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छोटी सरकार ये जनता के पैसों की बर्बादी है:चार साल में 107 करोड़ से 205 किमी सड़कें बनाईं, कैनाल बेस्ड वाटर प्रोजेक्ट की पाइप डालने के लिए अब उखाड़ने की तैयारी

पटियाला20 दिन पहलेलेखक: राणा रणधीर
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पटियाला के 7 कॉलोनियों को जोड़ने वाली 33 फुटी रोड करीब डेढ़ साल से खराब है। 6 महीने पहले उद्घाटन होने के बाद नहीं बनाया गय। इस रोड से सैकड़ों की अाबादी निकलती है। - Dainik Bhaskar
पटियाला के 7 कॉलोनियों को जोड़ने वाली 33 फुटी रोड करीब डेढ़ साल से खराब है। 6 महीने पहले उद्घाटन होने के बाद नहीं बनाया गय। इस रोड से सैकड़ों की अाबादी निकलती है।
  • शहर के 60 वार्डों में है 325 किमी. सड़कों का जाल
  • 33 फुटी रोड...6 महीने पहले उद्घाटन लेकिन बनाई नहीं

नगर निगम ने पिछले 4 सालों में पटियाला के 60 वार्डों की कुल 352 किलोमीटर सड़कों में से करीबन 205 किलोमीटर सड़कों को लगभग 107 करोड़ रुपए खर्च करके बना तो दिया, अब इन सड़कों पर संकट के बादल छा गए हैं। कारण, कैनाल बेस्ड वाटर प्रोजेक्ट (भाखड़ा के पानी को ट्रीट करके शहर में पाइपलाइनों के जरिए सप्लाई करना) के तहत सारे 60 वाॅर्डों में पाइपलाइन बिछाई जानी है। इसके लिए ये नई बनी सड़कों को फिर से उखाड़ा जाएगा। कुछ दिन पहले इसकी शुरुआत मजीठिया इनक्लेव में हो चुकी थी।

लोगों के विरोध के बाद काम बंद करना पड़ा। अब नगर निगम ने यह पाइपलाइन बिछाने के लिए कैनाल बेस्ड प्रोजेक्ट देख रही कंपनी को शहर की ऐसी 20 सड़कों की लिस्ट सौंपकर वहां काम करने को कहा है जो अभी बनी नहीं हैं। ऐसे में तय है कि 107 करोड़ रुपए खर्च करके बनी इंटरलॉकिंग टायलों की सड़कों को एक बार उखाड़ा जाएगा। निगम पिछले 4 सालों में शहर में सड़कों पर 128 करोड़ खर्च चुका है। 107 करोड़ सड़कें बनाने पर और बाकी पैसा सड़कों पर पाइपलाइन डालने, सीवर लाइन पर खर्च हुआ है।

  • पहले...मजीठिया एनक्लेव में कुछ महीने पहले बनी सड़कों पर पाइप डालने के लिए उखाड़ने का हुआ था विरोध
  • अब...निगम ने शहर की 20 ऐसी सड़कों की लिस्ट सौंप कर वहां काम कराने को कहा जो अभी बनी ही नहीं हैं

बाकी सड़कों के 2 टेंडर लगे, एक 29 को खुला था, दूसरा 11 को खुलेगा

60 वाॅर्डों की कुल 352 किमी सड़कों में से 205 किमी सड़कों को तो बनाया जा चुका हैं, लेकिन बाकी बची 147 किमी सड़कों को बनाने के लिए नगर निगम 2 टेंडर लगा चुका है। पंजाब निर्माण प्रोजेक्ट के तहत सरकार 10 करोड़ रुपए के टेंडर 29 सितंबर 2021 के खुल चुके थे, जबकि पंजाब इनवायरमेंट प्रोग्राम प्रोजेक्ट के तहत 13 करोड़ 55 लाख के टेंडर 11 अक्टूबर के लगे हैं।

