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बहुमत के बावजूद कांग्रेस नहीं चुन सकी अध्यक्ष:गुटबाजी के कारण वारिस से वंचित कौंसिल के अध्यक्ष पद की कुर्सी

कोटकपूराएक महीने पहलेलेखक: परविंदर अरोड़ा
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  • मंत्री के दबाव व राजनैतिक दाव-पेंच के बाद भी कोटकपूरा कौंसिल के 29 में से 8 पार्षद बैठक में हुए शामिल

29 पार्षदों वाली नगर कौंसिल कोटकपूरा में कांग्रेस का बहुमत, अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान कैबिनेट स्तर के मंत्री की उपस्थिति व पिछले करीब एक महीने से नेताओं की भागदौड़ शुक्रवार को भी कोटकपूरा के अध्यक्ष पद की कुर्सी को अपना दावेदार नहीं दिला सकी।

शुक्रवार को नगर काउंसिल के टाउन हाल में चली चयन प्रक्रिया के दौरान कोटकपूरा के कुल 29 पार्षदों में से 8 पार्षद ही उपस्थित हुए। इसके चलते चुनाव के लिए कोरम पूरा न होने के चलते अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो सका। कांग्रेस के आंतरिक मतभेदों के कारण अध्यक्ष पद के चयन की प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण अध्यक्ष का ऐलान करने को सुबह नौ बजे से ही कोटकपूरा में डेरा जमाए बैठे कैबिनेट मंत्री व अपने चहेते को अध्यक्ष पद दिलाने के सपने संजोए बैठे कांग्रेसी नेता आज हुई फजीहत के बाद इस सारी प्रक्रिया की नाकामी पर कोई प्रतिक्रिया देने की बजाय मुंह छिपा वहां से खिसक लिए।

जबकि नियम के अनुसार पार्षद के तौर पर अपने मताधिकार का उपयोग करने में सक्षम कोटकपूरा के विधायक कुलतार सिंह संधवा ने भी पार्षद न होते हुए भी अपनी मनमर्जी करने को पार्षदों पर दबाव बनाने को अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान उपस्थित कैबिनेट मंत्री के इस प्रक्रिया में शामिल होने पर आपत्ति जताते हुए गर्मी की दोपहर धूप में नगर काउंसिल के गेट के समक्ष फर्श पर बैठ कर प्रदर्शन किया। 8 पार्षदों की उपस्थिति के बावजूद चुनाव निरीक्षक एसडीएम ने उपस्थित पार्षदों में से स्वतंत्र जोशी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष व सुरिंदर पाल कौर को उपाध्यक्ष नियुक्त करने का ऐलान कर दिया।

अध्यक्ष नहीं तो उपाध्यक्ष सही....केवल 8 पार्षदों की उपस्थिति के आधार पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष व उपाध्यक्ष नियुक्त हुए, समर्थकों ने डाला भंगड़ा
बेशक कोटकपूरा का अध्यक्ष पद किसी पिछड़ी जाति वर्ग के पार्षद के लिए आरक्षित है व इस जाति वर्ग के 29 में से तीन पार्षद हैं लेेकिन आज के चयन प्रक्रिया के दौरान तीनों में से एक भी उपस्थित न होने के कारण अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं हो सका लेकिन चुनाव अधिकारी के तौर पर बैठक में शामिल एसडीएम अमरिंदर सिंह टिवाना ने उपस्थित पार्षदों को शपथ ग्रहण करवाने के बाद उनमें से स्वतंत्र जोशी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष व सुरिंदर पाल कौर को उपाध्यक्ष चूने जाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपनी इस कार्रवाई को जायज ठहराते हुए बताया कि उन्होंने आधा घंटा तक पार्षदों के आने का इंतजार किया। इस दौरान मात्र आठ पार्षद आए जबकि अन्य पार्षदों ने न आने का कोई कारण नहीं बताया गया ऐसे में उन्होंने अपने स्तर पर चुनाव करवा ऐलान कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में कोरम का कोई प्रावधान नहीं है।
अध्यक्ष पद बीसी वर्ग के लिए आरक्षित...बैठक में तीनों दावेदारों के न आने से नहीं हो सका अध्यक्ष का चयन
गत 17 फरवरी को निकाय चुनाव की प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद से ही कोटकपूरा के नगर काउंसिल के अध्यक्ष पद के चयन की कार्रवाई कभी न्यायिक प्रक्रिया के चलते व कभी पार्षदों के कोरोना पाॅजिटिव आने के कारण लटकती रही है। वीरवार को एसडीएम कोटकपूरा अमरिंदर सिंह टिवाना द्वारा दिए गए पार्षदों के शपथ ग्रहण के आमंत्रण के बाद शुक्रवार को अध्यक्ष पद के चयन की संभावना बनी थी।

