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सरकार से तो झूठ मत बोलो साहब:VC में मंत्रियों को बता दिया- ऑक्सीजन पर्याप्त; हकीकत- अजमेर में कमी, पंचशील CHC में 100 के बजाय भर्ती किए जा रहे 39 मरीज

अजमेरएक वर्ष पहलेलेखक: सुनिल कुमार जैन

अजमेर जिला प्रशासन ने एक दिन पहले ही शुक्रवार को प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा से हुई वीडियो कांफ्रेसिंग में पर्याप्त ऑक्सीजन होने की बात बताई, लेकिन हकीकत कुछ उलट ही है।ऑक्सीजन बेड के लिए मरीज हॉस्पिटल में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। अजमेर में प्रशासन के दावे की पोल चिकित्सा व्यवस्थाएं खुद ही खोल रही हैं।

मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए पंचशील CHC में 100 बेड पर ऑक्सीजन लाइन बिछाई जा चुकी है। इसमें आज भी केवल 39 बेड का ही उपयोग हो रहा है। 61 बेड खाली पड़े हैं। इसका कारण केवल ऑक्सीजन की कमी है। ऐसे में इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। वहीं, ऑक्सीजन की आपूर्ति पर्याप्त नहीं होने को लेकर ब्यावर के विधायक शंकरसिंह रावत रविवार से भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दे चुके हैं।

VC में कलेक्टर ने बताई पर्याप्त ऑक्सीजन
जिले के प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया एवं चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अजमेर जिले में कोरोना महामारी से बचाव के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव वैभव गालरिया, चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन भी मौजूद रहे। जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने जिले में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन, ICU व वेंटिलेटर बेड उपलब्ध होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि सरकारी व निजी अस्पतालों में कोविड व अन्य बीमारियों का उपचार उपलब्ध है।

विधायक ने भेदभाव का आरोप भी लगाया
ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत ने कोविड-19 में सरकार की ओर से की जा रही चिकित्सा व्यवस्थाओं में भेदभाव करने का आरोप लगाया है। इसके चलते रावत ने रविवार से उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है। विधायक रावत ने कहा कि मैं भूख हड़ताल से मर जाउं तो कोई चिन्ता नहीं, लेकिन ऑक्सीजन की कमी से जनता का मरना बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार कुछ नहीं कर रही। मरीजों को मरने के लिए छोड़ दिया है। मरीज और परिजन दर-दर की ठोकरे खाकर भटकर रहा है। कांग्रेस सरकार का चिकित्सा प्रबंधन फेल साबित हो रहा है।

ऐसा अन्याय ब्यावर की जनता और वे खुद भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अजमेर जिले से चिकित्सा मंत्री है, लेकिन सरकार व्यवस्थाएं करने में भेदभाव कर रही है। जबकि ब्यावर में आस पास के चार जिले अजमेर, राजसमन्द, पाली व भीलवाड़ा के मरीज भर्ती होते है।

लाइन बिछाने का काम पूरा, लेकिन सुविधा नहीं
पिछले दिनों जिला प्रशासन ने पंचशील में कोविड सेंटर खोलकर दावा किया था कि यहां पर 100 मरीजों को ऑक्सीजन बेड की सुविधा मिलेगी और JLN अस्पताल पर मरीजों का दबाव कम होगा। लाइन बिछाने के बाद भी अब तक 100 मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही। अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी व पंचशील CHC के प्रभारी डॉ. सम्पत सिंह जोधा ने बताया कि वर्तमान में यहां पर 39 मरीजों का ऑक्सीजन पर उपचार किया जा रहा है। लाइन सभी बेड पर बिछा दी गई है, लेकिन उपयोग करने के लिए ऑक्सीजन भी तो होनी चाहिए। ऑक्सीजन की उपलब्धता होने पर सभी बेड पर भर्ती किया जाएगा।

यहां कब शुरू होंगे, तय नहीं
गत दिनों प्रशासन ने चन्द्रबरदाई CHC में 100 ऑक्सीजन बेड की सुविधा मुहैया कराने की बात कही थी। जदहां अब तक मरीजों को भर्ती करना शुरू नहीं किया है। वहीं, दो तीन दिन पहले कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं रोगियों को उनके घर के पास ही उपचार की सुविधा देने के लिए जिला प्रशासन ने अजमेर जिले में 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर डेडीकेटेड कोविड हैल्थ सेन्टर स्थापित करने के निर्देश दिए। इन सभी CHC पर कुल 130 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध होंगे। अब यह कब शुरू होंगे, कुछ तय नहीं।

तीनों चिकित्सालयों की यह है कल की स्थिति
जेएलएन चिकित्सालय में 589, राजकीय सैटेलाईट चिकित्सालय में 35 तथा पंचशील अरबन सीएचसी में 39 कोविड मरीज भर्ती है। शुक्रवार को जेएलएन चिकित्सालय में 63, सैटेलाईट चिकित्सालय में 4 तथा पंचशील अरबन सीएचसी में 17 नए मरीज भर्ती किए गए। इन चिकित्सालयों की कोविड ओपीडी में प्रतिदिन कोरोना व आईएलआई मरीजों का उपचार किया जा रहा है। शुक्रवार को तीनों चिकित्सालयों में 450 व्यक्तियों को कोविड ओपीडी में आवश्यक उपचार के लिए परामर्श प्रदान किया गया।