प्रदर्शन:पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष कमेटी 14 अगस्त को कांग्रेसी विधायकों के घरों के आगे करेगी प्रदर्शन

फतेहगढ़ साहिब3 महीने पहले
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  • 23 को पीएफ आरडीए स्थापित करने के विरोध में जिला व ब्लाक स्तर पर फूंकेंगे कापियां

पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष कमेटी की बैठक में जिला प्रतिनिधि देवेन्द्र सिंह रहिल व सतनाम सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार अभी भी कर्मियों की मांगों को लेकर टालमटोल कर रही है। कहा कि 11 जुलाई को बठिंडा में हुई ललकार रैली एक संकेत मात्र थी, पर जिस तरह से मुलाजिमों में रोष बढ़ता जा रहा है ऐसे में स्टेट बाडी के फैसलों अनुसार संघर्ष तेज किया जाएगा।

जिसको लेकर 14 अगस्त को कांग्रेसी विधायकों के घरो के आगे 11 बजे से 2 बजे तक शांतिपूर्ण धरने दिए जाएंगे तथा विधान सभा का घेराव भी किया जाएगा। कहा कि 23 अगस्त को केंद्र सरकार की ओर से पीएफ आरडीए स्थापित करने के लिए रेजोलुशन पास किया गया है, इसके विरोध में जिला व ब्लाक स्तर पर इस प्रस्ताव की कापियां फूंकी जाएंगी। इस मौके जिला कमेटी में विस्तार करते हुए नए पदाधिकारियों को भी नियुक्त किया गया।

जिनमें देवेन्द्र सिंह रहिल को स्टेट कमेटी सदस्य, लवप्रीत सिंह को कन्वीनर तथा अवतार सिंह को जिला उपाध्यक्ष चुना गया। इस मौके जितेन्द्र सिंह, अमरिंदर सिंह, गुरजंट सिंह, हरिन्द्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, सुखविंदर सिंह, विरेंदर कुमार, अमित कुमार व थे।

वोकेशनल अध्यापकों ने किया जपुजी साहिब का पाठ
पटियाला | शिक्षा विभाग में शामिल होने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे वोकेशनल अध्यापकों ने शनिवार को धरना स्थल पर जपुजी साहब का पाठ किया। हालांकि यूनियन सदस्यों की शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार के साथ मीटिंग के दौरान नए सिरे से पोस्ट निकालकर विभाग में शामिल करने का आफर दिया गया है, लेकिन बेरोजगार मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे है।

शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार के साथ हुई मीटिंग संबंधी जानकारी देते यूनियन ने बताया कि राज्य के 1976 वोकेशनल अध्यापक जो अलग-अलग स्कूलों में वोकेशनल स्टडी करवा रहे हैं और कंपनियों के तहत काम कर रहे हैं, को शिक्षा विभाग में शामिल करने के लिए सरकार ने नए सिरे से पोस्ट निकालने की बात मान ली है।

शिक्षामंत्री और शिक्षा सचिव में इन 1976 अध्यापकों को सीधा शिक्षा विभाग में रखने पर बेबसी जाहिर करते हुए एक बीच का रास्ता निकालने का ऑफर दिया है। सिद्धू ने कहा कि सरकार के इस प्रस्ताव पर अभी यूनियन ने कोई फैसला नहीं किया है। यूनियन की स्टेट कमेटी की मीटिंग में सरकार के इस प्रस्ताव को रखा जाएगा और अगर पूरी यूनियन इस पर अपनी रजामंदी देती है तो ही इसे माना जाएगा।

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