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चुनावी हार पर पंजाब कांग्रेस में हाहाकार:चरणजीत चन्नी को कांग्रेस से निकालने की मांग; सिद्धू और जाखड़ के खिलाफ भी बोले उम्मीदवार

चंडीगढ़5 महीने पहले
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चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में हार पर मंथन करते नवजोत सिद्धू और मालवा के उम्मीदवार। - Dainik Bhaskar
चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में हार पर मंथन करते नवजोत सिद्धू और मालवा के उम्मीदवार।

पंजाब चुनाव में हुई करारी हार से कांग्रेस में हाहाकार मच गया है। बस्सी पठाना से चुनाव लड़े गुरप्रीत जीपी और बाघापुराना के उम्मीदवार दर्शन बराड़ ने चरणजीत चन्नी को पार्टी से निकालने की मांग की है। गुरप्रीत जीपी ने कहा कि जो व्यक्ति अपने परिवार को ही नहीं संभाल सकता, वह राज्य क्या संभालता। उन्होंने आरोप लगाया कि चन्नी के बताए काम पूरे नहीं हुए। चन्नी को CM चेहरा घोषित करने के लिए भी राहुल गांधी को गुमराह किया गया। वहीं बराड़ ने भी कहा कि चन्नी को कांग्रेस से चलता कर देना चाहिए।

असल में कांग्रेस के पंजाब प्रभारी चंडीगढ़ में आज मालवा के 69 उम्मीदवारों से मुलाकात कर हार का मंथन कर रहे हैं। जिसमें उम्मीदवारों ने चन्नी के साथ प्रदेश कांग्रेस चीफ नवजोत सिद्धू और पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ जिम्मेदार हैं। उनकी एक-दूसरे के विरोधी बयानबाजी की वजह से पंजाब के लोगों का कांग्रेस से भरोसा टूटा। अगर तीनों मिलकर चलते तो कांग्रेस को चुनाव में फायदा होता। उम्मीदवारों ने यह भी कहा कि पार्टी को बचाने के लिए कांग्रेस हाईकमान को उचित कदम उठाने होंगे। कल दोआबा और माझा के उम्मीदवारों से मुलाकात की जाएगी।

किसने क्या कहा ....

पूर्व मंत्री काका रणदीप ने कहा कि पार्टी की सीनियर लीडरशिप के एक-दूसरे के खिलाफ रुख की वजह से यह हार हुई। इसमें चरणजीत चन्नी, नवजोत सिद्धू, सुनील जाखड़ और अंबिका सोनी शामिल हैं। इनकी अलग आवाजों से लोगों को ठेस पहुंचे। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को चुनाव से 3 माह पहले हटाना कांग्रेस को भारी पड़ा। इसलिए लोग एक हो गए और रिवायती पार्टियों को छोड़कर तीसरी पार्टी को मौका दे दिया।

पूर्व विधायक दर्शन सिंह बराड़ ने कहा कि जिसके मुखी अलग-अलग बयान देते हों, उसका क्या बनेगा?। जाखड़ ने बयान दे दिया कि हिंदू होने की वजह से मुझे सीएम नहीं बनाया। इससे सारे हिंदू कांग्रेस के उलट हो गए। हम कोई शहरी सीट नहीं जीते। कांग्रेसी ही कांग्रेस को हराने में लगे हुए थे। चन्नी और सिद्धू ने भी यही कुछ किया।

गुरप्रीत जीपी ने कहा कि हम चरणजीत चन्नी की वजह से हारे। नवजोत सिद्धू ने बढ़िया लड़ाई लड़ी। सीएम चन्नी के कामों पर अमल नहीं हुआ। 36 हजार कर्मचारियों को पक्का करने, रेत सस्ता करने, प्लाट देने और लाल लकीर वालों को जमीन का मालकी हक देने के काम पूरे नहीं हुए। ईडी के छापे में चन्नी के रिश्तेदार के घर से 10 करोड़ पकड़े गए। इससे क्या संदेश जाता है।

कांग्रेस उम्मीदवार चन्नी-सिद्धू की लड़ाई को हार के लिए जिम्मेदार मान रहे हैं
कांग्रेस उम्मीदवार चन्नी-सिद्धू की लड़ाई को हार के लिए जिम्मेदार मान रहे हैं

सिद्धू और चन्नी के खिलाफ उठ रही आवाजें
कांग्रेस की हार के बाद पंजाब में नवजोत सिद्धू और चरणजीत चन्नी के खिलाफ जमकर आवाजें उठ रही हैं। पूर्व कांग्रेसी मंत्री बलबीर सिद्धू ने हार के लिए चन्नी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि चन्नी के 'भइया' कमेंट के बाद 30 हजार प्रवासी वोटरों ने उन्हें वोट नहीं दी। पूर्व पंजाब कांग्रेस चीफ सुनील जाखड़ भी चन्नी पर हमले कर रहे हैं। जाखड़ चन्नी को कांग्रेस के लिए बोझ तक बता चुके हैं। वहीं सुखजिंदर रंधावा हार के लिए सिद्धू की बयानबाजी पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।

सिद्धू ने चन्नी के सिर थोपी जिम्मेदारी
नवजोत सिद्धू ने चरणजीत चन्नी पर हार की जिम्मेदारी थोपी है। उनका कहना है कि जब चुनाव चन्नी की अगुवाई में लड़ा गया तो जिम्मेदारी भी उनकी ही है। यह बात वह पहले ही साफ कर चुके थे। सूत्रों की मानें तो जब चन्नी को सीएम चेहरा बनाया गया तो सिद्धू ने चुनाव में हार-जीत के परिणाम से पल्ला झाड़ लिया था।

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