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लापरवाही न करें:कोरोना काल में राजिंदरा में ब्लैक फंगस के 55 मरीजों की सर्जरी, शुगर कंट्रोल न करने पर 4 का दोबारा हुआ ऑपरेशन

पटियालाएक महीने पहले
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  • लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं, लापरवाही पड़ सकती है भारी

कोरोना अभी नियंत्रण में है, लेकिन ब्लैक फंगस चिंता बढ़ा रही है। एक बार सर्जरी के बाद भी मरीज को ब्लैक फंगस अपनी चपेट में ले रही है। राजिंदरा अस्पातल में अब तक 55 मरीजों की ब्लैक फंगस की सर्जरी हुई है, इसमें 4 मरीज ऐसे हो जिनकों दोबारा सर्जरी करवानी पड़ी है। इससे साफ है कि ब्लैक फंगस अभी गया नहीं है और जिन मरीजों की ब्लैक फंगस से सर्जरी हुई है, वह लापरवाही कर रहे हैं। क्योंकि वह लोग दवाएं समय से नहीं ले रहे और उनका शुगर लेवल भी बढ़ रहा है, इसके चलते उनको दोबारा सर्जरी करवानी पड़ रही है।

पोस्ट कोविड में खतरनाक बीमारी की तरह फैला ब्लैक फंगस अब घातक होने से डॉक्टरों के सामने भी बड़ी चुनौती है। डॉक्टरों ने दोबारा सर्जरी कर शरीर के अन्य अंगों में फैले इस संक्रमण से मरीजों को बचाया है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि इनमें से मरीजों की लापरवाही है, एक तो मरीजों का शुगर लेवल बढ़ रहा, इसके अलावा दवाओं का कोर्स पूरा नहीं करना है। पोस्ट कोविड मरीजों में खतरनाक बीमारी के रूप में फैला ब्लैक फंगस विशेषकर डायबिटीज मरीजों के लिए घातक हो सकता है। मरीजों को जांच करवाकर डायबिटीज कंट्रोल करनी चाहिए। राजिंदरा अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों का 3 से 6 माह बाद भी डॉक्टर की मॉनिटरिंग में रहें।

डॉक्टरों के मुताबिक कोरोना के साथ या इसके बाद चेहरे पर विशेषकर आंख के नीचे और नाक के बगल में दर्द के साथ सूजन होने पर सचेत रहना होगा। ब्लैक फंगस चेहरे, नाक, आंख या दिमाग को प्रभावित करने के साथ फेफड़ों में भी फैल सकता है। कमजोर इम्युनिटी पर फंगस चेहरे और जबड़े की हड्डी के सहारे दिमाग तक पहुंच जाता है।

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