हंगामे के बीच निपटी CM मान की 'लोक मिलनी':लिस्ट में नाम देखकर दी एंट्री; पुलिस के रोकने पर लोगों का प्रदर्शन

चंडीगढ़3 महीने पहले
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पंजाब सीएम भगवंत मान ने सोमवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में लोगों की मुश्किलें सुनी। उनके साथ चीफ सेक्रेटरी अनिरुद्ध तिवारी और डीजीपी वीके भावरा की अगुवाई में अफसरों की फौज भी मौजूद रही। इस दौरान सिर्फ उन्हीं लोगों को एंट्र्री दी गई, जिनके नाम पुलिस वालों की लिस्ट में थे। जिस वजह से बाहर लोगों ने हंगामा और प्रदर्शन किया। लोगों ने इस लोक मिलनी को खुला न्यौता समझा और फरियाद लेकर पहुंच गए। हालांकि उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। लोगों ने कहा कि अगर सिर्फ चुनिंदा लोगों को ही एंट्री देनी थी तो इसके बारे में सरकार को पहले ही स्पष्ट करना चाहिए था।

बैरिकेडिंग कर रोके जाने पर विरोध जताते फरियाद लेकर आए लोग
बैरिकेडिंग कर रोके जाने पर विरोध जताते फरियाद लेकर आए लोग

बाहर बवाल होने का पता चलने पर अफसरों ने लोगों से शिकायतें ले ली और अगली बार मिलवाने का भरोसा दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि सीएम और अफसर खुद अंदर AC में बैठे हैं और उन्हें धूप से बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया। सीएम मान के इस कार्यक्रम को मीडिया को दूर रखा गया। अंदर लोगों ने किस तरह की फरियाद की, किसकी शिकायत की, इसके बारे में जानकारी को अफसरों तक ही सीमित रखा गया।

सीएम मान की लोक मिलनी में पहुंचे लोग।
सीएम मान की लोक मिलनी में पहुंचे लोग।

सरकार बने हुए 2 महीने
मान सरकार सरकार बनने के 2 महीने बीतने के बाद यह राज्यस्तरीय जनता दरबार लगा रही है। सीएम भगवंत मान ने 16 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। यह शपथग्रहण समरोह शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में हुआ था। दो महीने पूरे होने के मौके पर खास तौर पर यह पहल की गई है।

प्रकाश सिंह बादल CM रहते संगत दर्शन करते थे। - फाइल फोटो
प्रकाश सिंह बादल CM रहते संगत दर्शन करते थे। - फाइल फोटो

बादल करते रहे संगत दर्शन
इससे पहले 5 बार पंजाब के CM रहे प्रकाश सिंह बादल भी ऐसी पहल करते रहे हैं। वह संगत दर्शन के नाम से लोगों की मुश्किलें सुनते थे। हालांकि वह जिला या विधानसभा क्षेत्रों में जाकर लोगों से मिलते थे।

कैप्टन पर रहा लोगों से दूरी का आरोप
कांग्रेस सरकार में सीएम रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह पर लोगों से दूरी का आरोप रहा। विरोधियों ने भी इसे मुद्दा बनाया कि कैप्टन सिसवां फार्म हाउस से बाहर ही नहीं निकलते। वह लोगों से मिलना तो दूर, विधायकों से तक नहीं मिलते। हालांकि कैप्टन तर्क देते रहे कि उन्होंने मंत्रियों को अधिकार दिए हैं। वह लोगों से मिलते हैं।