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स्कॉलरशिप घोटाले की जांच से निकला एक और गाेलमाल:10 कर्मियाें के खातों में आया पैसा, 3 मुलाजिमों का कॉन्ट्रैक्ट खत्म, 7 रेगुलर कर्मी किए सस्पेंड

पटियाला13 दिन पहले
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पीयू में फेक बिलिंग स्कॉलरशिप घोटाले की जांच से निकला एक और गाेलमाल - Dainik Bhaskar
पीयू में फेक बिलिंग स्कॉलरशिप घोटाले की जांच से निकला एक और गाेलमाल

पंजाबी यूनिवर्सिटी में पिछले दिनों फेक बिलिंग स्कैम सामने आया था। उस मामले के बाद जांच काे अागे बढ़ाते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कई और अनियमितिताओ काे पकड़ा। जिसके बाद प्रबंधन ने 10 मुलाजिमाें पर कार्रवाई की। इनमें 7 पक्के और 3 कच्चे मुलाजिम हैं। वीसी डाॅ अरविंद के मुताबिक ठेका मुलाजिमाें का कान्ट्रेक्ट खत्म कर दिया है, जबकि रेगुलर कर्मियाें काे सस्पेंड कर दिया है।

उनके मुताबिक जिन 10 लाेगाें पर कार्रवाई की है, उनके खाते में रुपए आए थे। हाे सकता है कि यह मामला फेक बिलिंग स्कैम जैसा ही हाे, पर इसकी पड़ताल की जा रही है। बताया जा रहा है कि ठेका मुलाजिम डीन आफिस, आरटीआई सैल, अमला शाखा से संबद्ध हैं। रेगुलर कर्मी इसी ब्रांच के बताए जा रहे हैं, पर प्रबंधन की ओर से काेई इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक गाेलमाल की यह रकम 40 लाख रुपए तक हाे सकती है।

अहम बात...40 लाख का हाे सकता है गाेलमाल, रिश्तेदाराें के खाते होंगे चेक

पंजाबी यूनिवर्सिटी में बीते दिनों सामने आए घोटाले के बाद अब मुलाजिमों की लिस्ट तैयार की जा रही है। जिनके खाते में यह रुपए ट्रांसफर हुए हैं। जिसमें वीसी ने 10 मुलाजिमों पर अभी कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक 15 मुलाजिमों की लिस्ट तैयार हो रही है। उनकी जांच चल रही है। अब मुलाजिमाें, उनके परिवार के रिश्तेदाराें के खाते भी चेक हो सकती है। प्रबंधन पता लगा रहा है कि मामले में कौन से लोग शामिल रहे हैं, और उनकी क्या भूमिका थी।

जुलाई में सामने आया था फेक बिलिंग स्कैम

जुलाई में फेक बिलिंग के द्वारा स्कॉलरशिप की ग्रांट निकालने के मामले में पीयू प्रबंधन ने एक्शन लिया था। तब तीन मुलाजिमों पर कड़ी कार्रवाई की थी। उस दाैरान सीनियर सहायक निशु चौधरी और सुपरिंटेंडेंट को सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी थी। ठेके पर तैनात मुलाजिम जतिंदर को नौकरी से टर्मिनेट कर दिया था। जानकारी के मुताबिक यूजीसी की तरफ से रिसर्च स्कॉलर के लिए स्कॉलरशिप और रिसर्च, स्कॉलरशिप, स्टाइपन के लिए ग्रांट आती थी। ग्रांट में यह मुलाजिम फर्जी बिल बनाकर पास कर लेते थे। वहीं अब इस जांच का दायरा बढ़ रहा है। सीनियर सहायक निशू की ओर से जिन मुलाजिमों के खाते में रुपए ट्रांसफर हुए हैं उनकी जांच शुरू कर दी है।

यूनिवर्सिटी अपने लेवल पर कर रही जांच, पुराने मामले से जुड़ा हो सकता है नया केस
यूनिवर्सिटी अपने लेवल पर जांच कर रही है। किसी की शिकायत पर यह कार्रवाई नहीं हो रही है। पहले जो स्कॉलरशिप घोटाला हुआ था उसके बाद जांच काे आगे बढ़या है। जिसमें उसी तरह का यह मामला सामने आया है। आराेपियाें के खातों में गलत तरीके से रुपए आए हैं। यह केस पुराने वाले मामले से कनेक्ट हो सकता है, फिलहाल जांच चल रही है, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। वीसी ने कहा कि पंजाबी यूनिवर्सिटी एक अदारा है जहां ऐसी किसी भी किस्म की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रबंधन मामले काे निशू चौधरी वाले मामले से जोड़कर देखा रहा है।
- डॉ. अरविंद, वीसी, पंजाबी यूनिवर्सिटी

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