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पुलिस पर भारी पड़ रही बदमाशों की तकनीक:फेसबुक पर मिल रहे कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के मोबाइल नंबर, बिना सिम चला सकते हैं Whatsapp; गैंगस्टर प्रीत सेखों से मिले थे हथियार-मोबाइल और डोंगल

अमृतसर3 महीने पहलेलेखक: अनुज शर्मा
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फेसबुक पर इस तरह से बिकते हैं विदेशी नंबर, जिनकी मदद से बिना सिम के व्हाट्सऐप्प चलाया जा सकता है। - Dainik Bhaskar
फेसबुक पर इस तरह से बिकते हैं विदेशी नंबर, जिनकी मदद से बिना सिम के व्हाट्सऐप्प चलाया जा सकता है।

फेसबुक विश्व में तीसरे नंबर पर सबसे अधिक प्रयोग होने वाली सोशल साइट है, लेकिन इसके मार्केट प्लेस पर बिक रहा सामान पुलिस की चिंताओं को बढ़ा रहा है। इस सोशल साइट पर आप अमेरिका, कनाड़ा और ऑस्ट्रेलिया के मोबाइल नंबर ले सकते हो। इन्हीं नंबरों का प्रयोग करके देश के कुख्यात अपराधी पुलिस से छिप भी रहे हैं और देशविरोधी कारनामों को अंजाम भी दे रहे हैं।

प्रीत सेखों के पास से हथियारों के साथ-साथ मिले मोबाइल व डोंगल।
प्रीत सेखों के पास से हथियारों के साथ-साथ मिले मोबाइल व डोंगल।

बीते दिनों पुलिस की तरफ से पकड़े गए गैंगस्टर प्रीत सेखों अमृतसरिया को अजनाला के चमियारी से गिरफ्तार किया गया था। उससे पुलिस को हथियारों के साथ-साथ मोबाइल फोन मिले थे और दो इंटरनेट डोंगल भी मिली थी। खास बात है कि इन मोबाइल फोनों में कोई भी सिम कार्ड नहीं था। ऐसा ही कुछ अन्य ए-श्रेणी के गैंगस्टरों से भी पुलिस को मिलता रहा है। जग्गू भगवान पुरिया, बॉबी मल्होत्रा, लारेंस बिश्नोई, विक्की गोंडर आदि को भी जब गिरफ्तार किया गया था तो उनसे भी इसी तरह बिना सिम कार्ड के मोबाइल और डोंगल मिले थे।

पुलिस से छिपना है एक बड़ा कारण
पुलिस इन सभी कुख्याल अपराधियों की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए मोबाइल फोन को सरवेलैंस पर रखती है। इसका रास्ता इन्हीं कुख्यात अपराधियों ने निकाल लिया। इन अपराधियों ने अपने मोबाइलों में सिम डालना ही बंद कर दिया। वहीं इंटरनेट को चलाने के लिए अपने पास डोंगल रखना शुरु हो गए, ताकि इंटरनेट से मोबाइल चला सकें, लेकिन पुलिस ट्रेस ना कर सके।

आरोपी करते हैं वॉट्सएप कॉल
खास बात है कि आरोपी कॉल करने के लिए सिम का प्रयोग ही नहीं करते। इस हाईटैक वर्ल्ड में वह कॉलिंग के लिए वॉट्सएप या फेसबुक का प्रयोग करते हैं। इससे दो फायदें आरोपियों को होते हैं, एक उनकी कॉल ट्रेस नहीं हो पाती और दूसरा उन्हें कॉलिंग के लिए सिम की जरूरत नहीं होती। अगर पुलिस के हाथ फोन लग भी जाए तो पिछली डिटेल्स डिलीट रहती हैं और बैकअप को भी डिलीट होता है। अंत में पुलिस को मोबाइल से भी कुछ नहीं मिलता।

वॉट्सएप कॉलिंग है बड़ी चिंता
वॉट्सएप कॉलिंग पुलिस के लिए मुसीबत बनती जा रही है। उसमें भी सबसे बड़ी चिंता है कि वॉट्सएप से कॉल करने वाले व्यक्ति को अपने मोबाइल में सिम का प्रयोग जरूरी नहीं होता। मोबाइल नंबर कोई भी प्रयोग करे। अगर एक्टिवेशन कोड मोबाइल में डाल दिया जाए तो बिना सिम कार्ड के भी आप वॉट्सएप का प्रयोग कर सकते हैं।

विदेशी नंबर पर चलाते हैं वॉट्सएप
इतना ही नहीं आरोपियों को वॉट्सएप चलाने के लिए भारतीय सिम लेने की आवश्यकता भी नहीं होती। वे फेसबुक पर मिलने वाले विदेशी क्लोन नंबरों का प्रयोग करते हैं। यह नंबर 150 रुपए से 300 रुपए में मिल जाते हैं और लंबे समय तक इन नंबरों पर चलाया गया वॉट्सएप बंद भी नहीं होता। यह सिम व नंबर विदेश में ही होते हैं, लेकिन व्यक्ति को वॉट्सएप चलाने के लिए एक्टिवेशन कोड दे दिया जाता है। जिसका प्रयोग करके कुख्यात अपराधी वॉट्सएप चलाते हैं, कॉलिंग करते हैं और मैसेज भी भेजते हैं। लेकिन पुलिस इन्हें ट्रेस भी नहीं कर पाती।

भीम एप की तरह वॉट्सएप को भी चलाने की आवश्यकता
आईटी एक्सपर्ट ने जानकारी दी कि भारतीय यूपीआई एप भीम एक अति सुरक्षित एप है। इसे एक्टिवेट करने के लिए आपको भारतीय नंबर की आवश्यकता होती है। इसे इतना अधिक सिक्योर किया गया है कि इसे चलाने के लिए मोबाइल में रजिस्टर्ड सिम का होना बहुत आवश्यक होता है। अगर ऐसा वॉट‌्सएप को करने के लिए कह दिया जाए तो बिना सिम के कोई भी इस एपलीकेशन को चला ही नहीं पाएगा।

पंजाब और केंद्र सरकार को लिख चुके हैं
पंजाब सरकार और केंद्र सरकार को इस बारे में लिखा गया है। कुख्यात गैंगस्टर इसी तरह के विदेशी नंबरो पर वॉट्सएप चलाते हैं और डोंगल से मोबाइल पर इंटरनेट चलाते हैं। इससे वे पुलिस की नजर से बचने में सफल रहते हैं। अगर भीम एप की तरह वॉट्सएप पर भी बिना सिम एक्टिवेट ना करने का दबाव बनाया जाए तो पुलिस आरोपियों के बीच तालमेल को खत्म करने में सफल होंगे।
मुख्याविदर सिंह भुल्लर, DCP इनवेस्टिगेशन

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