राजपुरा में डायरिया:ईओ ने कहा- काम सीवरेज विभाग का, एसडीओ बोले- न हमारी काॅलाेनी न पानी

पटियालाएक महीने पहले
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  • 4 दिन बाद भी वाटर सप्लाई-सीवरेज पर जिम्मेदारी तय नहीं

राजपुरा की ढेहा बस्ती में 16 नए केस आने के बाद अब तक 35 मरीज उल्टी दस्त की चपेट में आ चुके हैं। दूसरी ओर 4 दिन भी जिम्मेदार जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं, बेशक डीसी ने इसके लिए संबंधित विभाग काे जिम्मेदार माना है। बच्चाें की माैत के मामले में नगर कौंसिल की ईओ रवनीत सिंह ने बताया कि सीवरेज डालने का काम हमारा नहीं है। विभाग इसकी जानकारी दे सकता है। दूसरी ओर सीवरेज विभाग के एसडीओ करनदीप सिंह ने बताया कि यह कॉलोनी अवैध है। यहां पर न ताे हमारा पानी और न सीवरेज है।

जब यह पूरी तरह से वैध होगी और म्यूनिसिपल काउंसिल हमसे इस्टीमेट बनाने को कहेगी तो इस्टीमेट बनाएंगे। वहीं जब लाइन पूरी तरह बंद हो जाएगी तो लोग पानी नहीं निकाल पाएंगे। सिविल प्रशासन ने माना कि काॅलोनी में नाजायज तरीके से पानी की सप्लाई जोड़ी थी। जिस कारण इसमें गंदा पानी मिक्स होने से बच्चे उल्टी और दस्त का शिकार हुए। एडीसी की तरफ से वाटर सप्लाई और सीवरेज बोर्ड को पानी की सप्लाई सही तरीके से करने को कहा गया है। म्युनिसिपल समिति की तरफ से लोगों को पीने के लिए टैंकर से साफ पानी की सप्लाई की जा रही है। इधर राजपुरा में 4 बच्चों की मौत के मामले काे अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान में लिया है। आयोग की पटियाला इंचार्ज परमजीत कौर ने डीसी संदीप हंस को पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ स्वच्छ पानी का प्रबंध करने व पानी के कनेक्शन देने के आदेश दिए हैं। बस्ती का नाम जातिसूचक से बदलकर और नाम रखने काे कहा है।

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