समस्या को समझने और हल निकालने में सक्षम हाेंगे छात्र:सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन डिजाइन थिंकिंग, इनोवेशन स्किल मॉड्यूल शुरू करेगा

पटियाला3 महीने पहले
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सीबीएसई ने 6वीं से 8वीं तक के स्टूडेंट्स को डिजाइन थिंकिंग और इनोवेशन स्किल मॉड्यूल सिखाने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य स्टूडेंट्स को न सिर्फ किसी समस्या की पहचान करना, बल्कि उसका हल करने के लिए लायक बनाना है। स्किल को सिखाने का मकसद सिर्फ राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी समस्याओं का हल करना नहीं, बल्कि बच्चों को अपने आसपास की समस्या को समझना, जानना और उनका हल निकालने में सक्षम बनाना है। सीबीएसई ने इनोवेशन सेल और आईआईटी बॉम्बे की फैकल्टी से मिलकर डिजाइन थिंकिंग और इनोवेशन स्किल का मॉड्यूल तैयार किया है। इसके लिए स्कूलों को अलग से अप्लाई करने की जरूरत नहीं होगी।

समस्याएं समझने, रिसर्च करने और उसके हल के बारे में सिखाएंगे टीचर
अध्यापक स्टूडेंट्स को समस्याएं समझने, रिसर्च करने और उसके ऐसे हल के बारे में सिखाएंगे, जिससे कोई प्रभावित न हो। इसके लिए 5 स्तर रखे गए हैं, जिसके अनुसार स्टूडेंट्स काम करना सीखेंगे। इसमें ऑब्जर्वर या रिसर्च, समझ या एनालिसिस, आइडिया, प्रोटोटाइप तैयार करना या डिटेलिंग करना और आइडिया को लागू करना जैसे स्तर शामिल होंगे। इन सभी प्रोसेस में स्टूडेंट्स को इनोवेशन के बारे में भी समझाया जाएगा। डिजाइन थींकिंग की मदद से स्टूडेंट्स की सेंसरी योग्यताओं, सामाजिक और ज्ञान को लेकर स्किल्स बेहतर होंगी। स्टूडेंट्स की उत्सुकता को और बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे वह हर चीज के हल को क्रिएटिविटी के साथ समझें। इस मॉड्यूल में प्रैक्टिकल पर ज्यादा ध्यान होगा।

कॅरियर के तौर पर अपनाने को करेंगे प्रेरित
क्लासरूम को स्टूडियो बनाया जाएगा, जहां बिना किसी बंदिश के किसी भी समस्या का हल निकालने के लिए इकट्ठे मिलकर काम करें। स्टूडेंट्स को इस विषय से रूबरू करवाने के बाद उन्हें टास्क बुक्स दी जाएंगी। एक्सपोजर स्लाइड और वीडियो इत्यादि भी दिखाई जाएगी। स्टूडेंट्स को न सिर्फ ये स्किल मॉड्यूल सिखाया जाएगा, बल्कि भविष्य में इस एरिया में करियर को भी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

8वीं तक लागू किया जाएगा
बोर्ड स्कूलों से अध्यापकों की जानकारी लेगा और उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। हालांकि बोर्ड ने इस मॉड्यूल को 12वीं तक लागू करने के लिए कहा है, लेकिन शुरूआती स्तर पर इसे आठवीं तक लागू किया जाएगा। इस मॉड्यूल के लिए अध्ययन सामग्री, शिक्षक संसाधन सामग्री, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न सीबीएसई एकेडमिक वेबसाइट https://cbseacademic.nic.in/skill-educationbooks.html का उपयोग करें।

6वीं से 8वीं के छात्राें काे फायदा
सीबीएसई ने शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और आईआईटी बॉम्बे की फैकल्टी के साथ मिलकर डिजाइन थिंकिंग और इनोवेशन स्किल का मॉड्यूल तैयार किया है। डिजाइन थिंकिंग और इनोवेशन स्किल मॉड्यूल से छठी से 8वीं तक के स्टूडेंट्स समस्याओं की पहचान करके उनका हल निकालना सीखेंगे। - नीरजा सेठी, प्रिंसिपल श्री अरबिंदो इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल पटियाला।

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