राजस्थान के संस्थानों का बढ़ेगा राजस्व:एक्रीडिटेशन वाले काेर्सेज में 15% विदेशी छात्रों को दाखिला, भारतीय स्टूडेंट्स को होगा फायदा

अजमेर2 महीने पहलेलेखक: सादिक अली
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  • फॉरेन स्टूडेंट्स का कोटा एआईसीटीई करेगी तय, 2023 तक मान्यता

प्रदेश के कई इंजीनियरिंग काॅलेजाें के काेर्सेज काे एनबीए एक्रीडिटेशन मिला है। अगस्त-नवंबर 2021 में शहर के बड़लिया स्थित इंजीनियरिंग काॅलेज के 5, आरटीयू बीकानेर के 4 और एमबीएम जाेधपुर के 3 काेर्सेज काे नेशनल बाेर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन मिलने के बाद इन काेर्सेज में विदेशी विद्यार्थियाें के लिए काेटा निर्धारण का रास्ता भी साफ हुआ है। इन संस्थाओ के एक्रीडेटेड काेर्सेज में एआईसीटीई 15 फीसदी विदेशी विद्यार्थियाें का काेटा देगी। विदेशी विद्यार्थियाें के आने से काॅलेजाें काे कमाई में भी बढ़ाेतरी हाेगी।

एनबीए ने बड़लिया स्थित इंजीनियरिंग काॅलेज के कंप्यूटर इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्राेरल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्राॅनिक एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग में एक्रीडिटेशन दिया है। यानी इन विभागाें के काेर्सेज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता वाले काेर्सेज में शुमार हाे गए हैं। एनबीए ने काॅलेज काे 2019- से 2023 तक यह मान्यता दी है।

इसी तरह अगस्त- सितंबर प्रदेश के आरटीयू के 4 विभागाें के काेर्सेज और एमबीएम जाेधपुर के 3 काेर्सेज इलेक्ट्रीकल, मैकेनिकल और पी एंड आई काे भी मान्यता मिली है। एनबीए एक्रीडिटेशन के लिए काेर्स वाइस मापदंड देखे जाते हैं। 1000 अंकाें में से कम से कम 600 अंक लाना जरूरी हाेता है। निर्धारित मापदंड पूरा करने वाले काेर्सेज काे तीन साल के लिए मान्यता मिलती है। इसके बाद हर बार एक्रीडिटेशन के लिए अप्लाई करना हाेता है।

बड़लिया स्थित इंजीनियरिंग काॅलेज के 2021 में पास आउट हाेने वाले विद्यार्थियाें काे भी इसका फायदा मिलेगा। प्राचार्य डाॅ. रेखा मेहरा के मुताबिक इन काेर्सेज में इस साल पास आउट हाेने वाले विद्यार्थियाें की मार्कशीट में भी इसे अंकित किया जाएगा।

विदेशी यूनिवर्सिटीज में प्राथमिकता

प्राचार्य डाॅ. रेखा मेहरा ने बताया कि एक्रीडिटेशन का फायदा विदेशाें में भी मिलता है। विदेशाें में ज्यादातर यूनिवर्सिटी में एक्रीडेटेड काेर्से वाले विद्यार्थियाें काे प्राथमिकता दी जाती है। साथ ही इसका फायदा विदेशाें में प्लेसमेंट में भारतीय विद्यार्थियाें काे मिलता है।

एआईसीटीई की याेजनाएं भी दिलाएगी फायदा

एआईसीटीई की दाे याेजनाएं डासा और आईसीसीसीआर के तहत 15 फीसदी एडिशनल सीट का फायदा मिलेगा। इंजीनियरिंग काॅलेज में कुल 2100 विद्यार्थी हैं। इनमें 400 लड़काें पर 60 लड़कियाें का रेशियाे है। कुल 9 विभाग संचालित है। इनमें से पांच विभागाें के काेर्सेज काे एनबीए का एक्रीडिटेशन मिला है।

हर विदेशी विद्यार्थी के लिए 8 हजार डाॅलर फीस तय | 15 फीसदी काेटा मिलने से अजमेर के इंजीनियरिंग काॅलेज काे 3 कराेड़ रुपए से ज्यादा फीस के रूप में मिलेंगे। हर विदेशी विद्यार्थी के लिए 8 हजार डाॅलर फीस तय है। डाॅलर की वर्तमान कीमत 75.33 रुपए है। यानी 8 हजार डाॅलर की कीमत 6 लाख 2 हजार 640 रुपए हाेती है। यह फीस पूरे काेर्स के लिए हाेती है।

जिन काेर्स में एक्रीडिटेशन मिला है उन काेर्सेज में कुल विद्यार्थियाें की तादाद 345 हैं। जिनमें कंप्यूटर इंजीनियरिंग में 90, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 45, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 90, इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्राेरल इंजीनियरिंग में 60 और इलेक्ट्राॅनिक एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग में 60 सीट हैं। सीटाें के आधार पर 15 फीसदी काेटे के तहत करीब 50 विदेशी विद्यार्थियाें का प्रवेश हाे सकता है।

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