शुक्रवार को दिन के 11 बजे होने वाली इस कार्रवाई के दौरान हाइकमान की ओर से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी का नाम लेकर कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत भी सुबह 9 बजे से ही कोटकपूरा पह़ुंचे हुए थे व सुबह ग्यारह बजे से पहले ही वह नगर काउंसिल के चुनाव स्थल टाउन हाल में उपस्थित थे।

लेकिन उनके आमंत्रण व मंत्री की उपस्थिति भी नगर काउंसिल के 29 पार्षदों में से मात्र आठ पार्षदों को ही चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने को बाध्य कर सकी। सरकार ने कोटकपूरा नगर काउंसिल का अध्यक्ष पद बीसी वर्ग के पार्षद के लिए आरक्षित कर रखा है। लेकिन आज के बैठक में बीसी वर्ग के दावेदार तीन पार्षदों में से कोई भी उपस्थित नहीं होने के कारण अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं हो सका।

आप विधायक कुलतार सिंह संधवा ने कैबिनेट मंत्री धर्मसोत की उपस्थिति पर जताया एतराज, धरने पर बैठे
नियम के अनुसार क्षेत्र के विधायक के पास अपने क्षेत्र की नगर काैंसिल में पाषर्द के बराबर की शक्तियां होती हैं व वह अध्यक्ष पद समेत किसी भी तरह की चुनाव प्रक्रिया में जरूरत पड़ने पर अपने इस मताधिकार का उपयोग करने में सक्षम होता है।

आज भी चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने को आप विधायक कुलतार सिंह संधवा भी नगर काउंसिल के टाउन हाल पहुंचे लेकिन बैठक में शामिल नहीं हुए। इस दाैरान विधायक कुलतार सिंह ने कहा कि मंत्री के पास वाेट का अधिकार नहीं है, इसलिए उनका चुनाव प्रक्रिया में शामिल हाेना अवैध है।

जब तक मंत्री अंदर बैठक में रहेंगे वह शामिल नहीं हाेंगे। इसके बाद विधायक ने मंत्री काे बैठक से बाहर करने के लिए नगर काउंसिल के गेट के समक्ष सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब आधा घंटा रोष जताते के बाद वह बिना चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लिए वहां से निकल लिए। उनके जाने के कुछ समय बाद ही कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत व राहुल सिंह भी बैठक से निकल किसी से बिना कोई बात किए वहां से खिसक लिए।

मतभेदों ने बिगाड़ा खेल
कोटकपूरा में कांग्रेस के आंतरिक मतभेदों ने एक बार फिर से अध्यक्ष पद के चयन की प्रक्रिया का खेेल बिगाड़ दिया। कांग्रेस पार्षदों के एक गुट का समर्थन खुद को कोटकपूरा का हलका प्रभारी बताते राहुल सिंह व दूसरे ग्रुप का समर्थन कोटकपूरा के रहने वाले व कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अजय पाल सिंह संधू कर रहे हैं। चुनाव के बाद से कांग्रेस के 21 पार्षदों में से 13 अजय पाल सिंह के पक्ष के व 8 राहुल सिंह के पक्ष के बताए जा रहे थे। लेकिन गत दिनों राहुल सिंह के समर्थक व्यापारी नेता ओंकार गोयल के नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन पद की नियुक्ति के बाद से यह कयास लगाए जा रहे थे कि मुख्यमंत्री के इस आशीर्वाद के बाद राहुल सिंह कोई का कोई तिड़कम भिड़ाकर अपने किसी चहेते को अध्यक्ष पद दिला सकते हैं, लेकिन आज उस समय उन्हें कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत के सामने फजीहत झेलनी पड़ी जब तमाम कोशिशों के बाद भी वह 29 में से कूल आठ पार्षदों को ही बैठक में शामिल करवा सके जबकि 13 कांग्रेसी पार्षदों समेत कुल 21 पार्षद जिलाध्यक्ष के निवास पर डेरा जमाए दूर से ही तमाशा देखते रहे।
विरोधी गुट ने किया उच्च न्यायालय जाने का एलान
उधर कांग्रेस जिलाध्यक्ष के घर में एकत्रित पार्षदों में से कांग्रेस के 13 पार्षदों ने चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय जाने का ऐलान किया है। ऐसे में अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए वारिस का इंतजार और लम्बा होने के आसार बने हैं।

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