पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सोशल मीडिया में भी मुहिम शुरू:फैकल्टी आफ लैंग्वेज की मीटिंग में पीयू में बीसीए कोर्स में तीनों साल पंजाबी पढ़ाने की मांग

पटियाला10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

पंजाबी यूनिवर्सिटी फैकल्टी आफ लैंग्वेज की मीटिंग में बीसीए समेत सभी प्रोफेशनल कोर्स में पंजाबी तीनों साल पढ़ाने की मांग की है। पीयू में बीसीए को तत्कालीन वीसी डॉ. घुम्मन के समय प्रोफेशनल कोर्स में शामिल किया गया है, इस कोर्स में पहले और दूसरे सेमेस्टर यानी एक साल ही पंजाबी पढ़ाई जा रही है। फैसला पंजाबी डिपार्टमेंट के डॉ. सुरजीत ने किया था और वीसी को पत्र भी लिखा था। तब बताया गया कि स्टूडेंट्स डिमांड पर यह फैसला किया गया। मामले में अब सोशल मीडिया में भी मुहिम शुरू हो गई है, कि प्रोफेशनल कोर्स में सभी साल पंजाबी पढ़ाई जाए और वीसी से मांग की गई है कि सभी साल पंजाबी पढ़ाई जाए।

पंजाबी डिपार्टमेंट के डॉ. सुरजीत सिंह ने कहा कि इस मामले में उन्होंने वीसी डॉ. अरविंद को भी पत्र लिखा, जिस पर उन्होंने इस मामले पर एक कमेटी डीन अकादमिक के नेतृत्व में बनाई गई। कमेटी की मीटिंग में जब मैंने पूछा तो बताया गया कि लोगों की डिमांड पर प्रोफेशनल बनाया गया, जिससे स्टूडेंट्स की प्लेसमेंट अच्छी हो सके। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने लिखित तौर पर पूछा गया तो वह डिटेल नहीं दे सके। कमेटी की मीटिंग

में काफी बहस हुई। इसके बाद फिर वह वीसी से मिले। उन्होंने बताया कि पंजाबी पढ़ाने का मुख्य उद्देश्य पंजाबी मीडियम सारे सब्जेक्ट में लागू नहीं हुआ है। इसलिए बच्चों को अपना बिसरा पंजाबी के बीच लिखना आए, कम से कम वह आर्टिकल तो लिख सके। पंजाबी को समझ सकें। उन्होंने बताया कि फैकल्टी अॉफ लैंग्वेज की मीटिंग में मांग की गई की सभी प्रोफेशनल कोर्सों में सभी साल पंजाबी पढ़ाई जाए और बीसीए में जो फैसला किया गया वह भी वापस लिया जाए। डीन अकादमिक डॉ. बीएस संधु ने कहा कि मीटिंग में इस मामले पर डिस्कशन हुआ था और फैसला डीन लैंग्वेज को करना है।

खबरें और भी हैं...