दरबार साहिब की सरायों पर GST का मामला गर्माया:पंजाब भाजपा भी विरोध में; कहा- PM की गुरुघरों पर श्रद्धा, ये अफसरों की गलती

चंडीगढ़4 महीने पहले

धार्मिक स्थलों की सराय पर 12% GST लगाने का बवाल बढ़ गया है। पंजाब में विरोधी दलों के अलावा भाजपा नेता भी इसके विरोध में उतर आए हैं। भाजपा के सीनियर नेता हरजीत ग्रेवाल और प्रदेश सचिव सुखपाल सरां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसे वापस लेने की मांग की है। वहीं पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। उन्होंने सराय पर लगाए GST को वापस लेने की मांग की। सीएम भगवंत मान भी पहले ही जीएसटी लगााने का फैसला वापस लेने की मांग कर चुके हैं।

पंजाब के सीनियर भाजपा नेता हरजीत ग्रेवाल।
पंजाब के सीनियर भाजपा नेता हरजीत ग्रेवाल।

धार्मिक भावनाओं का सम्मान कर फैसला वापस लें : सुखपाल सरां
भाजपा के प्रदेश सचिव सुखपाल सरां ने PM को लिखे लेटर में कहा कि केंद्र ने धार्मिक स्थलों में बनी सरायों और धर्मशालाओं पर 12% GST लगा दिया है। यह धर्मशालाएं लोगों के दान से सामाजिक मकसद के लिए बनाई जाती हैं। जो बिना किसी लाभ के संस्थाएं चलाती हैं। लोग कम पैसे देकर यहां ठहरते हैं। कई जगह यह निशुल्क भी है। इसलिए श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस फैसले को वापस लेने के निर्देश दें।

अफसरों की गलती, जल्द ठीक होगा आदेश : ग्रेवाल
भाजपा नेता हरजीत ग्रेवाल ने कहा कि दरबार साहिब की सरायों पर GST लगाने की केंद्र सरकार की कोई मंशा नहीं है। पीएम नरेंद्र मोदी गुरूघरों के लिए सबसे ज्यादा श्रद्धा रखते हैं। सराय कोई बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन नहीं हैं। सरकार इस आदेश को जल्द ठीक कर देगी। यह अफसरों या बाकी लोगों की गलती है। उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन को जीएसटी वापस लेने के लिए मांग पत्र सौंपते MP राघव चड्‌ढा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन को जीएसटी वापस लेने के लिए मांग पत्र सौंपते MP राघव चड्‌ढा।

औरंगजेब जैसा जजिया टैक्स लगाया : चड्‌ढा
वित्तमंत्री से मुलाकात के बाद सांसद राघव चड्‌ढा ने कहा कि मैंने 3 करोड़ पंजाबियों की तरफ से अपनी बात रखी है। गोल्डन टेंपल में रोज लाखों लोग आते हैं। यह संगत दरबार साहिब के बाहर बने सरायों में रहती है। केंद्र सरकार ने इन छोटे सरायों पर भी 12% GST लगाकर संगत और उनकी सेवा का अपमान किया है। यह टैक्स हमें मुगलकाल के शासक औरंगजेब के जजिया टैक्स की याद दिलाता है। जब औरंगजेब ने भी तीर्थ यात्रा पर टैक्स लगा दिया था। मैंने वित्त मंत्री से टैक्स वापस लेने की मांग की है।

CM भगवंत मान भी विरोध जता चुके
CM भगवंत मान ने भी सरायों पर जीएसटी का विरोध किया। मान ने कहा कि सराय गैर व्यवसायिक संस्थाएं हैं। इनका मकसद पवित्र स्थान के दर्शन करने वालों को रहने की सुविधा देना है। इसके बदले कोई लाभ नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि गुरू गोबिंद सिंह NRI निवास, बाबा दीप सिंह निवास, माता भाग कौर निवास सहित सरायें दरबार साहिब से संबंधित हैं। टैक्स लगाने से लोगों को महंगे रेट पर कमरे लेने को मजबूर होना पड़ेगा। केंद्र इसे तुरंत वापस ले।

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