कौन है बलविंदर जटाणा?:मूसेवाला के नए गीत का चेहरा; SYL कनाल के 2 अफसरों को मारी थी गोली, पुलिस ने किया एनकाउंटर

चंडीगढ़13 दिन पहले

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद उनका सतलुज-यमुना लिंक(SYL) नहर पर आधारित गीत रिलीज हुआ है। इसमें मूसेवाला ने बलविंदर सिंह जटाणा का जिक्र किया है। जटाणा ने अपने साथियों के साथ मिलकर चंडीगढ़ में 2 अफसरों की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद अफसर इतने डर गए थे कि कोई इस काम में हाथ डालने को तैयार नहीं हुआ। जिस वजह से उस वक्त पंजाब में सतलुज-यमुना लिंक नहर का काम वहीं रुक गया था।

सिद्धू मूसेवाला के गाने में दिखाई गई SYL नहर ।
सिद्धू मूसेवाला के गाने में दिखाई गई SYL नहर ।

चलती मीटिंग में साथियों संग आए जटाणा, 2 इंजीनियरों की हत्या की
यह घटना 23 जुलाई 1990 की है। चंडीगढ़ के सेक्टर 26 स्थित दफ्तर में सतलुज-यमुना लिंक नहर बनाने को लेकर मीटिंग चल रही थी। इसके जरिए पंजाब का पानी हरियाणा और दिल्ली तक जाना था। जिस वक्त मीटिंग हो रही थी, रोपड़ के रहने वाले बलविंदर जटाणा अपने साथ बलबीर सिंह फौजी, जगतार सिंह पिंजोला और हरमीत सिंह भाओवाल के साथ वहां पहुंच गए। यह कहा जाता है कि जटाणा ने वहां पहुंचकर अपने साथियों के साथ SYL के चीफ इंजीनियर और सुपरिटेंडिंग इंजीनियर एमएस सिकरी और अवतार औलख की हत्या कर दी।

बलविंदर जटाणा। मूसेवाला ने अपने गीत के पोस्टर में यही तस्वीर इस्तेमाल की है।
बलविंदर जटाणा। मूसेवाला ने अपने गीत के पोस्टर में यही तस्वीर इस्तेमाल की है।

जटाणा के परिवार के 4 सदस्य मारे
हत्या का आरोप बलविंदर जटाणा पर लगा। इसके बाद पुलिस जटाणा की तलाश में जुट गई। इसके बाद 30 नवंबर 1991 को पुलिस उनके घर पहुंची। जहां जटाणा तो नहीं मिला लेकिन परिवार हाथ लग गया। जटाणा की साथी रहीं निरप्रीत कौर ने दावा किया कि उस वक्त पुलिस ने एक पूहला निहंग की मदद से जटाणा की दादी द्वारकी कौर, चाची जमशेर कौर, बहन मनप्रीत कौर और भांजे सिमरनजीत सिंह को जिंदा जला दिया गया। निरप्रीत कौर ने इस बात की भी पुष्टि की कि इंजीनियरों की हत्या जटाणा ने ही की थी।

बलविंदर सिंह जटाणा के परिवार के 4 सदस्यों को जिंदा जलाने का दावा किया जा रहा है।
बलविंदर सिंह जटाणा के परिवार के 4 सदस्यों को जिंदा जलाने का दावा किया जा रहा है।

जटाणा का एनकाउंटर
इसके बाद पुलिस जटाणा की तलाश में जुट गई। जटाणा पर 16 लाख का इनाम घोषित कर दिया गया। इसके बाद 4 सितंबर 1991 को जटाणा अपने साथी चरणजीत सिंह चन्ना के साथ साधुगढ़ गांव की तरफ जा रहे थे। दोपहर के वक्त उन्होंने आगे पुलिस का नाका देखा। जिसके बाद वह बगल में स्थित खेतों से भागने लगे। वहां पुलिस ने उन्हें गोली मारकर एनकाउंटर कर दिया

बलविंदर सिंह जटाणा
बलविंदर सिंह जटाणा

बब्बर खालसा से जुड़ा था जटाणा
बलविंदर सिंह जटाणा बब्बर खालसा से जुड़े हुए थे। जटाणा बब्बर खालसा के मुखी सुखदेव सिंह बब्बर के करीबियों में गिने जाते थे। इसी वजह से जटाणा को पंजाब के मालवा इलाके का लेफ्टिनेंट जनरल बना रखा था। उस वक्त मालवा इलाके में बब्बर खालसा की गतिविधियां जटाणा के इशारे पर ही चलती थी।

जटाणा आतंकी संगठन बब्बर खालसा से जुड़ा हुआ था। उसे संगठन के मुखी सुखदेव सिंह बब्बर का करीबियों में से एक माना जाता है।
जटाणा आतंकी संगठन बब्बर खालसा से जुड़ा हुआ था। उसे संगठन के मुखी सुखदेव सिंह बब्बर का करीबियों में से एक माना जाता है।

जटाणा यह कदम न उठाते तो पंजाब का पानी चला जाता : निरप्रीत कौर
निरप्रीत कौर ने कहा कि नेता आपस में मिल गए थे। किसी को इसके बारे में ज्यादा पता नहीं था। जटाणा अगर यह काम न करते तो फिर पंजाब का नुकसान होना था। पंजाब का पानी चला जाता। । सिख समुदाय मानता है कि SYL कनाल के निर्माण को रोकने में जटाणा का अहम रोल रहा।

निरप्रीत कौर उस वक्त जटाणा की साथी रही हैं। जटाणा ने थाने पर फायरिंग कर उन्हें छुड़ाया था। निरप्रीत कौर का दावा है कि उस वक्त उन्हें बेरहमी से टॉर्चर किया जा रहा था।
निरप्रीत कौर उस वक्त जटाणा की साथी रही हैं। जटाणा ने थाने पर फायरिंग कर उन्हें छुड़ाया था। निरप्रीत कौर का दावा है कि उस वक्त उन्हें बेरहमी से टॉर्चर किया जा रहा था।

हत्या के 26 दिन बाद आया मूसेवाला का नया गाना:पंजाब-हरियाणा के SYL नहर विवाद पर गाया; 6 मिनट में पौने 5 लाख व्यू, 3.14 लाख लाइक

खबरें और भी हैं...