सिद्धू मूसेवाला के पिता का खुलासा:​​​​​​​इलेक्शन में 8 बार हत्या की कोशिश हुई; खतरे के बावजूद AAP सरकार ने भरोसेमंद गनमैन वापस लिए

चंडीगढ़7 महीने पहले

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि 50-60 लोग मूसेवाला की कत्ल की प्लानिंग में जुटे थे। इलेक्शन के वक्त 8 बार मूसेवाला की हत्या कोशिश हुई। बहाने से हाथ मिलाकर मारने की साजिश थी। हालांकि सिक्योरिटी को देख उनकी फायरिंग करने की हिम्मत नहीं हुई।

बाकी कसर आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार ने निकाल दी। मूसेवाला की सिक्योरिटी घटा दी। इसका प्रचार भी कर दिया। जिन पर मूसेवाला भरोसा करता था, वही गनमैन वापस बुला लिए। मूसेवाला ने मानसा से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने मानसा में मूसेवाला के नाम पर सड़क का उद्घाटन किया।

पंजाबी सिंगर मूसेवाला की 29 मई को मानसा के जवाहरके में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के एक दिन पहले पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने उनकी सिक्योरिटी में लगे 4 में से 2 कमांडों वापस ले लिए थे। हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली।
पंजाबी सिंगर मूसेवाला की 29 मई को मानसा के जवाहरके में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के एक दिन पहले पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने उनकी सिक्योरिटी में लगे 4 में से 2 कमांडों वापस ले लिए थे। हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली।

पंजाब में पैरलल सरकार चला रहे गैंगस्टर
बलकौर सिंह ने कहा कि कोई गलती हो तो शिकायत आने पर पुलिस और प्रशासन को हम जवाब दे सकते हैं। मगर, गैंगस्टर जो पैररल सरकार चला रहे हैं, उसके बारे में किसके पास जाकर पक्ष रखें। क्या पता कौन चुगलियां कर रहा हो। एक के पास जाकर घुटने टेक देंगे तो दूसरा बंदूक लेकर आ जाएगा। उसके आगे झुकेंगे तो तीसरा आ जाएगा। यह भाईयों को मारने वाली जंग है।

बलकौर सिंह ने मानसा में सिद्धू मूसेवाला यादगारी मार्ग का उद्घाटन किया। इस सड़क को बनाने का सपना मूसेवाला का था।
बलकौर सिंह ने मानसा में सिद्धू मूसेवाला यादगारी मार्ग का उद्घाटन किया। इस सड़क को बनाने का सपना मूसेवाला का था।

आपस में क्यों नहीं बदला लेते गैंगस्टर
बलकौर सिंह ने कहा कि इस जंग में न कोई लीडर मरे और न कोई गैंगस्टर, मरते तो आम घर के युवा हैं। किसी को मारकर हम कहेंगे कि सिद्धू का बदला ले लिया। वह कह रहे कि मिड्‌डूखेड़ा के कत्ल का बदला लिया। वह आपस में एक-दूसरे से बदला क्यों नहीं लेते?, आम घरों को क्यों निशाना बना रहे हैं?।

मूसेवाला के अंतिम संस्कार में पिता बलकौर सिंह ने इस तरह पगड़ी उतारकर हजारों की संख्या में आए फैंस का शुक्रिया अदा किया था।
मूसेवाला के अंतिम संस्कार में पिता बलकौर सिंह ने इस तरह पगड़ी उतारकर हजारों की संख्या में आए फैंस का शुक्रिया अदा किया था।

हार के बाद राजनीति से करना था किनारा
मूसेवाला के पिता ने कहा कि हार के बाद वह हताश हो गया था। इसके बाद वह दुबई में शो करने के लिए गया। वहां से लौटा तो मुझे कहा कि हम अब आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे। हां, चुनाव लड़ने वालों के बराबर जरूर खड़े होंगे। वह समाज सेवा के जरिए लोगों के बीच रहना चाहता था। मूसेवाला को दुख था कि लोग आज भी गली-मोहल्ले वाली बात कर रहे हैं। जबकि उन्हें कैंसर अस्पताल जैसी चीजें मांगनी चाहिए।

अंतिम संस्कार में बलकौर सिंह ने मूसेवाला के सिग्नेचर स्टाइल में उन्हें अंतिम विदाई दी थी।
अंतिम संस्कार में बलकौर सिंह ने मूसेवाला के सिग्नेचर स्टाइल में उन्हें अंतिम विदाई दी थी।

मेरी गाड़ी का टायर पंचर हो गया था
बलकौर सिंह ने कहा कि हत्या वाले दिन वह भी मूसेवाला के पीछे जा रहे थे। जब उन्होंने गाड़ी निकाली तो उसका पिछला टायर पंचर था। यह देख मूसेवाला ने मुझे कहा कि गाड़ी को अंदर ही लगा दो। जब तक मैं अंदर गया तो वह थार से आगे चला गया। 8 मिनट बाद फोन आया कि फायरिंग हो गई। उन्होंने कहा कि मूसेवाला की तरक्की ही दुश्मन बन गई। कुछ लोग उस पर कब्जा करना चाहते थे। साधारण परिवार से उठकर मूसेवाला ने इतना नाम कमा लिया कि वह कुछ लोगों की आंख में खटकने लगा।

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