• Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Navjot Singh Sidhu; Patiala Jail Officer And Government May Give Exemption | Punjab News

8 महीने में रिहा हो सकते हैं सिद्धू:बशर्ते जेल में आचरण ठीक रहे; सुपरिटेंडेंट, DGP और सरकार दे सकती है छूट-माफी

चंडीगढ़एक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

रोड रेज केस में जेल गए नवजोत सिद्धू का आचरण ठीक रहा तो उन्हें सिर्फ 8 महीने की ही कैद काटनी होगी। इसके बाद वह जेल से बाहर आ सकते हैं। जेल अफसरों और सरकार के पास यह अधिकार है। जिसमें वह कैदी को जेल के अंदर अच्छे आचरण और अनुशासन के आधार पर सजा से कुछ दिनों की छूट दे सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को 34 साल पुराने रोड रेज मामले में एक साल बामशक्कत कैद की सजा सुनाई है। उन्होंने कल पटियाला कोर्ट में सरेंडर किया। जिसके बाद उन्हें पटियाला सेंट्रल जेल में भेज दिया गया।

नवजोत सिद्धू ने कल कोर्ट में सरेंडर किया। उन्हें पटियाला जेल में बंद किया गया है।
नवजोत सिद्धू ने कल कोर्ट में सरेंडर किया। उन्हें पटियाला जेल में बंद किया गया है।

जानिए क्या कहते हैं जेल नियम

फैक्ट्री में काम के बदले 48 दिन की छूट: सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को बामशक्कत कैद की सजा सुनाई है। वह जेल फैक्ट्री में काम करते हैं तो एक साल की सजा में उन्हें 48 दिन की छूट मिलेगी। जेल में काम के दौरान अकुशल श्रमिक होने से पहले 3 महीने कोई वेतन नहीं मिलता, लेकिन एक महीने में 4 दिन की छूट मिलती है।
सुपरिटेंडेंट को 30 दिन की छूट का अधिकार : जेल सुपरिटेंडेंट के पास किसी भी कैदी को सजा में 30 दिन की छूट देने का अधिकार होता है। जेल अनुशासन का उल्लंघन करने वालों को छोड़ यह छूट लगभग हर कैदी को मिल जाती है।

सियासी सहमति हो तो 60 दिन छूट संभव: DGP या ADGP जेल के पास भी सजा में 60 दिन की छूट का अधिकार है। हालांकि, यह कुछ विशेष मामलों में ही दी जाती है। खास तौर पर जहां सियासी सहमति हो। सिद्धू के CM भगवंत मान से अच्छे रिश्ते हैं। कुछ दिन पहले उनकी भगवंत मान से मुलाकात भी हुई थी।
सरकार खास मौके पर देती है छूट: इसके अलावा सरकार अक्सर कैदियों को खास मौके पर राहत देती है। अगर ऐसा हुआ तो सिद्धू को सजा में छूट का एक और मौका मिल सकता है।

यह भी पढ़ें : सिद्धू बने कैदी नंबर 241383:पटियाला जेल की बैरक नंबर 10 बना नया ठिकाना; मर्डर केस के 8 कैदियों संग रहेंगे

यह भी पढ़ें : सिद्धू के गुनाह 'कबूलने' का VIDEO:कहा- मैं बुद्ध नहीं कि कोई एक गाल पर चांटा मारे, दूसरा आगे कर दूं; सुप्रीम कोर्ट में पेश हुआ