लापरवाही / आंगनबाड़ी केंद्राें पर इस माह मिली केवल दाल

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दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

ब्यावर. शहर में संचालित होने वाली आंगनबाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत गर्भवती महिलाओं, धात्री, किशोरी बालिकाओं व सात माह से 6 वर्ष के बच्चों को इस माह केवल दाल का वितरण ही किया गया। गत माह उन्हें गेंहू व चावल दाेनाें मिले थे लेकिन उसके  बाद स्टाॅॅक खत्म हाेने के कारण दाल ही मिल पाई। गाैरतलब है कि सामान्य दिनाें में उन्हें पाेषहार के रूप में पंजीरी दी जाती है।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कोरोना वायरस के चलते प्रदेशभर में लॉकडाउन के कारण सरकारी स्कूल बंद होने की वजह से  पोषाहार का गेंहू खराब न हो इसलिए स्कूलों में रखा गेंहू व चावल पीइइअाे की देखरेख में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपुर्द करने के अादेश दिए तााकि कार्यकर्ता यह गेंहू धात्री व गर्भवती महिलाओं में वितरित कर सकें। लेकिन यह वितरण केवल मई माह तक चल सका। 

उसके बाद स्कूलों में पोषाहार का गेंहू व चावल खत्म हो गया। हालांकि शिक्षा विभाग से मिले आंकड़ाें पर नजर डालें तो कई मात्रा में गेंहू व चावल का स्टॉक शेष रहने के बावजूद आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए नहीं दिया गया। इसके पीछे शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जून माह से सरकारी स्कूलों में पंजीकृत बच्चों के अभिभावकों को पोषाहार का वितरण किए जाने की वजह से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गेंहू व चावल नहीं दिया गया।
117 केन्द्रों पर 4 हजार से अधिक पंजीकृत

शहर में 117 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित है, इन सब में 4 हजार 506 बच्चे, धात्री, गर्भवती व किशोरी बालिकाएं हैं।  जिन्हें 25 दिनों के लिए 1 किलो चावल व 3 किलाे गेंहू का मार्च माह तक वितरण किया गया। इसके बाद जून माह में स्कूलों की ओर से पोषाहार उपलब्ध नहीं करवाने पर राशन की दुकानों से गर्भवती महिला, धात्रियों व किशोरियों को 3 किलो दाल व 7 माह से 6 वर्ष के बच्चों के लिए 2 किलो दाल तथा अतिकुपोषित बच्चों के लिए 3 किलाे दाल का वितरण किया गया। सीडीपीईईओ नितेश यादव ने बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है। जल्द ही शेष पोषाहार सामाग्री वितरण किए जाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए राशन की दुकानों से गेंहू का वितरण करवाया जाएगा।

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