जेल का सिस्टम फेल:जेल के बाथरूम से कैदी किधर भागे, पता लगाने को पुलिस ने चलाया सर्च अभियान

पटियाला6 महीने पहले
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केंद्रीय जेल से फरार बंदियों की तलाश में सुबह से ही जेल प्रशासन और जिला पुलिस दिन में कई बार सर्च अभियान चला चुकी है। देर शाम तक आरोपियों का सुराग नहीं मिल पाया। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय जेल से फरार बंदियों की तलाश में सुबह से ही जेल प्रशासन और जिला पुलिस दिन में कई बार सर्च अभियान चला चुकी है। देर शाम तक आरोपियों का सुराग नहीं मिल पाया।
  • 25 दिन पहले पटियाला केंद्रीय जेल में शिफ्ट हुए कैदियों ने बनाई प्लानिंग, बाथरूम में सेंधमारी कर 3 कैदी फरार

केंद्रीय जेल से फरार बंदियों की तलाश में सुबह से ही जेल प्रशासन और जिला पुलिस दिन में कई बार सर्च अभियान चला चुकी है। देर शाम तक आरोपियों का सुराग नहीं मिल पाया। अभी तक यह नहीं पता चला है कि कैदी बाथरूम से सेंधमारी करने के बाद किस रास्ते से फरार हो गए। जेल में दाे काेराटीना वार्ड है। जिसमें से एक जेल के ड्यूडी के साथ लगती गैगस्टर बैरक के साथ ताे दूसरा उसके पीछे है। जेल की पिछली दीवार का रास्ता भी वार्ड से कुछ दूरी पर है।

शक जताया जा रहा है कि आराेपी पीछे की दीवार के साथ लगते आनंद नगर इलाके की ओर भाग सकते हैं। यह भी कहने में कोई हर्ज नहीं कि महज 25 दिन पहले आए आरोपी शेर सिंह और उसके साथी इंद्रजीत सिंह ने पहले से ही जेल में बंद जसप्रीत काे साथ लेकर फरार होने की योजना बना ली और जेल प्रशासन को भनक तक नहीं लग पाई।जेल में जिस जगह काेराटीना वार्ड उसके कुछ दूर है पिछली दीवार, आशंका जता रहे कि आनंद नगर की ओर भागे होंगे कैदी

सेंधमारी की प्रशासन काे भनक नहीं

जेल में सेंधमारी की जेल प्रशासन काे भनक तक नहीं लग पाई, जबकि जेल में बंदी खुलने से पहले और शाम काे जेल बंदियाें काे बैरक में बंद करने के बाद दाेनाें टाइम जेल मुजालिम सर्च करते हैं। हर बैरक व सैल के बाहर मुलाजिमाें की तैनाती रहती है। जेल की बाहरी दीवाराें के साथ बने टावरों पर मुलाजिम तैनात रहते हैं एेसे में न ताे जेल प्रसाशन काे सेंधमारी का पता चल पाया और न ही आराेपियाें के भागने के रास्ते का। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी शेर सिंह और इंद्रजीत सिंह तो महज 3 अप्रैल को भी बठिंडा जेल से शिफ्ट होकर पटियाला पहुंचे थे। जसप्रीत जोकि साल 2018 से अंडर ट्रायल जेल में बंद था। उसको जेल के हर रास्ते की जानकारी होगी। साजिश के तहत जसप्रीत का सहारा लेकर ही रास्तों का पताकर भागने की योजना बनाई हाेगी।

मामले पर क्या बोले जिम्मेदार-

जेल सुपरिंटेंडेंट शिवराज सिंह नंदगढ़ ने बताया कि सुबह से कई बार सर्च अभियान चलाया गया है। अभी तक आरोपियों का कोई अता-पता नहीं मिल पाया और उनके भागने का रास्ता भी अभी क्लियर नहीं हो पाया है। मौके पर तैनात पुलिस मुलाजिमों से पूछताछ करने के अलावा उच्च अधिकारियों के आदेश अनुसार हर पहलू से पड़ताल जारी है। संबंधित थाना को केस दर्ज करने के लिए पत्र लिख दिया गया है।

थाना त्रिपडी इंचार्ज हैरी बाेपाराय ने बताया कि जेल प्रशासन की शिकायत के आधार तीनाें आराेपियाें के खिलाफ केस दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है। जेल में चलाई सर्च के तहत आराेपियाें का काेई सुराग नहीं मिला है। कि वह किस रास्ते से फरार हुए हैं। जबकि बाथरूम में 2 फुट की सेंध मारी की गई है। जेल के सीसीटीवी में भी कुछ नजर नहीं आया कि बंदी बाहर भागे हैं या जेल में छिपे हैं।

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