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अमृतसर के भाई-बहन की मौत:जयपुर के आमेर महल के सामने बिजली गिरने से गई थी जान; एक साथ हुआ अंतिम संस्कार, हादसे में मारे गए थे 11 लोग

amritsar3 महीने पहले
आमेर हादसे में मारे गए अमित और शिवानी का अंतिम संस्कार करते परिजन।

जयपुर के आमेर महल के सामने बने वॉच टावर पर रविवार को बिजली गिरने से हुए हादसे का शिकार बने अमृतसर निवासी भाई-बहन का मंगलवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। भल्ला कालोनी मजीद बिल्डिंग में रहने वाली शिवानी व उसका भाई अमित घटना से तीन दिन पहले ही अपनी मौसी को मिलने अपने मौसेरे भाई राजेश के साथ जयपुर गए थे। रविवार को जब घटना हुई तो सोनिया उसी टावर में थी। इतना ही नहीं अमित ने तुरंत अपने छोटे भाई विशाल को शिवानी के बारे में जानकारी दी, लेकिन उसी वक्त अमित भी बिजली का शिकार हुआ और परिवार से उसका संपर्क टूट गया।

मृतक शिवानी की फाइल फोटो
मृतक शिवानी की फाइल फोटो

मृतकों के पिता पंडित गुरबचन लाल बताते हैं कि शिवानी व अमित दोनों 9 जुलाई को जयपुर गए थे। यह पहली बार था, जब वह जयपुर जा रहे थे। उसकी मौसी की तबीयत पिछले डेढ़ साल से खराब थी। उनका हालचाल पूछने वह चले गए थे। शिवानी की बहन रिया ने कहा कि घटना के दिन दोपहर में उन्होंने फोन पर शिवानी से बात की थी और उसे वापस आने को कह रही थी। यह पहली बार था कि वह उससे इतनी दूर गई है।

मंगलवार सुबह मौसेरे भाई राजेश, दोनों भाई बहन शिवानी और अमित का मृतक शरीर लेकर अमृतसर पहुंचा। जिसके बाद सुबह 10 बजे उनका दाह-संस्कार कर दिया गया। क्योंकि दोनों ही कुंवारे थे, इसलिए मंगलवार शाम ही दोनों की अस्थियों को उठा लिया गया। मां रेणू बाला और छोटा भाई विशाल दोनों ही सदमे में हैं। विशाल की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वह अपने आप से ही बातें किए जा रहा है।

मृतक अमित की फाइल फोटो
मृतक अमित की फाइल फोटो

जिम्नास्टिक व गतका प्लेयर थी शिवानी
रिया ने जानकारी दी कि शिवानी ने बीकॉम कर रखी थी। घर में वह और भाई अमित ही कमाने वाले थे। परिवार का अतिरिक्त खर्च यही उठा रहे थे। शिवानी ट्यूशन पढ़ाती थी और अमित एप्पे कंपनी में सेल्समैन था। पढ़ाने के अलावा वह जिम्नास्टिक व गतका प्लेयर भी थी। प्लेयर होने के कारण उसकी स्कूल व कॉलेज दोनों की फीस माफ थी। पिता बताते हैं कि शिवानी अपने बलबूते पर ही पढ़ी थी, क्योंकि उनकी व परिवार की आर्थिक स्थिति कभी इतनी मजबूत नहीं रही कि वह उसे पढ़ा पाते।

ऐसे हुआ हादसा
गौरतलब है कि रविवार शाम करीब 7 बजे आमेर में हुई मूसलाधार बारिश लोगों का काल बनकर बरसी। आकाशीय बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई और 10 से ज्यादा झुलस गए। बिजली आमेर किले के ठीक सामने 500 मीटर ऊंचाई पर बने वॉच टावर पर गिरी। यहां लोग बारिश का लुत्फ उठाने पहुंचे थे। घायलों में से एक व्यक्ति ने फोन लगाकर पुलिस को सूचना दी, तब बचाव दल मौके पर पहुंचा।

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