इनमें शहर की आउटर कॉलोनियों में बारकी रहती सड़कों को पूरा किया जाना है। पटियाला सिटी में 31 और पटियाला देहाती में 29 वार्ड आते हैं। पटियाला सिटी के 31 वार्डों में सड़क निर्माण का काम निगम और देहाती की सड़क निर्माण का काम इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पास है।

इन इलाकों में समस्या

  • शहर की आउटर कॉलोनियों अबलोवाल, भादसों रोड पर आती कॉलोनियां, नाभा रोड, सरहिंद रोड पर आती कॉलोनियों में सड़कें टूटी हैं।
  • गोबिंद बाग, बाबा दीप सिंह नगर, कोहिनूर इनक्लेव, हीरा बाग में सड़कें टूटी हैं।
  • खालसा कॉलेज से 24 नंबर फाटक काे जाती मेन बडूंगर की सड़क, मॉडल टाउन, प्रताप नगर, मजीठिया इनक्लेव, पावर काॅलाेनी, जय जवान काॅलाेनी, बडूंगर में सड़कें टूटी हैं।
  • बिशन नगर, राम नगर, एसएसटी नगर, जुझार नगर को जोड़ने वालाी 33 फुटी सड़क 4 सालों से टूटी हुई है।
  • राजपुरा रोड पर नए बस स्टैंड निर्माण की वजह से मेन रोड बंद है। इसलिए सारा ट्रैफिक अर्बन एस्टेट-2 व यूनिवर्सिटी बीच से चिनार बाग को जाने वाली प्रमुख सड़क से होकर निकल रहा है, लेकिन यह सड़क बुरी तरह से टूटी हुई है।

एक्सपर्ट व्यू...इंटरलॉकिंग सड़कें इसलिए टूट रही हैं क्योंकि बरसाती पानी की निकासी नहीं

स्टाफ कम रहने तक लोगों को ऐसे ही परेशानी से जूझना पड़ेगा। ठेकेदारी प्रथा खत्म करके ट्रेंड स्टाफ भर्ती किया जाना चाहिए। अनट्रेंड होने के कारण कई युवा जान भी गंवा चुके हैं। पंजाब सरकार ने एक्सलेटरी पावर डेवलपमेंट एंड रिफोर्म्स स्कीम के तहत करोड़ों रुपए सिस्टम बदलने के लिए लगाए थे लेकिन हालात कुछ और ही हैं।

जरूरत समय-समय पर चेकिंग, ट्रांसफार्मर बइंजीनियर्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक सड़कें बनाने से पहले कांट्रेक्टर को बरसाती पानी की निकासी का प्रबंध करना जरूरी होती है। उसे सड़क निर्माण से पहले रोड़ जालियां और सीवर मेनहोल को दुरस्त करना होता है। जहां बार बार सड़कें टूट रही हैं वहां निगम को सीमेंट वाली सड़कें बनानी चाहिए क्योंकि इनकी लाइफ 15 से 20 साल तक होती है। हालांकि यह सड़कें भी तब कामयाब होती हैं जब लीकेज सिस्टम को पूरी तरह से खत्म किया जाए। स्ट्रॉम सीवरेज सिस्टम नहीं होने से बारिश का पानी व सीवरेज ओवरफ्लो होकर सड़कों पर जमा रहता है।

31 वाॅर्ड में 80-90% सड़कों का काम पूरा कर चुके

हमारी नई बनी सड़कों की मेंटीनेंस को लेकर हम समय समय पर चेकिंग करवाते रहते हैं। जहां कहीं बरसाती पानी की निकासी न होने के कारण सड़कें दबी हैं वहां हमने कौंसलर्स से लिस्ट मांग कर उसे दुरस्त करवाने का काम भी शुरू कर दिया है। शहर के 31 वार्डों में हम 80 से 90 फीसदी सड़कों का काम पूरा कर चुके हैं, बाकी रहते काम के लिए 2 टेंडर लग चुके हैं। वहां भी जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। कोशिश है कि जल्द से जल्द समस्या का हल कर दिया जाए।-इंजी. शाम लाल गुप्ता, एसई नगर निगम पटियाला।

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