ऐसे कैसे हारेगा कोरोना / 2 दिन में 44 टीमों ने 3 हजार घरों का किया सर्वे, 15 हजार की स्क्रीनिंग, 51 के सैंपल, रिपाेर्ट सिर्फ 9 की

44 teams surveyed 3 thousand homes in 2 days, 15 thousand screenings, 51 samples, report only 9
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44 teams surveyed 3 thousand homes in 2 days, 15 thousand screenings, 51 samples, report only 9

  • पुरानी मिल चौराहा क्षेत्र में पिता-पुत्र के पॉजिटिव आने के बाद चिकित्सा विभाग ने बढ़ाई स्क्रीनिंग की गति, लगातार घर-घर जाकर काम कर रही है टीमें, पहले दिन एक किलोमीटर और दूसरे दिन तीन किलोमीटर क्षेत्र में की स्क्रीनिंग

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:41 AM IST

किशनगढ़. तीन दिन पूर्व पुरानी मिल चौराहा क्षेत्र में मुंबई से लौटे पिता-पुत्र के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद चिकित्सा विभाग ने इसे फैलने से रोकने के लिए कमर कस ली है। स्क्रीनिंग की गति को बढ़ाते हुए दो दिन में तीन हजार घरों के पंद्रह हजार लोगों की स्क्रीनिंग करवा दी। इस काम में 44 टीमें लगातार घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने में जुटी है। थर्मल मशीन से भी स्क्रीनिंग की जा रही है। पहले दिन टीम ने कर्फ्यू क्षेत्र के एक किलोमीटर दायरे में सात हजार घरों का सर्वे किया। जबकि दूसरे दिन तीन किलोमीटर क्षेत्र में आठ हजारों घरों का सर्वे कर कुल पंद्रह हजार लोगों की स्क्रीनिंग की है।

सुखद पहलू यह है कि इतनी सारी स्क्रीनिंग होने के बावजूद कोई केस सामने नहीं आया है। इसके बावजूद चिकित्सा विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। अस्पताल में कोरोना टेस्ट बढ़ा दिए है। साथ ही प्रसूताओं की भी कोरोना जांच की जा रही है। इधर कोरोना पॉजिटिव के संपर्क और आसपास के लोगों सहित लिए गए 44 सैंपल में से सात की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। बाकी अन्य रिपोर्टें आना बाकी है। रिपोर्टों अाने में देरी होने से विभाग की चिंता थोड़ी बढ़ी है।
जानकारी के अनुसार पिछले दो दिन में तीन कोरोना पॉजिटिव रोगी मिलने के बाद चिकित्सा विभाग ने राजकीय अस्पताल में भी कोरोना की जांच तेज कर दी है। दूसरे जिलों से आए लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। प्रतिदिन औसत तीस से चालीस लोगों के कोरोना जांच हो रहा है। इसमें किशनगढ़ शहरी क्षेत्र, ग्रामीण, अरांई और रूपनगढ़ क्षेत्र भी शामिल है। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के प्रसव से पूर्व कोरोना जांच की जा रही है। ताकि किसी तरह का खतरा ना रहे। सीजेरियन ऑपरेशन की स्थिति में ऑपरेशन तो कराए जा रहे हैं लेकिन कोरोना जांच के लिए भी सैंपल भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने तक प्रसूता को अलग से वार्ड में रखा जा रहा है। जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद प्रसूता को वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है।  
शहर के मुख्य बाजार में है घर, इसलिए दिखाई फुर्ती
कोरोना पॉजिटिव आए पिता-पुत्र पुरानी मिल चौराहा क्षेत्र में रहते हैं। यह क्षेत्र शहर का मुख्य बाजार है। अजमेर-जयपुर रोड, सिटी रोड, अस्पताल जाने वाला मुख्य रास्ता हैं। कई गांवों के रास्तों को जोड़ता है। मुख्य बाजार में होने की वजह से कोरोना के तेजी से फैलने की संभावनाओं को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने बिना देरी किए तुरंत 44 टीमों का गठन किया। एक टीम में दो से चार स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता घर-घर जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं। विभाग की जांच के दौरान सभी लोग स्वस्थ्य पाए गए। परिवार के एक-एक सदस्य का नाम, पता और उसके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को इंद्राज किया गया। इसके बाद पूरी रिपोर्ट को ऑनलाइन उच्चाधिकारियों को भेजा गया। 
जांच रिपोर्टों में देरी ने बढ़ाई चिंता
कोरोन पॉजिटिव आने के बाद शहर में दाे दिनों में करीब 51 से ज्यादा सैंपल जांच के लिए भेजे गए है। लेकिन जांच रिपोर्टें देरी से आ रही है। गुरुवार को सात रिपोर्ट और शुक्रवार को सिर्फ दो रिपोर्ट आई। अजमेर जेएलएन अस्पताल में लगातार दबाव बढ़ने की वजह से जांच रिपोर्ट देरी से आ रही हैं। पॉजिटिव आए पिता-पुत्र के ड्राइवर सहित अन्य रिश्तेदारों की रिपोर्ट आना बाकी है। अस्पताल प्रशासन जल्दी से जल्दी रिपोर्ट भिजवाने की मांग कर रहा है। ताकि किसी तरह की देरी ना हो। 
लक्ष्मीनगर और गुदली में भी स्क्रीनिंग
इसके अलावा चिकित्सा विभाग की टीमें लक्ष्मीनगर, गुदली क्षेत्र में भी लगातार स्क्रीनिंग कर रही है। हालांकि वहां पूर्व में आए दोनों रोगी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। सभी रिपोर्टें नेगेटिव आने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। भोपे के पॉजिटिव आए साथी कम्युनिटी सेंटर में क्वारेंटाइन था। उनके संपर्क के लोगों की भी जांच की जा रही है। इसी तरह अरांई और देवपुरी क्षेत्र में भी टीमें ऐहतियात के तौर पर प्रतिदिन स्वास्थ्य की जांच करने जाती है। किशनगढ़, अरांई में मिलाकर 100 से ज्यादा टीमें काम कर रही है।  

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