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अनिल जोशी ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से पूछे 5 सवाल:पूर्व मंत्री ने शोकॉज नोटिस पर प्रदेश इकाई को दिया दो पेज का जवाब, कहा- खेती कानूनों या केंद्र के खिलाफ कुछ नहीं बोला

अमृतसर4 महीने पहले
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पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी का फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी का फाइल फोटो।

केंद्र सरकार के नए खेती कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का पक्ष लेने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी और पंजाब भाजपा इकाई के बीच चल रही खींचातान खत्म होती नजर नहीं आ रही। जोशी की बयानबाजी को अनुशासनहीनता मानते हुए दो दिन पहले ही पंजाब भाजपा के जनरल सेक्रेटरी सुभाष शर्मा ने उन्हें शोकॉज नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था।

जोशी ने इस नोटिस का लिखित जवाब भेज दिया है और इसमें उन्होंने पार्टी प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी शर्मा से 5 सवाल पूछे हैं। दो पेज के अपने जवाब में जोशी ने लिखा है कि उन्होंने तीनों नए खेती कानूनों या केंद्र के खिलाफ कभी बयानबाजी नहीं की। उन्होंने हमेशा पार्टी के हित में बोला है। अपनी आधी से ज्यादा जिंदगी भाजपा को समर्पित कर चुके हैं।

जोशी के अनुसार, उन्होंने सबसे पहले अपने विचार पार्टी के मंच पर ही रखे थे। साथ ही पार्टी वर्करों पर हो रहे हमले और उन्हें पेश आ रही दिक्कतों पर चर्चा करने के लिए विधानसभा चुनाव लड़ चुके या लड़ने वाले सभी संभावित दावेदारों की बैठक बुलाने का सुझाव दिया था मगर इस सुझाव को अनदेखा कर दिया गया।

जोशी ने अपने जवाब में लिखा है कि शुरू में जब किसान पंजाब में आंदोलन कर रहे थे, तब उनकी मांगें बहुत सीमित थीं। अगर उसी समय किसानों से बातचीत कर ली जाती तो यह आंदोलन इतना बड़ा होता ही नहीं। दो पेज के इस जवाब के अंत में जोशी ने पंजाब भाजपा के प्रधान अश्वनी शर्मा को पंजाब के किसानों, व्यापारियों व मजदूरों के साथ मजबूती से खड़े होने और उनकी समस्याओं का हल करवाने की सलाह दी है।

पूछा- किसानों की बात रखना क्या अनुशासनहीनता है? जोशी ने शोकॉज नोटिस के जवाब में भाजपा की पंजाब ईकाई से 5 सवाल भी पूछे हैं।

पहला सवाल : पंजाब के किसानों की बात करना क्या अनुशासनहीनता है?

दूसरा सवाल : पंजाब के आढ़तियों, शैलर मालिकों, उद्योगपतियों, छोटे-बड़े व्यापारियों और मजदूरों की बात करना क्या अनुशासनहीनता है?
तीसरा सवाल : पंजाब के भाईचारे में आ रही दरार को भरने की कोशिश करना क्या अनुशासनहीनता है?

चौथा सवाल : पंजाब में भाजपा वर्करों को किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। इसे रोकने के लिए किसानों का सहयोग करने की बात करना क्या अनुशासनहीनता है?

पांचवां सवाल : कार्यकर्ता भाजपा को छोड़कर जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी को बचाने के लिए सुझाव देना क्या अनुशासनहीनता है?

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