गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई हिंसा मामले में मानवाधिकारों के हनन की जांच चल रही है। मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने कई किसानों को उठाया था और उन्हें यातनाएं दी, जो मानवाधिकारों का उल्लंघन है। इसकी जांच पंजाब विधानसभा द्वारा गठित कमेटी कर रही है।

यह कमेटी बुधवार को दिल्ली पुलिस द्वारा उठाए गए किसानों के परिवारों से मिलने िमनी सचिवालय पहुंची। कमेटी में लुधियाना से कांग्रेस विधायक कुलबीर सिंह वैद, जगराओं से आप विधायक सरबजीत कौर मानोक्के और सनौर से अकाली विधायक हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा शामिल रहे। कमेटी के समक्ष 10 के करीब परिवारों ने आपबीती रखी और उनके ऊपर हुए पर्चों को रद्द करने की मांग की।

कमेटी के अध्यक्ष वैद ने बताया कि दिल्ली पुलिस द्वारा बिना वहज तंग किए गए 150 के करीब परिवार उनके ध्यान में आए हैं। इनमें से 80 हरियाणा के हैं और 70 पंजाब से हैं। पंजाब के करीब 50 युवाओं व उनके परिवारों से कमेटी बातचीत कर चुकी है। जिन्होंने बताया कि किसान कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज उठाने दिल्ली गए थे। लेकिन कई किसानों को दिल्ली पुलिस ने बिना वजह उठाया और यात्नाएं दी।

कमेटी अध्यक्ष अब अपनी रिपोर्ट में मांग करेंगे कि इन परिवारों को आर्थिक व न्यायिक सहायता दी जाए। इसके अलावा दिल्ली सरकार और पुलिस से भी मांग करेंगे कि इन किसानों के खिलाफ दर्ज मामले रद्द किए जाएं। कमेटी के समक्ष पेश हुए कुछ किसानों ने बताया कि उन्हें 26 जनवरी के बाद उठाया गया। पूरा दिन पीटा गया। कई किसान तो बुरी तरह से घायल भी हो गए। उनकी टांगें भी टूट गईं। पहले तो कहा जाता रहा कि सुबह सभी किसानों को छोड़ देंगे। लेकिन अगले ही दिन सुबह उन पर पर्चे दर्ज कर दिए गए।

ये है मामला

बता दें कि किसान आंदोलन के नाम पर 26 जनवरी 2021 को दिल्ली में हिंसा हुई थी। इस दिन लाल किले पर धार्मिक झंडा लगा दिया गया था। उस घटना को पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें कई सारे चौंकाने वाले खुलासे सामने आए थे। आरोप पत्र में पुलिस ने लाल किले पर हुई हिंसा को पूर्व नियोजित बताया था। पुलिस ने कहा था कि जांच में पाया गया कि इस हिंसा की पहले से ही तैयारी थी।

इसे अचानक हुई हिंसा कहना गलत है, क्योंकि दंगाई हथियारों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। उनके पास तलवार, हॉकी, डंडे जैसे हथियार थे। उन्होंने वहां जमकर उपद्रव मचाया था। पुलिस के मुताबिक, ट्रैक्टर रैली की आड़ में इस हिंसा को अंजाम दिया गया था। इस बाबत दिल्ली पुलिस ने विभिन्न स्तर पर जांच कर 43 FIR दर्ज की हैं।

उल्लेखनीय पहलू यह भी है कि इस मामले में पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू और गुरजोत सिंह के अलावा, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने वॉन्टेड मनिंदर सिंह को भी गिरफ्तार किया है, जिसे 26 जनवरी को हिंसा भड़कने पर दोनों हाथों से तलवारें लहराते देखा गया था। अब तक करीब 150 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, वहीं कई आरोपी अब भी गिरफ्त में नहीं आ पाए हैं।

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