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7 साल की बच्ची को HIV ब्लड चढ़ाने का मामला:राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की पंजाब सरकार को फटकार; 4 लाख मुआवजा देकर 27 अगस्त तक भेजो रिपोर्ट, वरना तैयार रहो

चंडीगढ़3 महीने पहले
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मानवाधिकारी आयोग ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। - Dainik Bhaskar
मानवाधिकारी आयोग ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

बठिंडा सिविल अस्पताल में थैलसीमिया पीड़ित 7 साल की बच्ची और महिला को HIV ब्लड चढ़ाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए आयोग ने कहा है कि सरकार प्रभावित लोगों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देकर 27 अगस्त 2021 तक रिपोर्ट की कॉपी भेजें। यह नोटिस पंजाब के चीफ सेक्रेटरी को जारी किया गया है। साथ ही आयोग ने सरकार को चेतावनी भी दी है कि अगर तय समय तक बच्ची व महिला को मुआवजा राशि नहीं दी गई तो सख्त कार्रवाई के लिए तैयार हो जाओ।

ब्लड बैंक चढ़ाया संक्रमित रक्त
जालंधर निवासी कुलवंत सिंह नागरा की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कानूनी मामलों के सहायक रजिस्ट्रार दविंद्रा कुंद्रा ने यह नोटिस जारी किया है। आरोप है कि बठिंडा सिविल अस्पताल की ब्लड बैंक के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते दोनों पीड़ितों को संक्रमित रक्त चढ़ा दिया। कुलवंत सिंह ने आरोपी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के साथ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी।

शिकायत में यह भी कहा गया था कि हेल्थ डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और समय पर उपचार प्रदान करे। लेकिन थैलेसीमिया पीड़ित 7 साल की बच्ची व महिला को HIV का मरीज बनाना घोर लापरवाही है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और न ही यह माफी के लायक है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। आयोग ने मामले में राज्य सरकार व उसके विभाग की ओर से जांच व कार्रवाई में की गई देरी व लापरवाही पर भी सख्त टिप्पणी की है।

उन्होंने कहा कि सरकार मात्र कानूनी व विभागीय कार्रवाई करके मामले में खानापूर्ति नहीं कर सकती है, क्योंकि सेहत कर्मियों की लापरवाही के कारण जो मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना परिजनों और प्रभावित व्यक्ति को झेलनी पड़ रही है, उसे किसी भी तरह से कम नहीं किया जा सकता।

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