निगम का जवाब:बिना एनओसी बन गई निगम बिल्डिंग, खुद माना कि आग लगने पर बुझाने का नहीं काेई इंतजाम

पटियाला3 महीने पहलेलेखक: राणा रणधीर
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बिल्डिंग में जरूरी उपकरण फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर स्प्रिंकलर, एक्सटिंग्यूशर (अग्निशमन यंत्र) होना चाहिए। - Dainik Bhaskar
बिल्डिंग में जरूरी उपकरण फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर स्प्रिंकलर, एक्सटिंग्यूशर (अग्निशमन यंत्र) होना चाहिए।

सारे शहर को फायर सेफ्टी का पाठ पढ़ाने वाले निगम के पास खुद फायर सेफ्टी का कोई प्रबंध नहीं हैं। निगम ने एक आरटीआई के जवाब में खुद माना है कि नगर निगम में फायर सेफ्टी को लेकर न तो हौज रील लगाई गई है, न ही कोई वैट राइजर, न लैंडिंग वाल्व, न डिलवरी हौज, न ब्रांच पाइप, न हौज पाइप, न यार्ड हाईड्रेंट लगाए गए है। न स्परिंकलर सिस्टम है, न मैनुअल फायर अलार्म ऑटोमैटिक डिटेक्शन सिस्टम लगा है। निगम में फायर संबंधी न तो अंडरग्राउंड फायर वाटर टैंक बना हैं और न छत पर ाटर टैंक लगाया है। नफायर संबंधी एग्जिट प्वाइंट बनाए गए हैं।

ये है नियम - सरकारी बिल्डिंग को एनओसी तभी मिलती है जब उसमें आग बुझाने वाले सभी प्रबंध पूरे हों
नियम के मुताबिक किसी भी सरकारी बिल्डिंग को एनओसी तभी मिलती सकती है जब उसके पास फायर सेफ्टी के प्रबंध हो। ऐसे में जब निगम को एक और आरटीआई डालकर पूछा गया कि फिर यह सब न होने के बावजूद निगम बिल्डिंग को एनओसी कैसे मिली? तो जवाब में निगम ने बताया कि उसे अब तक सरकार से एनओसी ही जारी नहीं हुई है। मतलब खुद की बिल्डिंग की एनओसी खुद के पास नहीं हैं, और इतनी बड़ी इमारत बन गई।

जानिए क्या होगा...इस लापरवाही का असर पढ़िए
जब निगम खुद ही फायर सेफ्टी के नॉर्म पूरे नहीं करता है तो भला शहर में बन रही नई बिल्डिंग्स में फायर सेफ्टी के प्रबंध मुकम्मल करवाने को लेकर किसी को कहने का क्या अधिकार है? जानकारी के मुताबिक फायर सेफ्टी प्रबंध न होने पर निगम का फायर ब्रिगेड किसी को नोटिस जारी नहीं कर सकता है। हां, जिन्होंने पहले से एनओसी ली है और अगर वे रिन्यू नहीं कराते हैं तो उनको नोटिस जारी किया जाता है।

शहर में कोई भी बिल्डिंग बनाने से पहले नक्शा अप्लाई करते वक्त आवेदक को फायर फाइटिंग सिस्टम के लिए एनओसी लेने की शर्त है, अब जब खुद का ही सिक्का खोटा है तो भला दूसरे को निगम कैसे कुछ कह सकता है, इसलिए इस मद में भी कोई सख्ती नहीं होती। बता दें कि 4 दिन पहले घेर सोढ़िया में बाजार में लगी अाग को काबू पाने में निगम की फायर बिग्रेड को 13 घंटे लगे थे।

निगम में ताे खुद का मैनुअल अलार्म तक नहीं
निगम अफसरों ने बिल्डिंग में फायर सेफ्टी न होने को लेकर लोगों को अवेयर किया। आरटीआई में पूछा कि क्या निगम की अपनी बिल्डिंग में आग बुझाने का इंतजाम है तो बताया खुद के पास मैनुअल अलार्म नहीं हैं। ऐसे में खुद निगम की व्यवस्था पर सवाल है। पंजाबी में कहावत है कि पहलां निगम अपनी मंजी थल्ले सोटा फेरे, फेर लोकां नूं पाठ पढ़ावे। - दविंदरपाल दिप्पी, आरटीआई एक्टीविस्ट।

पहले का पता नहीं, मेरे भेजे प्रपाेजल पर काम शुरू हुआ
पहले नगर निगम बिल्डिंग में फायर सेफ्टी सिस्टम क्यों नहीं लगा, इस बारे में तो मैं कोई कमेंट नहीं कर सकता हूं, जब मैंने पदभार संभाला तो पूर्व निगम कमिश्नर पूनमदीप कौर को सबसे पहले निगम बिल्डिंग में फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने का प्रपोजल बनाकर भेजा। मंजूरी मिलने के बाद अब निगम बिल्डिंग में काम शुरू हो चुका है। - राजिंदर कौशिक, फायर अधिकारी।

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