कोरोना को हराना है:एंट्रेंस गेट से कक्षा तक लगाए जागरुकता फ्लेक्स, विद्यार्थियों को 800 मास्क बांटे

पटियाला9 महीने पहले
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स्कूलों में बढ़ रहे कोरोना केस पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल फीलखाना ने अच्छी पहल की है। स्कूल प्रबंधन ने स्कूल के एंट्री गेट, बच्चों के पानी पीने की जगह, क्लासरूम और ग्राउंड में जहां बच्चे इकट्ठे होकर खेलते हैं, में जगह-जगह कोरोना जागरूकता फ्लेक्स लगाए हैं ताकि बच्चे इन्हें पढ़कर महामारी के प्रति जागरूक हों।

प्रिंसिपल डॉ. रजनीश गुप्ता में बताया कि लगातार अखबारों और टीवी चैनल पर यह समाचार आ रहा था कि स्कूल स्टाफ और स्टूडेंट कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों को सचेत करना जिम्मेदारी बनती है। इसी वजह से अध्यापकों से मिलकर जागरूकता फ्लेक्स तैयार करवाकर स्कूल में जगह-जगह लगवाए हैं ताकि बच्चे हर समय इसे याद रख सकें।

उन्होंने बताया कि इसका बड़ा सार्थक रिजल्ट भी सामने आया है। अब बच्चे खुद इन नियमों को फॉलो कर रहे हैं। उन्होंने सभी क्लास इंचार्ज टीचर्स से फीडबैक लिया तो पता चला कि अब बच्चे खुद ही इन्हें पढ़कर ना सिर्फ अपने साथी तुरंत को बल्कि अपने पैरंट्स को भी अवेयर कर रहे हैं।

टीचर्स ने मिलकर खरीदे मास्क, फ्लैक्स बनवाए

फ्लेक्स में दी गई हैं यह हिदायतें

  • स्कूल में मास्क डालना जरूरी है।
  • क्लास में निर्धारित जगह पर ही बैठें।
  • खाने पीने का सामान दूसरों के साथ शेयर न करें।
  • स्कूल में वर्दी (यूनिफॉर्म) साफ-सुथरी होनी चाहिए।
  • स्कूल में थूकना सख्त मना है।
  • क्लास में हमेशा सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखें।
  • बार-बार हाथ को धोते रहें या सैनिटाइज करें।
  • किसी से भी हाथ न मिलाएं।

खांसी-जुकाम या बुखार के लक्षण होने पर स्कूल न आएं और ऑनलाइन पढ़ाई करें।

टीचर्स ने मिलकर खरीदे मास्क, फ्लैक्स बनवाए

​​​​​​​प्रिंसिपल डॉ. रजनीश गुप्ता ने बताया कि इससे पहले उन्होंने अपनी तरफ से सभी स्टूडेंट्स को करीबन 800 मास्क बांटे। उन्होंने अध्यापकों को निर्देश दिए थे कि वह सुबह खुद गेट पर मास्क लेकर खड़े हो जाएं। कोई भी स्टूडेंट बगैर मास्क के स्कूल में एंट्री न करें। अगर किसी बच्चे के मास्क ना पहना हो तो अध्यापक अपनी तरफ से उसे फ्री मास्क मुहैया करवाते हैं। सिर्फ स्टूडेंट्स को ही नहीं बच्चों को छोड़ने आए पेरेंट्स भी अगर मास्क पहनकर नहीं आते तो उन्हें भी यह मास्क फ्री में मुहैया करवाया गया। महामारी को रोकने के लिए जागरूकता जरूरी है।

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