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पंजाब के SSP की 'गुरु दक्षिणा':गरीब महिला के हक में ईसाई मिशनरी के स्कूल के खिलाफ खबर चलाने वाले पत्रकार पर FIR, पास्टर भी नामजद

बटाला/जालंधरएक वर्ष पहले
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SSP रछपाल सिंह, जो मिशनरी स्कूल और पत्रकार रमेश बहल के बीच हुए मामले को लेकर चर्चा में हैं। - Dainik Bhaskar
SSP रछपाल सिंह, जो मिशनरी स्कूल और पत्रकार रमेश बहल के बीच हुए मामले को लेकर चर्चा में हैं।
  • केस दर्ज होने से पहले के स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो आया सामने, DSP बोले- जो बॉस कहे वो करना पड़ेगा
  • DSP के मुताबिक SSP बार-बार कह रहे थे एक ही बात, 'पुलिस जिसे चाहे बाहर तो जिसे चाहे अंदर कर दे'
  • बेयरिंग कॉलेजिएट सीनियर सेकंडरी स्कूल के प्रिंसिपल ने दी शिकायत, इसी संस्थान से पढ़े हैं SSP रछपाल सिंह

पंजाब में इन दिनों एक मामला चर्चा में है, जिसमें SSP आरोपों में घिरे हैं। आरोप है कि SSP ने एक पत्रकार के खिलाफ सिर्फ इसलिए FIR करा, क्योंकि उसने उस स्कूल के प्रबंधन के खिलाफ खबर चला दी, जिसमें SSP पढ़े हैं। स्कूल के प्रिंसिपल SSP के करीबी हैं और उन्हीं के कहने पर पत्रकार पर केस दर्ज कराया गया है।

बटाला के बेयरिंग कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अरमान नाम का लड़का पढ़ता है। उसकी मां उसे स्कूल में पढ़ाने के लिए महंगी फीस वहन नहीं कर सकती। इसके चलते उसने बेटे का दाखिला दूसरे स्कूल में कराने की सोची। ट्रांसफर सर्टिफिकेट मांगे जाने पर बेयरिंग कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधन ने सर्टिफिकेट में एबसेंट लिख दिया। इस मामले को एक पत्रकार रमेश बहल ने उठाया तो स्कूल प्रबंधन ने इस गलती को सुधार लिया। प्रिंसिपल डॉ. राजन चौधरी ने स्टाफ की इस गलती को स्वीकार किया था। बाद में प्रिंसिपल ने पत्रकार के खिलाफ SSP रछपाल सिंह को शिकायत दे दी।

इसके बाद DSP गुरप्रीत सिंह सिद्धू ने पत्रकार को बुलाकर पूछताछ की। आरोप है कि रमेश बहल ने स्कूल प्रबंधन से पैसे की मांग की। इसी के साथ पुलिस ने संबंधित मीडिया ग्रुप के दो सीनियर साथियों मोहन हंस और हरप्रीत रंधावा उर्फ रवि को भी आरोपी बनाया है। वहीं पुलिस का दावा है कि पत्रकार बहल के साथ आए कुछ लोगों ने प्रिंसिपल को धमकाया। एक ओर इस घटनाक्रम में मीडिया के सामने आए एक स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो में DSP को यह कहते हुए साफ सुना जा सकता है कि मैं खुद मानता हूं कि इसमें तुम्हारा कोई कसूर नहीं है, लेकिन SSP का दबाव है। वह बार-बार कह रहे हैं कि ऐसा कुछ नहीं है कि पुलिस चाहे और न कर पाए। पुलिस जिसे चाहे बाहर कर दे और जिसे चाहे अंदर कर सकती है। आप लोग कार्रवाई करना ही नहीं चाहते'।

वहीं इस बारे में पीड़ित रमेश का कहना है कि वह मैथ्यू को जानता तक नहीं कि वह कौन है और उसने पत्रकार बहल के नाम का इस्तेमाल करके पैसों की मांग क्यों की। साथ ही पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए कि पुलिस अपनी जांच में जिन लोगों के द्वारा धमकी दिए जाने का दावा रही है, उनमें मुनीष शर्मा नामक एक शख्स को दुनिया से रुखसत हुए महीनों बीत चुके हैं।रमेश बहल ने बताया कि एक बार फिर से इस पूरे घटनाक्रम की तरफ DGP का ध्यान खींचने की कोशिश की है। उसने खुद को इंसाफ दिलाने के लिए इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच के IG रैंक के अधिकारी से करवाए जाने की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने की स्थिति में बहल ने 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वह अमृतसर में IG बॉर्डर रेंज सुरेंद्रपाल सिंह परमार के दफ्तर के बाहर भूखा हड़ताल पर बैठ जाएंगे।उधर, इस बारे में SSP रछपाल सिंह के मुताबिक पुलिस को स्कूल प्रिंसिपल को ब्लैकमेल किए जाने की शिकायत मिली थी। इस मामले की जांच DSP-D GS सिद्धू ने की थी। उसी आधार पर इस केस में तीन लोगों को नामजद किया गया है। अभी तक सामने आए तमाम पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य हर हाल में पीड़ित को इंसाफ दिलाना है।