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कोरोना इफेक्ट:सर्वेक्षण में शुरू हुए 12 में से 10 प्रोजेक्ट ठप, नई गाइडलाइन से ही संवरेगी सूरत

पटियालाएक महीने पहले
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  • संक्रमण के चलते स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 का रिजल्ट लेट
  • 2019 के रिजल्ट में पटियाला 4237 शहरों में से 72वें स्थान पर था
  • नई गाइडलाइन निगम में पहुंची- इस बार सिटी प्रोफाइल सार्वजनिक करनी होगी
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कोरोना संक्रमण के चलते केंद्र सरकार ने अब तक स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 का रिजल्ट अब तक जारी नहीं किया है। इसके चलते स्वच्छता की गतिविधियां ठप नजर आने लगी हैं।

शहर में सर्वेक्षण के दौरान सभी रिहायशी और कमर्शियल एरियां में 50-100 मीटर की दूरी पर ट्विन बिन (नीले व हरे डस्टबीन) रखने का प्रोजेक्ट अब जमीन पर दिखना बंद हो गया। घर घर से एकत्र कर गीला सूखा कूड़ा अलग करने का प्रोजेक्ट ठप है। 

सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की नई गाइडलाइन जारी तो कर दी है, लेकिन इस पर काम रिजल्ट के बाद ही शुरू हो पाएगा। साल 2019 में 6 मार्च को रिजल्ट घोषित किए गए थे।

पटियाला को देश के 4237 शहरों में से 72वें स्थान पर आया था। अगर पहले की बात करें तो शहरी विकास मंत्रालय द्वारा 2017 में देश के 428 शहरों में कराए गए स्वच्छ सर्वेक्षण में 411वां नंबर पाया था, साल 2018 में सर्वेक्षण में 4041 शहरों के सर्वेक्षण में पटियाला ने 183वां रैंक हासिल किया था।

नई गाइडलाइन निगम में पहुंची- इस बार सिटी प्रोफाइल सार्वजनिक करनी होगी

स्कूल, कॉलेजों की तरह साफ-सफाई की सालाना परीक्षा पर भी कोरोना वायरस का साया मंडराता नजर आ रहा है। अभी पूरा सरकारी अमला कोरोना वायरस से लोहा लेने में लगा है। यह क्रम अगले महीने अगस्त या उसके बाद तक चल सकता है।

ऐसे में सरकार ने कुछ दिन पहले ही स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की नई गाइडलाइन जारी कर निगम को भेजी है। इस बार नया यह है कि पहली बार सिटी प्रोफाइल को सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए है।

पहले निगम ने इस प्रोफाइल में क्या क्या दावे किए, पता ही नहीं चलता था। अब जनता को इन सब दावों के बारे में बताना जरूरी होगा।

हर साल बदल जाते हैं मापदंड

सरकार ने 2016 में स्वच्छता सर्वेक्षण की शुरुआत की थी, तब से हर साल सर्वेक्षण के मापदंड बदल रहे हैं। 2020 में अप्रैल से दिसबंर तक तीन स्वच्छता लीग और जनवरी में फाइनल सर्वे हुआ था।

यह 6000 अंक का था। यह 2019 में 5000 तथा 2018 व 2017 में 4000 अंक का था। वहीं पहली बार सरकार ने बिना तैयारी के सीधे सर्वे कराकर रैंकिंग जारी की थी।

इन कारणों से आगे बढ़ सकता है स्वच्छता सर्वेक्षण

सरकार का सारा फोकस फिलहाल कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने पर है। तमाम नगर निगम भी इसी के इंतजाम में लगे हैं।

अगस्त-सितंबर में वायरस का असर कम हो भी गया तो फिर तैयारी करने के लिए निगमों के पास सिर्फ तीन माह का समय बचेगा।

2020 के सर्वे का रिजल्ट सरकार जारी नहीं कर पाई है। यह अप्रैल या मई में आ जाता है।

सरकार और निगम दोनों के पास बजट की कमी है।

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