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निर्माण कार्य:रिंग सिस्टम से जुड़ेंगे शहरी क्षेत्र के छह जीएसएसएस बार-बार की बिजली कटाैती से लोगों को मिलेगी निजात

ब्यावर4 दिन पहले
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  • दाे कराेड़ 36 लाख की आएगी लागत, दाे माह में पूरा हाेगा काम

ब्यावर विद्युत वितरण निगम की रिंग सिस्टम विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना का कार्य शुरू हो गया है। रिंग सिस्टम के तहत ब्यावर डिवीजन के शहरी क्षेत्र के छह जीएसएस को आपस में जोड़ा जाएगा। जीएसएस को रिंग सिस्टम से जोड़ने की योजना में लगभग दाे करोड़ 36 लाख रुपए की लागत आएगी।

शहरी क्षेत्र में स्थित 33 केवीए क्षमता के छह जीएसएस आपस में जुड़ने के बाद उपभोक्ताओं को कई घंटों तक होने वाली विद्युत कटौती से निजात मिलेगी। गत कई सालों से ब्यावर डिवीजन के अधिकारियों द्वारा मुख्यालय से शहरी क्षेत्र में रिंग सिस्टम विकसित किए जाने की मांग की जा रही थी। जिसके बाद हाल ही में मुख्यालय से रिंग सिस्टम विकसित करने को लेकर वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों के मुताबिक डेढ़ से दो माह में समस्त जीएसएस को आपस में जोड़ने का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
घनी आबादी में बिछाई जाएगी अंडरग्राउंड केबल
सीएसडी प्रथम के कनिष्ठ अभियंता अनिल तंवर ने बताया कि निगम की ओर से रिंग सिस्टम के तहत बनाए गए एस्टीमेट में लगभग 6.6 किलोमीटर की अंडरग्राउंड केबलिंग भी की जाएगी। जिसमें गढ़ी थोरियान 650 मीटर, गोविंदपुरा से जय मंदिर के बीच 2.50 किलोमीटर व अजमेर रोड पर लगभग 250 मीटर की अंडरग्राउंड केबलिंग की जाएगी। इसके साथ ही लगभग 01.08 किलोमीटर लंबी ओवरहेड विद्युत लाइन बिछाई जाएगी। जिसके बाद शहरी क्षेत्र में स्थित छह जीएसएस रिंग सिस्टम के जरिए आपस में एक दूसरे से कनेक्ट हो जाएंगे।

फैक्ट फाइल
रिंग सिस्टम के तहत कुल 6.6 किलोमीटर की अंडरग्राउंड केबल बिछाई जाएगी।
एक किलोमीटर 800 मीटर की ओवरहेड विद्युत लाइन बिछाई जाएगी।
शहरी क्षेत्र के 06 33/11 केवीए जीएसएस

छावनी पावर हाउस, लौहार बस्ती जीएसएस, गोविंदपुरा, सेदरिया, गढ़ी थोरियान, अजमेर रोड जीएसएस ) को आपस में जोड़ा जाएगा।
प्रत्येक जीएसएस पर दो 33 केवीए की विद्युत लाइन उपलब्ध रहेगी।
किसी भी जीएसएस की एक विद्युत लाइन में फॉल्ट आने पर उक्त जीएसएस को अन्य जीएसएस से विद्युत सप्लाई देने के लिए उसे अन्य 33 केवी लाइन से जोड़ दिया जाएगा। जिससे विद्युत सप्लाई फिर से सुचारू हाे पाएगी।
कुल लागत लगभग 02 करोड़ 36 लाख 27 हजार
यह होगा फायदा
शहरी क्षेत्र के 33 केवीए जीएसएस को एक-दूसरे से जुड़ जाएंगे।
उपभोक्ताओं को मिलेगी निर्बाध बिजली।
उपभोक्ताओं को कई घंटों तक विद्युत कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उपभोक्ताओं को व्यवधानरहित व उच्च क्वालिटी की विद्युत सप्लाई मिलेगी।
विद्युत तंत्र को मजबूती मिलेगी।
ब्यावर विद्युत वितरण निगम के शहरी क्षेत्र में रिंग सिस्टम विकसित करने का कार्य शुरु कर दिया गया है। इसमें लगभग 02 करोड़ 36 लाख की लागत आएगी। लगभग दो माह में कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। ब्यावर में रिंग सिस्टम विकसित किए जाने को लेकर कई सालों से मांग की जा रही थी। जिसे फिलहाल वित्तिय स्वीकृति प्राप्त हुई है।
दिनेश सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण निगम, ब्यावर

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