• Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Ropar
  • Triple Murder Untrace Even After 40 Days, 3 Dead Bodies Of Same Family Were Found In The Flat Of Power Colony, Drenched In Blood

कार्रवाई:40 दिन बाद भी ट्रिपल मर्डर अनट्रेस, पावर कॉलोनी के फ्लैट में एक ही परिवार के 3 शव मिले थे खून से सने

रोपड़एक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
शव को बाहर निकालते हुए कॉलोनी निवासी।(फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
शव को बाहर निकालते हुए कॉलोनी निवासी।(फाइल फोटो)
  • लापता बेटे की स्कूटी मिली थी नहर किनारे, लेकिन अब तक पुलिस की पहुंच से है दूर

एक माह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी पावर कॉलोनी में हुए ट्रिपल मर्डर के मामले में रोपड़ पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। हालांकि जिस वक्त ये कत्ल हुआ था पुलिस के जल्द ही इस मामले को सॉल्व करने के दावे किए जा रहे थे। मगर अभी भी मामला वहीं का वहीं है।

इस मामले में पुलिस की थ्योरी के मुताबिक लापता प्रभजोत के ऊपर ही ट्रिपल मर्डर की सूई घूम रही है। जबकि अब तक प्रभजोत का कुछ भी अता-पता नहीं है। बता दें कि 12 अप्रैल को पता चला था कि पावर कॉॅलोनी के हाउस नंबर 62 में मर्डर हुआ है। वहां से 3 शव बरामद किए थे। जिसमें प्रभजोत के माता-पिता हरचरन सिंह व उनकी पत्नी परमजीत कौर अगौर उसकी बहन डॉ. चरनप्रीत कौर के शव खून से लथपथ बरामद किए थे।

हत्या के इस ट्रिपल मर्डर के 2 दिन बाद पुलिस को प्रभजोत की एक्टिवा स्कूटी गांव भ्योरा के पास नहर के किनारे मिली थी। इसके बाद पुलिस को ये चला कि प्रभजोत ने नहर में छलांग लगा दी है। जिसकी तलाश भी की गई थी। मगर कहीं से भी प्रभजोत के बारे में कुछ पता नहीं चला। जबकि अगर किसी ने पानी में छलांग लगाई हो तो उसकी बॉडी 5 से 7 दिन के अंदर पानी से बाहर आ जाती है।

अब ये ही लग रहा है कि पुलिस का ध्यान इस मामले से हटाने के लिए प्रभजोत ने ऐसा किया हो। मगर वह कहीं और भाग गया। जब तक पुलिस को इसकी समझ आई तब तक वह पुलिस की पहुंच से दूर हो गया। वहीं ये तीनों मर्डर प्लानिंग के साथ किए थे, क्योंकि हत्या करने के बाद कातिल ने शव से बदबू बाहर न जाए इसलिए खिड़कियों पर रजाइयां तान दी और जहां डॉ. चरनप्रीत की लाश पड़ी थी उसके दरवाजे के नजदीक मैट रखा हुआ था ताकि ब्लड बाहर न जाए।

वहीं, प्रभजोत के पास दो मोबाइल नंबर थे और पुलिस ने जब उसके मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस की तो 10 अप्रैल की दोपहर तक दोनों नंबर चल रहे थे। 1 नंबर डीएवी स्कूल मार्ग और दूसरा मोबाइल नंबर कोटला निहंग के पास टावर लोकेशन में आया था।

प्रभजोत पर भी डॉक्टर बनने का प्रेशर डालते थे, इसके चलते था डिप्रेशन में

कत्ल से कुछ दिन पहले प्रभजोत ने एक गतका अखाड़ा से मिलकर ये जानने की कोशिश की कि वारदात के लिए कौन सा हथियार काम आएगा। उसने उक्त को ये कहा कि उसके कॉलेज में उसने तीन बुत काटने है। इससे पहले प्रभजोत ने घनौली के कसाई से बकरा काटने की सिखलाई ली थी और सूत्रों के मुताबिक उसने बकरे काटने वाले को ये कहा कि उसने दुकान करनी हैं, जिसके चलते काम सीखना है और वह 2 दिन बकरे काटने की सिखलाई लेता रहे और उसका दिल मजबूत हो जाए।

जानकारी के मुताबिक घर के लापता प्रभजोत पर डॉक्टर बनने का प्रेशर था, क्योंकि उसकी बहन के डॉक्टर बनने के बाद परिवार में एक बैंच मार्क स्थापित हो गया था। जिससे परिवार वाले प्रभजोत पर भी डॉक्टर बनने का प्रेशर डालते थे। मगर वह ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद उसको बीएएमएस में दाखिला दिला दिया गया। इसके चलते वह डिप्रेशन में रहता था।

ये है मामला

मंगलवार रात ये तीनों शव खून से लथपथ मिले थे। ये तीनों शव एक ही परिवार के सदस्यों के थे। जिसमें पति, पत्नी व उसकी बेटी शामिल थीं। जिनकी पहचान हरचरन सिंह व उनकी पत्नी परमजीत कौर तथा उनकी बेटी डॉ. चरनप्रीत कौर के रूप में हुई थी।

इस घर में कुल 4 लोग रहते थे, जिनमें चौथा बेटा प्रभजोत सिंह इनके साथ रहता था, जो इस घटना के बाद गायब हो गया था और उसका फोन भी स्विच ऑफ आ रहा था। इनके घर में दो कारें खड़ी थी, जिसमें एक एक्टिवा गायब थी। ये हत्या 2-3 दिन पुरानी बताई जा रही है।

खबरें और भी हैं...