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  • If The City Is Not Illuminated In 15 Days, Then The Agreement With Tata Will Be Broken 7 Years Ago, Infrastructure Will Be Checked On Saturday

लुधियाना के पार्षदों की TATA को चेतावनी:15 दिन में सारे शहर की स्ट्रीट लाइट न जली तो तोड़ देंगे कंपनी के साथ 7 साल पहले हुआ करार, शनिवार को इन्फ्रास्ट्रक्चर की होगी चेकिंग

दिलबाग दानिश/लुधियाना2 महीने पहले
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लुधियाना नगर निगम की सर्वदलीय बैठक में उपस्थित पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
लुधियाना नगर निगम की सर्वदलीय बैठक में उपस्थित पदाधिकारी।

लुधियाना शहर में स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा एक बार फिर से गर्म है। गुरुवार को सर्वदलीय बैठक में पार्षदों ने एकमत फैसला लिया है कि अगर पंद्रह दिन में शहर में पूरी LED लाइट नहीं जलती हैं तो नगर निगम टाटा के साथ किया गया करार तोड़ देगा। इसके अलावा बैठक में फैसला लिया गया कि शनिवार को इनका इन्फ्रास्ट्रक्चर चेक किया जाएगा और इस दिन कोई बिल पास नहीं होगा।

बता दें कि 7 साल पहले टाटा कंपनी को शहर में LED लाइटें लगाने का प्रोजेक्ट दिया गया था। मौजूदा हाल यह है कि कंपनी से करार खत्म करने की मांग उठ रही है। पार्षद ममता आशु का आरोप है कि कंपनी की ओर से पूरे शहर में लाइटें ही नहीं लगाई गई हैं और यहां लगी भी हैं वह सही ढंग से जल नहीं रही हैं। जो जल रही हैं उनकी लाइट पूरी नहीं है और न ही इनके एंगल सही ढंग से लगे हैं। अब जब पार्षदों के पास लोग शिकायत लेकर आ रहे हैं तो मेयर की ओर से सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी।

कंपनी का दावा-काम पूरा किया

इस बीच कंपनी ने बैठक के दौरान दावा किया है कि उनकी ओर से 1 लाख 5 हजार लाइटें लगाने का सर्वे किया गया था और लाइटें लगा दी गई हैं। यही नहीं कुछ जगहों पर लाइटें भी लगाई गई हैं।

पार्षदों ने खारिज किया दावा

जैसे ही कंपनी के अधिकारियों ने यह दावा किया तो सभी पार्टियों के पार्षदों ने इसका विरोध किया। ममता आशु ने कहा कि जब समराला चौक से चुंगी तक नई रोड़ बन रही है और वहां एनएचआई की ओर से लाइटें लगाई जा रही हैं और स्मार्ट सिटी प्राजेक्ट के तहत भी लाइटें लग रही हैं तो टाटा ने आखिर कहां लगा दी हैं लाइटें।

अब बर्दाश्त नहीं होगी देरी, तय समय में रिजल्ट दे टाटा

मेयर बलकार सिंह संधू का कहना है कि अब लेट लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोरोना काल के दौरान लेबर चली जाने के कारण वह रियायत दे रहे थे मगर अब अगर पंद्रह दिन में इनकी ओर से पूरे शहर में लाइट नहीं लगाई गई तो हाउस की बैठक बुलाकर कंपनी से करार रद्द कर दिया जाएगा।

शुक्र है दूसरे पार्षदों को भी दिखने लगी खामियां: ममता

पार्षद ममता आशु का कहना है कि वह तो पहले से ही यह मुद्दा उठा रही हैं। शुक्र है कि अब दूसरे पार्षदों को भी यह समस्या दिखने लगी है। बैठक में फैसला लिया गया है और अब हाउस की बैठक बुलाकर करार रद्द करना ही होगा।

सभी पार्षद हैं दुखी सख्त फैसला लेने की जरूरत: डंग

नगर निगम में शिअद दल के नेता हरभजन सिंह डंग का कहना है कि शहर में अगर 95 विधायक हैं तो उनमें से 80 इसके विरोध में हैं, इसलिए फैसला लेना ही होगा। आज की बैठक में समय दिया गया है और इसके बाद हाउस की बैठक बुलाकर करार रद्द करने पर सहमति हुई है।

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