पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Patiala
  • Explosion Like This... To Make The Roof Of The House Solid, Two Months Ago, They Started Making Firecrackers Secretly, The Walls Collapsed Along With The Children

पटाखों से परिवार तबाह:धमाका ऐसा...घर की छत पक्की बनाने के लिए दो महीने पहले चोरी-छिपे पटाखे बनाने शुरू किए, बच्चों के साथ दीवारें भी ढह गईं

पटियाला6 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

राजपुरा में शनिवार को पटाखे बनाने के काम में हुए विस्फोट के 36 घंटे बाद भी इस मामले का मास्टरमाइंड पुलिस के गिरफ्त से बाहर है। रविवार को डीएसपी राजपुरा के नेतृत्व में स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (सिट) का गठन कर दिया, जिसमें समाना सिटी विंग इंचार्ज राहुल कौशल सहित कई पुलिस अफसरों को रखा है। टीम ने रविवार को घटनास्थल पर पहुंचकर जांच भी शुरू कर दी। कॉलोनी के बाकी घरों में पटाखे बनाने के कारोबार की सूचना के बाद पुलिस ने आसपास के 5 घरों में रेड की, लेकिन रेड में पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। डीएसपी राजपुरा गुरबंस सिंह बैंस ने बताया है कि पुलिस को अब तक घटनास्थल से पटाखों में प्रयोग की जाने वाली 4 पैकेट बारीक बजरी, 4 किलो पोटाश और सल्फर के पैकेट मिले हैं। इन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है।

अस्पताल में दाखिल मां मीना देवी ने दैनिक भास्कर के सामने खुलासा किया है कि वो पटाखा बनाने का काम पिछले 2 महीनों से कर रही थी। 2 महीने पहले मिर्च मंडी में रहने वाले एक पिता-पुत्र जो अवैध पटाखों का कारोबार करते हैं, उनके पास आए और उसे कहा कि अगर वो पटाखे बनाती है तो उसे अच्छी खासी आमदन हो सकती है। जब उसने काम के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की तो पिता-पुत्र ने उसे पटाखे बनाने की ट्रेनिंग दिलवाई। उसके घर पर छत नहीं थी और सीमेंट की चादरें डालकर वो गुजारा कर रहे थे, अपना मकान बनाने के लिए पैसों के लालच में उसने 2 महीने पहले यह काम शुरू कर दिया। पिता-पुत्र उसे रॉ मैटेरियल मुहैय्या कराते थे और वह रोजाना आधा कट्टा पटाखे तैयार करके सप्लाई करते थे। एक कट्टा बनाने पर उसे 1200 रुपए मिलते थे। मीना के मुताबिक उसे नहीं पता था कि इस काम से उसका परिवार उजड़ जाएगा।

बरेली, सहारनपुर मुरादाबाद से आता है पोटाश

संत नगर में जहां विस्फोट हुआ है, वहां के कई प्रत्यशदर्शियों ने भास्कर टीम को बताया कि यहां कई घरों में अवैध पटाखे बनाने का काम होता है। मिर्च मंडी से यहां साथ लगती गुरु अंगद देव कॉलोनी का एक युवक घर घर में पोटाश और सल्फर मुहैय्या कराता है, जिसे कई बार पुलिस पकड़ चुकी है। बरेली का रहने वाला यह युवक पटाखा व्यापारियों के लिए इलाके में स्लीपर सेल की तरह काम करता है।

लोगों ने आफ द रिकार्ड बताया कि पटाखा बनाने के लिए पोटाश और सलफर बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद से आता है, जिसे जरूरत के हिसाब से बांट दिया जाता है। संत नगर, गुरु अंगद देव कॉलोनी समेत आसपास के कस्बों में घटना के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। सरपंच गुरमेल सिंह ने बताया कि बेशक ये सभी लोग उनके वोटर हैं, लेकिन आज तक उन्हें भी यह नहीं पता चल पाया कि कैसे ये लोग अवैध पटाखों का कारोबार करते रहे।

खबरें और भी हैं...