धरना:अकालियाें की चुटकी, बोले- कैप्टन साब कोई गैर जमानती धारा लगा जेल भेजते, ये पर्चा नहीं पर्चियां हैं

पटियालाएक वर्ष पहले
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  • तेल की बढ़ी कीमतों के विरोध में अकालियों का धरना
  • न्यू मोती बाग पैलेस तक मार्च निकालने पर 10 पर केस
  • लॉकडाउन तोड़ने पर 188 और पशुओ पर अत्याचार पर 11ए में केस दर्ज

तेल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ अनारदाना चौक पर धरना देने और फिर कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास न्यू मोती बाग पैलेस तक रोष मार्च निकालने पर पुलिस ने शहरी अकाली दल प्रधान हरपाल जुनेजा, कौंसलर पति रविंदरपाल सिंह जोनी कोहली, यूथ प्रधान अवतार हैप्पी समेत 10 अकाली नेताओं पर केस दर्ज किया।

आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। कोतवाली पुलिस ने उपराेक्त नेताओं सहित जसविंदर पाल सिंह चड्डा, आकाश बॉक्सर, सुखबीर सिंह सनौर, जयदीप गोयल, गोबिंद बडूंगर, गुरबख्श सिह चहल और हैप्पी लोहट सहित अज्ञात लोगों पर धारा 188, 283, 269, 270, 149 और 51 डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट और सेक्शन 11 ए के तहत केस दर्ज किया।

पर्चे पर शहरी प्रधान हरपाल जुनेजा ने चुटकी ली। कहाकि अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह उन पर अौर उनके साथियों पर गैर जमानती धारा लगाकर जेल भेजते तो बात बनती।

कहा कि जो धाराएं लगाई हैं वो इस कानूनी पर्चे को पर्चियां बना देती हैं। जो यह साबित भी करती हैं कि यह सिर्फ नौटंकी है। कहा कि उन पर लगातार दो दिन दो पर्चे दर्ज करने से अगर कैप्टन सरकार को लगता है कि वो उनकी अावाज दबा लेंगे तो यह भ्रम है।

सोमवार को दर्ज किया केस

आज 10 अकाली नेताओं पर मामला दर्ज करने से पहले सोमवार को भी पटियाला पुलिस ने अकाली नेताओं पर वाईपीएस चौंक पर पेरेंट्स एसोसिएशन के समर्थन में धरना देने पर मामला दर्ज किया था।

इस धरने में शामिल होने वाले यूथ अकाली दल के बंटी रोमाणा, सतबीर सिंह खटड़ा, हरपाल जुनेजा, हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा पर मामला दर्ज किया गया था।

मोदी काॅलेज चौक पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका

शिरोमणि अकाली दल ने प्रधान हरपाल जुनेजा के नेतृत्व में अरना बरना चौक से चांदनी चौक रोड पर केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

1 घंटा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बैलगाड़ी पर टू व्हीलर रखकर अकालियों ने न्यू मोती बाग पैलेस तक रोष मार्च निकाला।

जुनेजा ने कहा कि तेल की बढ़ी कीमतों को काबू करने के लिए जहां केंद्र सरकार को एक्साइज ड्यूटी में, पंजाब सरकार को वैट में कटौती करनी चाहिए।

सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ज्यों ही अकाली नेता मोदी कॉलेज चौक पर पहुंचे तो पहले से बैरीकेडिंग करके खड़े पुलिस मुलाजिमों ने इन्हें यहीं रोक लिया।

हरपाल जुनेजा ने पुलिस से वाईपीएस चौक तक जाने की मांग की लेकिन पुलिस ने इसे ठुकरा दिया। अकाली मोदी कॉलेज चौक में बैठ गए।

ऐसे पर्चों से नहीं दबेगी आवाज

पटियाला हलका टू के इंचार्ज एडवोकेट सतबीर खटड़ा ने कहा  कि अगर सरकार को यह भ्रम है कि ऐसे मामलों में पर्च दर्ज करने पर वो उनकी आवाज दबा लेंगे तो यह सरकार का भ्रम है।

हरिंदरपाल चंदूमाजरा ने कहा कि सरकार अपने हकों के लिए आवाज उठाने वाले लोगों पर मामले दर्ज कर जन आवाज को दबाना चाहती है जो कभी भी संभव नहीं हो सकता।

दर्ज धराओं के मायने

धारा 188- लॉकडाउन की उल्लंघना करना - जमानती

धारा 283- सड़क मार्ग में रुकावट - जमानती

धारा 269, 270- किसी बीमारी को फैलाने के लिए किया गया लापरवाही वाला काम - जमानती

धारा 149- यदि गैर कानूनी तरीके से भीड़ के किसी सदस्य द्वारा उस जनसमूह के समान लक्ष्य का अभियोजन करने में कोई अपराध किया जाता है, या कोई ऐसा अपराध किया जाता है, जिसका किया जाना उस जनसमूह के सदस्य संभावित जानते थे, तो हर व्यक्ति जो उस अपराध के किए जाने के समय उस जनसमूह का सदस्य है, उस अपराध का दोषी होगा। -

जमानती

धारा 51- यह आपदा प्रबंधन एक्ट की धारा है। - जमानती

पुलिस का कहना है कि प्रशासन के मना करने के बावजूद यह धरना गैर कानूनी है। इसमें धरना लगाने वालों ने न मास्क पहना और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया)। 

धारा 11 ए- इसके अलावा बेजुबानों पशुओं से क्रूरता करते हुए उन पर बेतहाशा भार डालकर जुल्म किया गया। - जमानती

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