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भोग समागम में भावुक हुए मूसेवाला के मां-बाप:बोले- हमें तो सिद्धू का कसूर भी पता नहीं; सरकार को समय लेकिन इंसाफ लेकर रहेंगे

चंडीगढ़6 महीने पहले

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की आत्मिक शांति के लिए मानसा में भोग समागम कराया गया। इस मौके सिद्धू के पिता बलकौर सिंह और मां चरण कौर भावुक हो गए। पिता ने कहा कि मेरे बेटे ने किसी के साथ कुछ गलत नहीं किया। मुझे नहीं पता कि उसे क्यों मारा गया है। उन्होंने कहा कि अगले 5-10 सालों तक सिद्धू मूसेवाला की आवाज उनके कानों में गूंजती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इंसाफ की लड़ाई जारी रहेगी। फिर भी मैं सरकार को वक्त देना चाहता हूं।

मूसेवाला के भोग समागम में उमड़ी प्रशंसकों की भीड़।
मूसेवाला के भोग समागम में उमड़ी प्रशंसकों की भीड़।

संघर्ष में बीता मूसेवाला का बचपन
पिता बलकौर सिंह ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला का आम गांव वाले की तरह जीवन था। जब मूसेवाला नर्सरी में पढ़ता था तो गांव से बस तक नहीं जाती थी। साधन नहीं थे लेकिन फिर भी किसी न किसी तरह स्कूल भेजा। मैं फायर ब्रिगेड में था तो मूसेवाला को छोड़ने के चक्कर में एक बार ड्यूटी पर 20 मिनट लेट हो गया। इसके बाद मूसेवाला को कहा कि या तो तू पढ़ेगा या मैं नौकरी करूंगा। मूसेवाला ने ढाई साल की उम्र में सेकेंड क्लास से 24 किलोमीटर साइकिल से आना-जाना किया।

भोग समागम में लगी सिद्धू मूसेवाला की तस्वीर।
भोग समागम में लगी सिद्धू मूसेवाला की तस्वीर।

अपने दम पर की पढ़ाई
बलकौर सिंह ने कहा कि संघर्षपूर्ण हालातों में मूसेवाला आगे बढ़ता रहा। हालात ऐसे थे कि मैं कभी जेब खर्च तक पूरा नहीं दे सका। उसने अपनी मेहनत से बारहवीं की। ग्रेजुएशन करने के लिए लुधियाना के गुरुनानक इंजीनियरिंग कॉलेज चला गया। फिर IELTS कर बाहर चला गया। डिग्री के बाद भी मुझे कभी तंग नहीं किया।

गाना बेचकर पैसे जुटाए, बुलंदियों तक पहुंचकर भी पर्स नहीं रखा
उन्होंने कहा कि मूसेवाला को जब भी पैसों की जरूरत होती तो अपना गाना बेच देता था। बुलंदियों तक पहुंचने के बाद भी अपने पास पर्स नहीं रखा। एक हजार रुपए की जरूरत होती तो मुझसे मांगता था। जब भी घर से निकलता, हमेशा पैर छूकर और आज्ञा लेकर जाता था। गाड़ी की सीट पर बैठकर भी मां के गले लगकर जाता था।

मूसेवाला के भोग समागम में इतनी भीड़ उमड़ी कि 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसके बावजूद फैन्स ने समागम स्थल तक पहुंच कर अपने फेवरेट स्टार को श्रद्धांजलि दी।
मूसेवाला के भोग समागम में इतनी भीड़ उमड़ी कि 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसके बावजूद फैन्स ने समागम स्थल तक पहुंच कर अपने फेवरेट स्टार को श्रद्धांजलि दी।

29 मई को मां घर पर नहीं थी, कहा- 5 मिनट में जूस पीकर आता हूं
पिता बलकौर सिंह ने कहा कि 29 मई को मां गांव में किसी की मौत होने पर वहां गई थी। मैंने मूसेवाला को कहा कि मैं साथ जाता हूं। तब मैं खेत से आया था। मूसेवाला ने कहा कि आपके कपड़े गंदे हैं। मैं 5 मिनट में जूस पीकर वापस आता हूं।

भोग समागम में बैठे पिता बलकौर सिंह और पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग
भोग समागम में बैठे पिता बलकौर सिंह और पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग

सारी जिंदगी साथ रहा, बस उसी दिन पीछे रह गया
बलकौर सिंह ने कहा कि मैं सारी जिंदगी मूसेवाला के साथ रहा। आखिर में मैं पीछे रह गया। अब मेरे पास पछताने के सिवाय कुछ नहीं हुआ। मुझे यह तक नहीं पता कि मेरे बच्चे का कसूर क्या है?। मेरे पास कभी कोई फोन कॉल या उलाहना नहीं आया कि मेरे बच्चे ने कोई कसूर किया हो। मूसेवाला मेरे गले लगकर रोया कि हर बात मुझसे क्यों जोड़ी जा रही है?।

