चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी VIDEO कांड की 'टाइमलेस जांच':SIT टाइम बाउंड नहीं; फॉरेंसिक और इंटरनेट प्लेटफॉर्म से रिपोर्ट के इंतजार में अटकी इन्क्वायरी

चंडीगढ़7 दिन पहले
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मोहाली की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (CU) में छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने से जुड़े मामले में पंजाब पुलिस की जांच स्लो मोशन में है। यूं तो पंजाब सरकार ने इस मामले की इन्वेस्टिगेशन के लिए तीन सीनियन अफसरों की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है मगर इसकी इंक्वायरी को टाइम बाउंड नहीं किया गया। ऐसे में केस की फैक्ट फाइंडिंग इन्वेस्टिगेशन टाइमलेस तरीके से आगे बढ़ेगी।

केस से जुड़े पुलिस अफसर खुद कह रहे हैं कि उन्हें फिलहाल फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। साथ ही छात्राओं की वीडियो वायरल होने वाले डिजीटल प्लेटफॉर्म से जानकारी हासिल की जानी है। जब तक फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और संबंधित डिजीटल प्लेटफॉर्म से एविडेंस नहीं कलेक्ट नहीं होते, तब तक पुलिस इन्वेस्टिगेशन मौजूदा स्थिति से आगे नहीं बढ़ सकेगी।

पंजाब पुलिस ने ADGP गुरप्रीत दियो की अगुआई में 3 महिला अफसरों की SIT बनाई है।
पंजाब पुलिस ने ADGP गुरप्रीत दियो की अगुआई में 3 महिला अफसरों की SIT बनाई है।

गूगल-फेसबुक से इन्फॉर्मेशन में लगता है समय
गूगल-फेसबुक और अन्य सभी इंटरनेट प्लेटफॉर्म से किसी भी केस से संबंधित इन्फॉर्मेशन हासिल करने में लंबा समय लगता है। पुलिस मल्टीपल टाइम रिमाइंडर तो भेज सकती है। लेकिन टेक्निकल रिकॉर्ड साथ ही साथ नहीं मिल पाता। संबंधित अथॉरिटी जवाब या जानकारी देने में लंबा समय ले सकती है। इसी कारण देश में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और टेक्निकल केस का डिस्पोजल रेट काफी कम है।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी VIDEO केस:छात्रा एक हफ्ते से बना रही थी लड़कियों के वीडियो; HC पहुंचा मामला, CBI जांच की मांग

मोहाली की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (CU) के गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाए जाने से जुड़े मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। केस की इन्वेस्टिगेशन कर रही पंजाब पुलिस की SIT की जांच में पता चला है कि आरोपी छात्रा एक हफ्ते से लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाकर अपने दोस्तों को आगे पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

आरोपियों के मोबाइल व लैपटॉप फॉरेंसिक टीम के पास
पुलिस ने छात्राओं की वीडियो बनाने वाली युवती समेत हिमाचल निवासी सन्नी मेहता और रंकज वर्मा के मोबाइल कब्जे में लिए हैं। छात्रा के मोबाइल से करीब 12 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिली, जिन्हें सन्नी मेहता और रंकज वर्मा को भेजा गया था। हालांकि पुलिस के मुताबिक सभी वीडियो क्लिप छात्राआों की वीडियो बनाने वाली छात्रा की अपनी हैं। पुलिस ने आरोपी छात्रा के लेपटॉप को भी कब्जे में लिया है। मोबाइल और लेपटॉप से डिलीट फाइल्स व फोटोज और वीडियो फॉरेंसिक एक्सपर्टस रिकवर करेंगे। इसके बाद ही पुलिस की जांच आगे बढ़ सकेगी।

पहले दिन से लीपापोती में जुटी पंजाब पुलिस
एसआईटी ने यूनिवर्सिटी के सभी वॉशरूम की जांच के सवाल पर इसे पार्ट ऑफ इन्वेस्टिगेशन बतायाा। दो दिन पूर्व पुलिस ने डमी सीन ऑफ क्राइम को अपनी जांच के साथ कनेक्ट करने का प्रयास किया। मोहाली पुलिस मामले में पहले दिन से लीपापोती में जुटी है। क्योंकि घटना के उजागर होने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बगैर जांच ही यह कहना शुरू कर दिया था कि किसी छात्रा की कोई वीडियो नहीं बना है। जबकि यूनिवर्सिटी की छात्राओं के मुताबिक आरोपी छात्रा एक सप्ताह से अधिक समय से उनकी वीडियो बना रही थी। लेकिन वह ऐसा क्यों कर रही थी, इसका जवाब पंजाब पुलिस अब तक नहीं दे सकी है।

तीनों आरोपियों के बयान अलग तो असल गुनहगार कौन?

  1. मामले में मुख्य आरोपी छात्रा की भूमिका को पुलिस जांच में ब्लैकमेल होने की शील्ड दे दी है।
  2. आरोपी सन्नी इस बात से इनकार कर रहा है कि उसने मोबाइल पर किसी लड़की के अश्लील वीडियो मंगवाए। सन्नी ने आरोपी छात्रा को ब्लैकमेल करने और अन्य छात्राओं के वीडियो वायरल करने की बात से भी इनकार किया।
  3. तीसरे आरोपी रंकज ने कहा कि उसने तो कुछ किया ही नहीं है। रंकज ने पुलिस को बताया कि उसकी फोटो का मिसयूज कर वॉट्सऐप पर इस्तेमाल की गई। बताया गया मोबाइल नंबर और लैपटॉप का आइपी एड्रेस उसका नहीं है।

ऐसे में सवाल यह खड़े हो रहे हैं कि यदि तीनों आरोपी अपने स्टैंड पर टिके रहते हैं और पुलिस ठोस एविडेंस कलेक्ट नहीं कर पाती, तो केस कैसे टिकेगा? लेकिन इसका जवाब फिलहाल जांच में जुटी एसआइटी के पास नहीं है।