कार की इंटरलॉकिंग करने पर भड़के वकील:कोर्ट परिसर के बाहर रास्ता जाम कर जताया विरोध, चालान निरस्त होने के बाद हुआ विवाद खत्म

ब्यावर3 महीने पहले
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ब्यावर शहर की यातायात और पार्किंग व्यवस्था को सही करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को ट्रैफिक पुलिस ने सिटी थाने के बाहर खड़ी वकील कार को इंटरलॉकिंग करने के मामले ने तूल पकड़ लिया। वकील की कार की इंटरलॉकिंग करने की जानकारी मिलते ही बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों तथा वकील साथियों ने कोर्ट परिसर के सामने रास्ता जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान वकीलों ने न्यायालय परिसर का मैन गेट भी बंद कर दिया।

विरोध प्रदर्शन के दौरान वकील यातायात प्रभारी द्वारा वकील की कार की इंटरलॉकिंग करने का विरोध करते हुए चालान को निरस्त करने की मांग कर रहे थे। इस दौरान सभी वकील साथी पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी हाय-हाय के नारे लगा रहे थे। इसके बाद डीएसपी मनीष चौधरी को वकीलों ने घेर लिया। इस पर चौधरी अभिभाषक संघ कार्यालय पहुंचे और वकीलों से बातचीत की।

बातचीत के दौरान वकीलों ने बताया कि वकीलों का दिन में कई बार थाने आने-जाने का काम रहता है। इस दौरान उनके वाहन थाने के बाहर ही खड़े होते हैं। अगर ऐसे में दिनभर में जुर्माना किया जाएगा को कैसे बात बनेगी। वार्ता के दौरान डिप्टी चौधरी ने वकीलों की बात पर सहमति जताते हुए भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने का आश्वासन दिया।वहीं कोर्ट परिसर की पार्किंग व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए यहां पर भी एक होम गार्ड का जवान तैनात करने पर सहमति बनी।

यह था मामला

जानकारी के अनुसार ब्यावर संघ सदस्य एडवोकेट इजरायल सोमवार सुबह किसी काम से सिटी थाने गए थे। वे अपनी कार थाने के बाहर ही खड़ी कर भीतर गए थे। इस दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात यातायात प्रभारी परमेश्वर ने कार की इंटरलॉकिंग कर दी। जब वकील इजरायल थाने से बाहर आए तो यातायात प्रभारी ने उनका चालान बना दिया। इस पर दोनों में कहासुनी हो गई। थाने से कोर्ट पहुंचे एडवोकेट इजरायल ने साथी वकीलों को घटनाक्रम से अवगत कराया तो सभी ने इसका विरोध करते हुए न्यायालय परिसर के बाहर रास्ता जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड ने बताया कि वकील साथी की कार के चालान को लेकर पुलिस के साथ विवाद हो गया था। विवाद को लेकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में डीएसपी से बातचीत की गई। जिसमें चालान को निरस्त करने की बात कई गई। जिसके बाद विवाद खत्म हो गया।

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