जातिगत समीकरण साधने में लगी कांग्रेस:अघोषित सूची में PCC सदस्यों के लिए चली दो नेताओं की सिफारिश

किशनगढ़11 दिन पहले
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कांग्रेस के संगठन चुनाव के लिए पीसीसी की ओर से हाल ही घोषित किए गए सदस्यों की सूची में अजमेर जिले से जातिगत समीकरण साधने की पूरी कोशिश की गई है। जिस तरह से प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सियासी शतरंज पर अपने प्यादे सैट किए हैं, उससे लग रहा है कि विधानसभा चुनावों में अजमेर जिले में कांग्रेस जातिगत समीकरण साधकर अपनी चौसर बिछा रही है।

पीसीसी की ओर से हाल ही आयोजित हुए डेलिगेट्स की बैठक में अजमेर जिले के कद्दावर नेता और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले धर्मेंद्र सिंह राठौड़ को जिला बदर कर दिया गया। उन्हें शकुंतला रावत के विधानसभा क्षेत्र बानसूर से प्रदेश कांग्रेस कमेटी में प्रवेश दिया गया। अघोषित सूची में जातिगत राजनीति का पूरा ध्यान रखा गया है। सूची में राजपूत वर्ग की तरफ से महेंद्र सिंह रलावता को अजमेर उत्तर और भूपेंद्र सिंह राठौड़ को केकड़ी से सदस्य बनाया गया। महाजन वर्ग से डॉक्टर श्रीगोपाल बाहेती को सूची में शामिल किया जाना चाहिए था।

उनकी जगह तीन महाजन राजू गुप्ता, विजय जैन, पारस पंच को लिया गया। जाट समुदाय की संप्रभुता को सम्मान देते हुए रामचंद्र चौधरी को रुपनगढ़ और नाथूराम सिनोदिया को किशनगढ़ से लिया गया। महेंद्र सिंह गुर्जर, रामनारायण गुर्जर और संग्राम सिंह गुर्जर को नसीराबाद तथा अजा-जजा वर्ग से राजकुमार जयपाल और हेमंत भाटी को शामिल किया गया। ब्राह्मण समुदाय से विधायक राकेश पारीक और पूर्व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के बेटे सागर शर्मा को टीम में शामिल किया गया है। रावत वर्ग का प्रतिनिधित्व मात्र सहदेव रावत के रूप में किया गया है। अल्पसंख्यकों में नसीम अख्तर पूरे जिले में एकमात्र नेता हैं।

तीन नेताओं की ही चली

सूची की पृष्ठभूमि साफ करती है कि जिले में तीन नेताओं की मुख्यतया चली। सचिन पायलट इनमें अग्रणी रहे। सत्तर फ़ीसदी लोग उनके ही रहे। उनके अलावा गोविंद सिंह डोटासरा की तरफ से तीन सदस्यों की पैरवी की गई। डॉ. रघु शर्मा ने किसी की पैरवी नहीं की। केवल उनके पुत्र को डेलिगेट बनाया गया। सिंधी बाहुल्य समुदाय को सूची में एक भी जगह नहीं दी गई। रघु शर्मा के चहेते दीपक हासानी पूरी तरह नजरअंदाज कर दिए गए।

जब डॉक्टर शर्मा स्वास्थ्य मंत्री थे तो उन्हें अजमेर जिले का मिनी मुख्यमंत्री कहा जाता था, लेकिन सूची में उनका प्रभाव पूरी तरह नगण्य रहा। अभी यह स्थिति अजमेर जिले में आठ विधानसभा सीट हैं। इनमें से दो पर केकड़ी से रघु शर्मा, मसूदा से राकेश पारीक कांग्रेस से है। किशनगढ़ से भाजपा के बागी निर्दलीय विधायक सुरेश टांक ने कांग्रेस सरकार को समर्थन दिया है। पुष्कर से सुरेश सिंह रावत, ब्यावर से शंकरसिंह रावत, नसीराबाद से रामस्वरूप लाम्बा, अजमेर उत्तर से वासुदेव देवनानी, दक्षिण से अनिता भदेल भाजपा के विधायक है।

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