बैठक:माइनिंग विभाग के फरमान से भड़के क्रशर मालिक कहा- डीसी दफ्तर घेरेंगे, क्रशरों की चाबियां सौंपेंगे

कीरतपुर साहिब17 दिन पहले
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गांव भरतगढ़ में की गई बैठक में शामिल क्रशर मालिक - Dainik Bhaskar
गांव भरतगढ़ में की गई बैठक में शामिल क्रशर मालिक

बीते दिनों माइनिंग विभाग द्वारा एक पत्र जारी करके जिले भर के क्रशर मालिकों को अपने क्रशरों की फेंसिंग करने एवं क्रेशर के नजदीक होने वाली अवैध माइनिंग के संबंध में तुरंत विभाग को जानकारी देने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें 10 दिन में विभाग को यह जानकारी न देने पर क्रशर मालिक पर कार्यवाही की बात भी कही गई है। माइनिंग विभाग के इस फरमान से परेशान क्रशर मालिकों द्वारा गांव भरतगढ़ में एक बैठक की गई। इसमें कीरतपुर साहिब, सरसा नंगल, अगमपुर, भरतगढ़ एवं एलगरां जोन के क्रशर मालिक शामिल हुए।

इस दौरान क्रशर मालिकों ने कहा कि‌ पिछले लंबे समय से सरकारों द्वारा कोई ठोस माइनिंग पॉलिसी न बनाए जाने व कच्चे माल की कमी के कारण क्रशर इंडस्ट्री बर्बादी की कगार पर पहुंच चुकी है। वहीं प्रदेश सरकार एवं माइनिंग विभाग द्वारा बंद पड़ी क्रशर इंडस्ट्री को चलाने का ठोस समाधान ढूंढने की बजाय बंद पड़े क्रशरों पर माइनिंग पॉलिसी बनाकर नए-नए फरमान जारी किए जा रहे हैं। सरकार और माइनिंग विभाग की ऐसी नीतियों से क्रशर इंडस्ट्री को चला पाना नामुमकिन है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को अपने दफ्तर में बैठकर माइनिंग पॉलिसी बनाने की बजाए प्रदेश भर की क्रशर यूनियनों के नुमाइंदों के साथ बैठकर उनकी मांगों और परेशानियों को जानकर बिना किसी मिडिल मैन या ठेकेदार के एक ठोस माइनिंग पॉलिसी बनानी चाहिए जिससे बंद पड़ी क्रशर इंडस्ट्री निरंतर चल सके। उन्होंने कहा कि मजबूत माइनिंग पॉलिसी बनने से जहां अवैध खनन कम होगा वहीं सरकार के रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी होगी।

रजिस्ट्रेशन फीस 10 हजार से 1 लाख करने पर अवधि 3 साल करने की मांग

क्रेशर मालिकों ने कहा कि उनकी विभिन्न मांगें जिसमें रोपड़ व आनंदपुर साहिब के स्टोन क्रशरों के करीब डी सिल्टिंग पॉइंट निर्धारित करके उचित कीमत पर कच्चा माल उपलब्ध करवाने, क्रशर की रजिस्ट्रेशन फीस जोकि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दी गई है की अवधि 1 साल से बढ़ाकर 3 साल करने, पर्यावरण सैस में राहत देने, स्टोन क्रशर का उत्पादन बिजली के बिल के आधार पर निर्धारित करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। इसके लेकर हलका विधायक एवं कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।

अगर प्रदेश सरकार एवं माइनिंग विभाग द्वारा तुरंत उनकी इन मांगों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो जिलेभर के क्रशर मालिकों द्वारा 23 सितंबर को डीसी कार्यालय का घेराव करके क्रशरों को ताले लगाकर चाबियां डीसी को सौंप दी जाएंगी। इस मौके क्रशर यूनियन रूपनगर के अध्यक्ष अरविंदर सिंह बेईंहारा, परमजीत सिंह, गुरमीत सिंह मीता, हरभजन सिंह, संतोख सिंह, कैप्टन मनजीत सिंह, गुलजार सिंह, रूप सिंह, हरभजन सिंह, रतन सिंह, हरविंदर सिंह एवं आशु चावला सहित क्रशर मालिक मौजूद थे।

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