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सियासत:पिता से विरासत में मिली राजनीति में अरोड़ा पहली बार बने मंत्री, 25 साल बाद परिवार में लौटा कैबिनेट रैंक, समर्थकों ने मनाया जश्न

संगरूरएक महीने पहले
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  • सुनाम विस क्षेत्र से 2 बार जीत चुके हैं अरोड़ा, 2017 में आप की टिकट से चुनाव लड़ा और पहली बार विधायक बने

सुनाम विधानसभा से रिकाॅर्ड मतों से दूसरी बार विधायक बने आम आदमी पार्टी के अमन अरोड़ा को मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया है। सोमवार को अरोड़ा ने चंडीगढ़ में अन्य चार विधायकों के साथ मंत्री पद की शपथ ली। अरोड़ा के साथ उनकी मां परमेश्वरी देवी और पत्नी सबीना अरोड़ा भी राज भवन पहुंची थीं। पिता स्वर्गीय भगवान दास अरोड़ा से विरासत में मिली राजनीति में अरोड़ा पहली बार मंत्री बने हैं। भगवान दास अरोड़ा कांग्रेस सरकार में 1995 से 97 तक मंत्री रह चुके हैं। अमन अरोड़ा बिजनेसमैन हैं। पिता सुनाम हलके से 2 बार (1992 और 1997) विधायक चुने जा चुके हैं। ऐसे में अमन अरोड़ा शुरू से ही राजनीति में पिता का कामकाज देखते आए हैं।

अमन अरोड़ा ने पहली बार सुनाम हलके से कांग्रेस की टिकट पर 2007 में चुनाव लड़ा था परंतु परिवार की गुटबाजी के कारण शिअद के परमिंदर सिंह ढींडसा से 10132 मतों के अंतर से हार गए थे। 2012 में अरोड़ा दोबारा कांग्रेस की टिकट पर ही चुनाव लड़े। इस बार भी वह ढींडसा से हार गए। जनवरी 2016 में अरोड़ा ने कांग्रेस का साथ छोड़कर आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली। 2017 में अरोड़ा पार्टी के सह कनवीनर और 2019 में लोकसभा चुनाव दौरान चुनाव प्रचार कमेटी के चीफ पद पर भी रहे। 2017 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने अमन अरोड़ा को सुनाम हलके से चुनाव मैदान में उतारा था। अरोड़ा रिकाॅर्ड 30,307 मतों के अंतर से शिअद के गोबिंद सिंह लौंगोवाल को चुनाव हराकर पहली बार विधायक बने थे। पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनी बावजूद इसके अरोड़ा आप के साथ बने रहे। हालांकि कई बार अटकलें आई कि अरोड़ा कांग्रेस में जा सकते हैं परंतु हर बार अरोड़ा मना करते रहे और पार्टी के साथ डटे रहे। 2022 में पार्टी ने फिर अरोड़ा को चुनाव मैदान में उतारा और वह पंजाब में सबसे अधिक मतों के अंतर 75,277 से कांग्रेस के जसविन्द्र धीमान से चुनाव जीत गए। अरोड़ा के लगातार दो बार रिकाॅर्ड मतों से चुनाव जीतने के कारण उनका न सिर्फ राजनीति में कद बढ़ गया बल्कि पार्टी में सीनियर की सूची में आ गए। पंजाब में आप की सरकार आने के कारण अटकलें तेज हुई कि अमन अरोड़ा को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा परंतु पहली सूची में उनका नाम न आने के कारण हलके के लोगों और उनके समर्थकों में निराशा का आलम था।

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