बेटा गलत होता तो गनमैन जरूर रखता
मूसेवाला ने हमें कहा था कि मैंने कभी किसी का बुरा नहीं किया। उन्होंने मां-बाप के सिर पर हाथ रख कसम खाई थी कि कभी किसी को कुछ नहीं कहा। मेरा बेटा गलत होता तो गनमैन जरूर रखता। कन्ट्रोवर्सी चलती रही। हम परेशान हुए। कामयाब होने के बाद वह प्राइवेट सिक्योरिटी भी रख सकता था। हम अपनी जिंदगी काट लेंगे, लेकिन मेरे बेटे की चिता पर खबरें न बनाओ।

इलेक्शन लड़ने का फैसला सिद्धू का था
बलकौर सिंह ने कहा कि मूसेवाला को इलेक्शन में कोई नहीं लेकर गया। उसका अपना मन था। मैंने और राजा वड़िंग ने भी रोका। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग ने 2 साल से हमारी मदद की। इसलिए उन्हें कोई कुछ न कहे।

मां बोलीं- मेरा सब कुछ खत्म हो गया, सिद्धू की याद में पेड़ लगाएं
मूसेवाला की मां चरण कौर ने कहा कि 29 मई को काला दिन चढ़ा और ऐसा लगा कि मेरा सब कुछ खत्म हो गया। आप लोगों ने दुख में साथ दिया तो लगा कि मूसेवाला मेरे ही आसपास है। हमारे हौंसले को इसी तरह बनाकर रखना। पगड़ी और माता-पिता का सत्कार करना। प्रदूषण काफी बढ़ चुका है। हर व्यक्ति मूसेवाला के नाम पर एक-एक पेड़ लगाएं। उसे छोड़े नहीं बल्कि पालकर बड़ा करें।

मानसा की अनाज मंडी में सिद्धू मूसेवाला के भोग समारोह के दौरान मौजूद लोग।
मानसा की अनाज मंडी में सिद्धू मूसेवाला के भोग समारोह के दौरान मौजूद लोग।

पंजाबी सिंगर मूसेवाला की 29 मई को मानसा के जवाहरके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मौके मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह अपने दिल की बात भी प्रशंसकों से करेंगे।

8 बदमाश गिरफ्तार, शार्प शूटर्स की तलाश

पंजाब पुलिस इस मामले में 8 बदमाशों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें फैन बनकर मूसेवाला की रेकी करने वाला हरियाणा के सिरसा स्थित कालां वाली का संदीप केकड़ा भी शामिल है। केकड़ा के अलावा मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना निवासी खंडा चौक के नजदीक तलवंडी साबो बठिंडा, ढैपई जिला फरीदकोट का मनप्रीत भाऊ, अमृतसर का सराज मिंटू, प्रभदीप सिंह पब्बी निवासी तख्तमल कालांवाली हरियाणा, मोनू डागर निवासी रेवली जिला सोनीपत हरियाणा, पवन बिश्नोई निवासी फतेहाबाद हरियाणा, नसीब निवासी फतेहाबाद हरियाणा को अरेस्ट किया गया है।

अंतिम संस्कार के मौके पिता ने पगड़ी उतारकर प्रशंसकों की भीड़ को शुक्रिया कहा था।
अंतिम संस्कार के मौके पिता ने पगड़ी उतारकर प्रशंसकों की भीड़ को शुक्रिया कहा था।

जनवरी से रची जा रही साजिश, पहले कमांडो देख लौटे, सुरक्षा घटते ही हत्या
पंजाब पुलिस ने खुद कबूला कि मूसेवाला हत्याकांड की साजिश जनवरी 2022 से ही रची जा रही थी। कनाडा बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के 2 साथी जनवरी में ही हरियाणा से पंजाब आ चुके थे। इसके बाद से वह मूसेवाला की रेकी कर रहे थे।

मूसेवाला के घर से लेकर भागने तक की पूरी रेकी की गई। हालांकि तब मूसेवाला के पास AK47 वाले कमांडो देख वह लौट गए। इसके बाद 28 मई को मूसेवाला की सिक्योरिटी घटा दी गई। जिसके बाद गैंगस्टर्स फिर एक्टिव हो गए। मूसेवाला के बिना बुलेट प्रूफ गाड़ी में कमांडोज के बगैर बाहर जाते ही पीछा कर उनकी हत्या कर दी गई।