पहले नवरात्र पर शहर में रामलीला:जोड़ियां भट्ठियां में भगवान वाल्मीकि से शुरू किया मंचन, लव-कुश का बचपन दिखाया

पटियाला9 दिन पहले
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जोड़िया भट्टियां इलाके में आयोजित रामलीला के मंचन में तीरंदाजी का खेल खेलते लव कुश। आज वीरवार को पहले दिन भगवान वाल्मीकि जी का सीन भी दिखाया गया जिसमें वह लव कुश की कहानी से शुरू करते हुए बताते हैं कि कैसे लव कुश तीरंदाजी में परिपक्व होते हैं। - Dainik Bhaskar
जोड़िया भट्टियां इलाके में आयोजित रामलीला के मंचन में तीरंदाजी का खेल खेलते लव कुश। आज वीरवार को पहले दिन भगवान वाल्मीकि जी का सीन भी दिखाया गया जिसमें वह लव कुश की कहानी से शुरू करते हुए बताते हैं कि कैसे लव कुश तीरंदाजी में परिपक्व होते हैं।
  • राघोमाजरा में परशुराम होंगे मेयर उनके बेटे पार्थ निभाएंगे राम का किरदार

आज पहले नवरात्र पर शहर में शुरू हो रही रामलीला में आज हम आपको शहर की दो बड़ी रामलीलाओं में लेकर जा रहे हैं।

पहली जोड़ियां भट्ठियां इलाके में रॉयल युथ क्लब की तरफ़ से होने वाली रामलीला है। क्लब के प्रधान और जिला भाजपा के उप प्रधान वरुण जिंदल बताते हैं कि इस बार वह अपनी रामलीला भगवान वाल्मीकि महाराज की कहानी से शुरू करने जा रहे हैं, जिसमें भगवान लव और कुश को भगवान राम की कहानी सुनाते हैं, क्योंकि भगवान वाल्मीकि के पात्र को मंच पर नहीं दिखाया जा सकता, इसलिए उनके पात्र को एलईडी के जरिए दर्शाया जाएगा। रामलीला के डायरेक्टर आशीष कौशल रामलीला विषय पर पीएचडी धारक है। जिसमें महिलाओं का चरित्र महिला कलाकारों द्वारा ही निभाया जा रहा है।

दर्शकों को दूरदर्शन पर रामानंद सागर की रामायण का टच दिलाने के लिए उनका बैकग्राउंड साउंड और भजन भी शामिल किए गए हैं। वरुण जिंदल खुद परशुराम का रोल निभा रहे हैं। 2018 में बसी पठाना में राज्य भर की रामलीला के कंपटीशन में उनकी रामलीला को राज्य भर में पहला स्थान हासिल हुआ था।

राघोमाजरा में नहीं होता है रावण का दहन

दूसरी रामलीला पिछले 75 सालों से राघोमाजरा में स्थित श्री रामलीला ग्राउंड में हो रही रामलीला है। रामलीला कमेटी के पदाधिकारी एसके गौतम बताते हैं कि वह अपनी रामलीला बेहद ट्रेडिशनल तरीके से करते हैं जिसमें भगवान राम, सीता, हनुमान और लक्ष्मण का चरित्र निभाने वाले कलाकार पहले दिन से लेकर रामलीला के अंत तक किसी बाहरी व्यक्ति से ना तो सहचार रखते हैं और ना ही बाहर जाते हैं। उनके लिए अलग से रहने की व्यवस्था रामलीला ग्राउंड में ही की जाती है।

खासियत यह है कि इस कमेटी के चेयरमैन मेयर संजीव शर्मा बिट्टू जो पिछले 18 सालों से लक्ष्मण का चरित्र निभाते आए हैं। इस बार वह भगवान परशुराम का करैक्टर निभा रहे हैं, जबकि उनका बेटा पार्थ शर्मा इस बार भगवान राम का चरित्र निभा रहा है। इसके अलावा इस रामलीला कमेटी ने पिछले 75 सालों में कभी भी रामलीला के बाद रावण दहन नहीं किया। परंपरा इस बार भी कायम रहेगी। एसके गौतम बताते हैं कि कमेटी रावण को वेदों का ज्ञाता मानती है, इसलिए वह दहन नहीं करते हैं।

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