जन्म शताब्दी:श्री सुदर्शन लाल महाराज की जन्म शताब्दी श्रद्धा के साथ मनाई जा रही- सुनील मुनि

संगरूरएक महीने पहले
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  • हमारा भी फर्ज बनता है कि गुरुदेवों की दीक्षा भूमि में जैन धर्म का झंडा फहराया जाए

कवि रत्न श्री सुनील मुनि महाराज ने कहा कि संघ शास्ता शासन प्रभावक श्री सुदर्शन लाल महाराज की जन्म शताब्दी पूरे भारत में श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। गुरुदेव की दीक्षा संगरूर शहर में 1942 में हुई थी। दीक्षा भूमि होने के कारण यह शहर उनके लिए तीर्थ है। जन्म शताब्दी वर्ष होने के नाते उनका मन था कि जहां गुरुदेव सुदर्शन लाल महाराज को दीक्षा का पाठ पढ़ाकर पूरे भारत वर्ष में उन्होंने जैन धर्म का प्रचार व प्रसार किया। उसी कारण देश का बच्चा-बूढ़ा उनका ऋणी है। हमारा भी फर्ज बनता है कि गुरुदेवों की दीक्षा भूमि में जैन धर्म का झंडा फहराया जाए।

उन्होंने संघ संचालक श्री नरेश मुनि महाराज से अपील की कि साल 2022 का चातुर्मास की जिम्मेवारी उन्हें दी जाए। चातुर्मास की घोषणा हो गई लेकिन बाद में कई बाधाएं आई। उन्होंने बताया वीरवार का प्रवचन मुकेश कुमार, अतुल गोयल के निवास स्थान ऑफिसर कॉलोनी में सुबह 8 बजे होगा। एसएस जैन सभा के मंत्री सतभूषण जैन ने बताया कि जैन स्थानक मैगजीन मोहल्ला में चातुर्मास के लिए गुरुदेवों का मंगल प्रवेश 9 जुलाई को सुबह 7 बजे सुरेंदर नाथ, अशोक कुमार गर्ग के निवास स्थान से होगा। 8 जुलाई का प्रवान सुरेश कुमार, अश्वनी जैन के निवास स्थान पुनिया कॉलोनी में सुबह 8 बजे होगा।

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